सीजफायर के बीच ईरान का ‘डबल गेम’: फारसी बनाम अंग्रेजी प्रस्ताव में किया बड़ा घोटाला ! अपनी जनता को ही बना दिया मूर्ख
punjabkesari.in Wednesday, Apr 08, 2026 - 04:52 PM (IST)
International Desk: ईरान और अमेरिका के बीच सीजफायर भले ही लागू हो गया हो, लेकिन असली लड़ाई अब कूटनीति के स्तर पर चल रही है। दोनों देशों के बीच हुए दो हफ्ते के युद्धविराम के बीच अब एक नया विवाद सामने आ गया है, जिसने पूरी कूटनीतिक प्रक्रिया पर सवाल खड़े कर दिए हैं। मामला ईरान के 10-सूत्रीय प्रस्ताव की भाषा को लेकर है। रिपोर्ट्स के मुताबिक, इस प्रस्ताव के दो अलग-अलग संस्करण सामने आए हैं एक फारसी में और दूसरा अंग्रेजी में। फारसी भाषा वाले दस्तावेज में ईरान ने साफ तौर पर मांग की है कि अमेरिका उसके यूरेनियम संवर्धन (Uranium Enrichment) के अधिकार को मान्यता दे।
लेकिन जब इसी दस्तावेज का अंग्रेजी अनुवाद जारी किया गया, तो यह अहम मांग उसमें गायब पाई गई।विशेषज्ञ इसे “रणनीतिक अस्पष्टता” (Strategic Ambiguity) बता रहे हैं। इसका मतलब यह है कि ईरान अपने देश के लोगों को यह दिखाना चाहता है कि उसने अपने परमाणु अधिकार सुरक्षित कर लिए हैं, जबकि अंतर्राष्ट्रीय स्तर पर वह अपने रुख को लचीला रखना चाहता है।“रणनीतिक अस्पष्टता” ने इस समझौते को और जटिल बना दिया है, जिससे आने वाले दिनों में नई तनातनी की आशंका बनी हुई है।
ट्रंप का 15-सूत्रीय प्लान
- अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने ईरान के सामने 15 बिंदुओं वाला एक सख्त प्रस्ताव रखा है।
- नातांज, फोर्डो और इस्फहान जैसे परमाणु ठिकानों को निष्क्रिय करना
- International Atomic Energy Agency की सख्त निगरानी
- समृद्ध यूरेनियम के भंडार को देश से बाहर भेजना या IAEA को सौंपना
- बैलिस्टिक मिसाइल कार्यक्रम को सीमित करना
- Hezbollah और हूती जैसे समूहों को समर्थन बंद करना
- इसके बदले अमेरिका ने प्रतिबंध हटाने और नागरिक परमाणु ऊर्जा में मदद का प्रस्ताव दिया है।
- ट्रंप ने इस समझौते को “100 प्रतिशत जीत” बताया और कहा कि अगर यूरेनियम का मुद्दा हल नहीं हुआ होता, तो वह इस डील के लिए तैयार नहीं होते।
ईरान की बड़ी मांगें
- ईरान के 10-सूत्रीय प्लान में सिर्फ परमाणु मुद्दा ही नहीं, बल्कि कई बड़े भू-राजनीतिक मुद्दे भी शामिल हैं।
- Strait of Hormuz से गुजरने वाले जहाजों पर 20 लाख डॉलर शुल्क लगाने की मांग।
- इस राशि को ओमान के साथ साझा कर युद्ध के बाद पुनर्निर्माण में इस्तेमाल करना।
- क्षेत्र से अमेरिकी सेना की पूरी वापसी।
- अमेरिका द्वारा रोकी गई ईरानी संपत्तियों और फंड को तुरंत जारी करना।
