ट्रंप के खिलाफ बेटे ने ही खोला मोर्चा; पिता को दी चेतावनी, ईरान युद्ध में अमेरिका को मत घसीटो

punjabkesari.in Thursday, Oct 22, 2026 - 01:23 PM (IST)

Washington: ईरान के साथ जारी सैन्य संघर्ष को लेकर अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के परिवार के भीतर भी असहमति होने का दावा किया गया है। द अटलांटिक की एक रिपोर्ट के अनुसार, ट्रंप के बड़े बेटे डॉनल्ड ट्रंप जूनियर ने अपने पिता के साथ निजी बातचीत में ईरान युद्ध को लेकर चिंता जताई और अमेरिका को मध्य पूर्व के एक और युद्ध में शामिल करने का विरोध किया। रिपोर्ट के मुताबिक, 2024 के राष्ट्रपति चुनाव अभियान के दौरान डॉन जूनियर चाहते थे कि उनके पिता अमेरिका को मध्य पूर्व में एक और युद्ध में उलझने से बचाएं। हालांकि, रिपोर्ट में जिन सूत्रों का हवाला दिया गया है, उनके अनुसार, बाद में अमेरिका ईरान के साथ लंबे समय तक चलने वाले सैन्य संघर्ष में शामिल हो गया।

रिपोर्ट में एक सूत्र के हवाले से कहा गया कि डॉन जूनियर ने ईरान युद्ध के प्रति अपना विरोध निजी बातचीत में बार-बार व्यक्त किया है। हालांकि, वह सार्वजनिक रूप से अपने पिता के खिलाफ इस मुद्दे पर बोलने से बचते रहे हैं। सूत्र ने कहा कि डॉन अपने विचारों को निजी रखते हैं और कोई ऐसा व्यक्ति जो उन्हें अच्छी तरह जानता है, उनके निजी रुख से हैरान नहीं होगा। डॉन जूनियर को रिपब्लिकन पार्टी के उस धड़े के करीब माना जाता है, जो अमेरिकी घरेलू प्राथमिकताओं को विदेशी सैन्य अभियानों से ऊपर रखने की वकालत करता है। रिपोर्ट के अनुसार, वह दिवंगत रूढ़िवादी कार्यकर्ता चार्ली किर्क के भी करीबी रहे थे, जो विदेशी युद्धों में अमेरिकी भागीदारी के विरोधी थे।


MAGA खेमे में भी बढ़ा असहमति
ईरान युद्ध ने ट्रंप के राजनीतिक आधार माने जाने वाले ‘मेक अमेरिका ग्रेट अगेन’ यानी एमएजीए खेमे के भीतर मतभेदों को उजागर किया है। इस खेमे के कुछ नेताओं और समर्थकों का मानना है कि विदेशी युद्धों पर संसाधन खर्च करने से अमेरिका की घरेलू समस्याओं, आर्थिक प्राथमिकताओं और नागरिकों की जरूरतों से ध्यान हटता है। रिपोर्ट में एक सूत्र ने डॉन जूनियर को ट्रंप के समर्थक खेमे का बेहद प्रमुख प्रतिनिधि बताया। इससे यह बहस तेज हुई है कि विदेश नीति और सैन्य अभियानों को लेकर ट्रंप के समर्थकों के बीच एक जैसी राय नहीं है।


जेडी वेंस समेत कई अधिकारियों ने जताई चिंता
द अटलांटिक की रिपोर्ट में दावा किया गया है कि ट्रंप प्रशासन के कुछ वरिष्ठ अधिकारियों ने भी ईरान संघर्ष को लेकर निजी तौर पर संदेह जताया था। इनमें उपराष्ट्रपति जेडी वेंस का नाम शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार, इजराइल के सैन्य अभियान का समर्थन करने या न करने पर विचार-विमर्श के दौरान कुछ अधिकारियों ने संघर्ष में अमेरिकी भागीदारी को लेकर सवाल उठाए थे। CIA निदेशक जॉन रैटक्लिफ और विदेश मंत्री मार्को रुबियो ने भी कथित तौर पर इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू की फरवरी में पेश की गई शुरुआती योजना पर संदेह जताया था। उनकी चिंता थी कि केवल हवाई हमलों के जरिये किसी शासन को सत्ता से हटाने का लक्ष्य हासिल करना कितना संभव होगा। 

 
65 प्रतिशत अमेरिकी ट्रंप के ईरान युद्ध प्रबंधन से असंतुष्ट
रिपोर्ट में प्यू रिसर्च सेंटर के एक सर्वेक्षण का भी उल्लेख किया गया है। इसके मुताबिक, 28 सितंबर से 4 अक्टूबर 2026 के बीच किए गए सर्वेक्षण में 65 प्रतिशत अमेरिकी नागरिकों ने ईरान संघर्ष से निपटने के ट्रंप के तरीके पर असहमति जताई, जबकि 33 प्रतिशत ने इसका समर्थन किया। सर्वेक्षण के अनुसार, रिपब्लिकन मतदाताओं के बीच भी समर्थन में गिरावट दर्ज की गई। मार्च में जहां 69 प्रतिशत रिपब्लिकन ट्रंप के रुख का समर्थन कर रहे थे, वहीं यह आंकड़ा घटकर 63 प्रतिशत रह गया।  रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि करीब आधे अमेरिकी नागरिकों को आशंका थी कि संघर्ष एक वर्ष से अधिक समय तक चल सकता है। यह अवधि प्रशासन के शुरुआती चार से छह सप्ताह के अनुमान से काफी लंबी है। जारी है। 


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Content Writer

Tanuja

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