ईरान में अंदरूनी बगावत चरम पर: देश छोड़ चुके मोजतबा खामेनेई, सऊदी मीडिया के दावे से मचा हड़कंप
punjabkesari.in Sunday, Jul 19, 2026 - 07:22 PM (IST)
International Desk: ईरान में सत्ता संघर्ष और राजनीतिक अस्थिरता की अटकलों के बीच एक नया दावा सामने आया है। सऊदी समाचार चैनल अल-हदाथ (Al-Hadath) ने एक इजरायली सुरक्षा सूत्र के हवाले से दावा किया है कि ईरान के सर्वोच्च नेता मोजतबा खामेनेई इस समय ईरान में नहीं हैं। हालांकि, ईरानी सरकार, इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) या किसी स्वतंत्र अंतरराष्ट्रीय स्रोत ने इस दावे की पुष्टि नहीं की है। इसलिए इस खबर की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हो सकी है।
सऊदी मीडिया का दावा
रिपोर्ट के अनुसार, मोजतबा खामेनेई अपने पिता अली खामेनेई की मौत के बाद सर्वोच्च नेता बने, लेकिन तब से उन्होंने कोई सार्वजनिक कार्यक्रम नहीं किया है। उनके नाम से जारी सभी संदेश केवल लिखित रूप में सामने आए हैं। अल-हदाथ ने इजरायली सुरक्षा सूत्र के हवाले से दावा किया कि मोजतबा खामेनेई के आधिकारिक बयान वास्तव में IRGC प्रमुख अहमद वाहिदी और अन्य वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों की देखरेख में तैयार किए जा रहे हैं। हालांकि, इस दावे का कोई आधिकारिक या स्वतंत्र प्रमाण उपलब्ध नहीं है।
रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ईरान के भीतर कट्टरपंथी और अपेक्षाकृत उदारवादी नेतृत्व के बीच मतभेद लगातार बढ़ रहे हैं। कथित तौर पर कट्टरपंथी गुटों का आरोप है कि सरकार ने अमेरिका के साथ समझौता कर ईरान की क्रांतिकारी नीति से समझौता किया है। अंतरराष्ट्रीय मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अली खामेनेई के अंतिम संस्कार के दौरान राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन के खिलाफ "समझौतावादी मुर्दाबाद" जैसे नारे लगाए गए। वहीं विदेश मंत्री अब्बास अराघची, जिन्होंने अमेरिका के साथ युद्धविराम वार्ता में भूमिका निभाई थी, उनके खिलाफ भी प्रदर्शन हुआ। कुछ रिपोर्टों में दावा किया गया कि प्रदर्शनकारियों ने उन्हें "देशद्रोही" कहा और उन पर कथित रूप से पथराव भी किया, जिसके बाद उन्हें कार्यक्रम बीच में छोड़ना पड़ा। इन दावों की भी स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
कट्टरपंथियों ने लगाया 'सॉफ्ट कूप' का आरोप
रिपोर्टों के मुताबिक कट्टरपंथी सांसद महमूद नबावियन ने सोशल मीडिया पर सवाल उठाया कि क्या ईरान में राजनीतिक तख्तापलट (Soft Coup) की तैयारी चल रही है। उनका आरोप है कि राष्ट्रपति पेजेशकियन, संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर गालिबाफ और विदेश मंत्री अराघची सर्वोच्च नेता की भूमिका को कमजोर कर राष्ट्रीय सुरक्षा परिषद को अधिक शक्तिशाली बनाने की कोशिश कर रहे हैं। अमेरिका स्थित ईरान मामलों के विशेषज्ञ अराश अज़ीजी ने CNN से कहा कि मोजतबा खामेनेई की सार्वजनिक गैरमौजूदगी के कारण सरकार के अन्य नेता अधिक प्रभावशाली बनकर उभरे हैं। उनके अनुसार, इसी वजह से कट्टरपंथी गुट गालिबाफ और पेजेशकियन पर सत्ता हथियाने की साजिश का आरोप लगा रहे हैं। अब तक ईरान की सरकार, सर्वोच्च नेता के कार्यालय या IRGC की ओर से इस बात की कोई पुष्टि नहीं की गई है कि मोजतबा खामेनेई देश से बाहर हैं। इसलिए इस दावे को फिलहाल अपुष्ट माना जा रहा है।
