इलाज में डॉक्टरों की मदद कर रहे रोबोट, मरीजों की सुनता है धड़कनें

2020-03-25T08:45:00.267

इंटरनेशनल डेस्क: कोविड-19 से विश्वव्यापी लड़ाई में अब संक्रमित मरीजों से सीधे संपर्क से बचने के लिए रोबोट्स का सफलतापूर्वक इस्तेमाल किया जा रहा है। वैज्ञानिकों ने डाक्टरों, स्वास्थ्यकर्मियों और अस्पतालों के लिए रोबोट के ऐसे प्रकार विकसित किए हैं जो संक्रमित मरीज को छुए बिना और उससे एक निश्चित दूरी बनाकर उसका इलाज करने में मदद कर रहे हैं। 

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पेट्रोलिंग रोबोट
जैसे पुलिस की पेट्रोलिंग पार्टी रास्ते में रोककर पूछताछ करती है, ठीक वैसे ही यह रोबोट अस्पताल आने वाले मरीजों और तिमारदारों का तापमान लेता है, उनकी पहचान (आइडैंटिटी) लेता है और अस्पताल में आने-जाने के रास्तों और जगहों को डिस्इंफैक्ट करता है। यह पेट्रोलिंग रोबोट चीनी कंपनी ने विकसित किया है।

 

टैलीहैल्थ  
कैमरों से सुसज्जित इस 5जी मैडिकल रोबोट से वीडियो कांफ्रैंसिंग के जरिए संक्रमित मरीज की निगरानी की जा सकती है और उससे संपर्क किए बिना दूर से ही बातचीत करके उसका उपचार किया जा सकता है। थाइलैंड में इसे निंजा रोबोट के नाम से इस्तेमाल किया जा रहा है।

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रोबोटिक आर्म 
कैमरों, सैंसरों, स्पीकरों व अन्य उपकरणों से तैयार गई इस लंबी बांह (आर्म) से डाक्टर एक अलग कमरे में बैठे-बैठे संक्रमित मरीज के अंगों की धड़कनें सुन सकते हैं, उसका अल्ट्रासाऊंड कर सकते हैं, यहां तक कि मरीज की लार के सैंपल भी उठा सकते हैं। यह रोबोटिक आर्म भी चीनी वैज्ञानिकों ने तैयार की है।

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वायरस विध्वंसक रोबोट 
यह रोबोट अस्पताल के कमरों में अपने आप चलता-फिरता है। चलते हुए यह सघन अल्ट्रावायलेट-सी किरण फैंकता चलता है। यह किरण जिस-जिस तल पर पड़ती है उसे विषाणु रहित कर देती है। अल्ट्रावायलेट-सी किरण की योग्यता यह है कि यह वायरस के डी.एन.ए. व आर.एन.ए. को निष्प्राण करके उसे नष्ट कर देती है। आर.एन.ए. में वायरस की आनुवांशिक कूटभाषा होती है। इस रोबोट को यू.वी. रोबोट कहा जाता है। इसे डेनमार्क और अमरीका की कंपनी ने बनाया है। 


vasudha

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