चीन उठा रहा मिडल ईस्ट जंग का फायदा ! ताइवान पर अटैक की तैयारी, ADIZ में घुसे सैन्य और युद्धक विमान

punjabkesari.in Monday, Mar 16, 2026 - 01:11 PM (IST)

International Desk: एशिया-प्रशांत क्षेत्र में तनाव एक बार फिर बढ़ गया है। दरअसल  चीन मिडल ईस्ट जंग का फायदा  उठा कर ताइवान पर हमले की तैयारियों को बढ़ा रहा है ! Taiwan के रक्षा मंत्रालय ने बताया कि China के कई सैन्य विमान और नौसैनिक जहाज द्वीप के आसपास देखे गए हैं। रिपोर्ट के अनुसार पिछले 24 घंटों में 26 चीनी सैन्य विमान ताइवान के आसपास उड़ान भरते देखे गए। इनमें से 16 विमान ताइवान के एयर डिफेंस आइडेंटिफिकेशन ज़ोन (ADIZ) में दाखिल हुए। ताइवान के रक्षा अधिकारियों ने बताया कि विमानों के साथ-साथ 7 चीनी नौसैनिक जहाज भी द्वीप के आसपास के समुद्री क्षेत्र में सक्रिय देखे गए।  इसके जवाब में ताइवान की सेना ने लड़ाकू विमान तैनात किए, नौसैनिक जहाजों को निगरानी पर लगाया और तटीय मिसाइल सिस्टम सक्रिय किए ताकि चीनी गतिविधियों पर लगातार नजर रखी जा सके।

 

10 दिन की रहस्यमयी खामोशी के बाद अचानक गतिविधि
दिलचस्प बात यह है कि इससे पहले लगभग 10–14 दिनों तक चीनी सैन्य उड़ानों में असामान्य कमी देखी गई थी। विश्लेषकों का कहना है कि यह कमी कई कारणों से हो सकती है 

  • चीन की संसद की वार्षिक बैठक
  • सैन्य रणनीति में बदलाव
  • संभावित कूटनीतिक घटनाक्रम
  • लेकिन अब अचानक बड़े पैमाने पर उड़ानों की वापसी ने सुरक्षा विशेषज्ञों को फिर सतर्क कर दिया है।
  • “ग्रे-ज़ोन युद्धनीति” का हिस्सा

 

ताइवान का कहना है कि चीन लगातार “ग्रे-ज़ोन रणनीति” अपनाकर दबाव बना रहा है। इस रणनीति में बार-बार सैन्य विमान भेजना नौसैनिक गश्त बढ़ाना, एयर डिफेंस जोन में घुसपैठ करना शामिल है, ताकि बिना सीधे युद्ध के ताइवान की सैन्य क्षमता और मनोबल पर दबाव बनाया जा सके।  China ताइवान को अपना हिस्सा मानता है और जरूरत पड़ने पर बल प्रयोग कर “पुनः एकीकरण” की चेतावनी देता रहा है। दूसरी ओर Taiwan खुद को एक स्वतंत्र लोकतांत्रिक सरकार वाला देश मानता है और चीन के दावे को स्वीकार नहीं करता। 1949 में चीनी गृहयुद्ध के बाद से दोनों के बीच राजनीतिक विभाजन बना हुआ है।

 

पिछले पांच वर्षों में तेजी से बढ़ी चीनी सैन्य गतिविधि
रिपोर्टों के अनुसार ताइवान के आसपास चीनी सैन्य गतिविधि पिछले पांच वर्षों में करीब 15 गुना बढ़ चुकी है। 2020 में जहां लगभग 380 घटनाएँ दर्ज हुई थीं, वहीं हाल के वर्षों में यह संख्या 5000 से अधिक तक पहुंच गई। विशेषज्ञों का मानना है कि ताइवान स्ट्रेट में बढ़ता तनाव न केवल एशिया बल्कि वैश्विक सुरक्षा और व्यापार मार्गों के लिए भी बड़ा खतरा बन सकता है। क्योंकि यह क्षेत्र दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री व्यापार मार्गों में से एक है।

 


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Content Writer

Tanuja

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