पुतिन ने यूरोप के जख्मों पर छिड़का नमक ! ट्रंप को ग्रीनलैंड की बताई नई कीमत! कसा तंज-‘अमेरिका इतना तो दे ही सकता’
punjabkesari.in Thursday, Jan 22, 2026 - 06:05 PM (IST)
International Desk: दुनिया के कूटनीतिक मंच पर ग्रीनलैंड को लेकर बहस तेज़ है। इसी बीच रूस के राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने इस मुद्दे पर ऐसा बयान दिया है, जिसने यूरोप को असहज कर दिया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के ग्रीनलैंड खरीदने के पुराने रुख पर तंज कसते हुए पुतिन ने इसकी कीमत 200 से 250 मिलियन डॉलर, यानी करीब 23 अरब रुपये बताई। पुतिन ने कहा कि ग्रीनलैंड का विवाद रूस से जुड़ा नहीं है और यह पूरी तरह डेनमार्क और अमेरिका का आपसी मामला है। उन्होंने साफ कहा,“यह निश्चित रूप से हमसे संबंधित नहीं है। मुझे लगता है कि वे इसे आपस में सुलझा लेंगे।”
इतिहास के सहारे कीमत तय
21 जनवरी 2026 को रूसी सुरक्षा परिषद की बैठक में पुतिन ने इतिहास का हवाला देते हुए ग्रीनलैंड की कीमत समझाई। उन्होंने याद दिलाया कि 1867 में रूस ने अलास्का अमेरिका को 7.2 मिलियन डॉलर में बेचा था। महंगाई के हिसाब से आज इसकी कीमत करीब 158 मिलियन डॉलर बैठती है।पुतिन ने बताया कि अलास्का का क्षेत्रफल लगभग 1.717 मिलियन वर्ग किलोमीटर है और ग्रीनलैंड का क्षेत्रफल लगभग 2.166 मिलियन वर्ग किलोमीटर है। इस तुलना के आधार पर उन्होंने कहा कि ग्रीनलैंड की कीमत 200-250 मिलियन डॉलर से ज्यादा नहीं होनी चाहिए। उन्होंने तंज कसते हुए कहा कि “अमेरिका इतना खर्च तो उठा ही सकता है।”
डेनमार्क पर सीधा हमला
पुतिन ने डेनमार्क को चिढ़ाते हुए कहा कि उसने ग्रीनलैंड के साथ हमेशा एक कॉलोनी जैसा व्यवहार किया है और वहां के लोगों के साथ सख्ती बरती है। उन्होंने यह भी याद दिलाया कि 1917 में डेनमार्क ने वर्जिन आइलैंड्स अमेरिका को बेच दिए थे, यानी दोनों देशों के बीच जमीन की खरीद-फरोख्त का इतिहास रहा है।
यूरोप के जख्म कुरेदे
विश्लेषकों के मुताबिक, पुतिन का यह बयान यूरोप और अमेरिका के बीच चल रही तनातनी को और उजागर करता है। जिस द्वीप को यूरोप संप्रभुता का मुद्दा मानता है, उसे पुतिन ने सस्ते सौदे की तरह पेश कर दिया। इससे यूरोप की राजनीतिक और नैतिक स्थिति पर सवाल खड़े हुए हैं। दरअसल, यूक्रेन युद्ध को लेकर पिछले चार वर्षों से यूरोपीय देशों के साथ टकराव झेल रहे पुतिन, अब अमेरिका-यूरोप के आपसी मतभेदों को दूर से देख रहे हैं—और मौका मिलते ही तंज कसने से भी नहीं चूक रहे।
