पाकिस्तान में पश्तूनों का अस्तित्व खतरे में, तिराह घाटी में इंसानियत पर वार ! सेना ने बर्फीली ठंड में बेघर किए हजारों परिवार

punjabkesari.in Saturday, Jan 24, 2026 - 05:44 PM (IST)

Peshawar: पाकिस्तान के खैबर पख्तूनख्वा प्रांत की तिराह घाटी में पश्तून समुदाय के साथ बड़े पैमाने पर अन्याय के आरोप सामने आए हैं। पश्तून नेशनल जिरगा (PNJ) ने दावा किया है कि हजारों पश्तून परिवारों को उनके पुश्तैनी घरों से जबरन बेदखल किया जा रहा है। जिरगा ने इसे सैन्य अभियान के नाम पर किया गया क्रूर और अमानवीय कदम बताया है। PNJ के अनुसार, प्रभावित परिवारों को घर खाली करने के लिए केवल तीन दिन का नोटिस दिया गया। इसके बाद उन्हें भारी बर्फबारी, बर्फीले तूफानों और दरारों से भरे खतरनाक पहाड़ी रास्तों से होकर पलायन करने के लिए मजबूर किया गया। जिरगा का कहना है कि यह विस्थापन बिना किसी योजना, सुविधा या लोगों की सहमति के किया गया।

 

पश्तून नेशनल जिरगा ने इस कार्रवाई को सिर्फ सुरक्षा से जुड़ा कदम मानने से इनकार करते हुए कहा कि यह पाकिस्तानी राज्य की “औपनिवेशिक मानसिकता” को दर्शाता है। जिरगा का आरोप है कि “राष्ट्रीय सुरक्षा” और “विकास” जैसे शब्दों का इस्तेमाल कर ब्रिटिश काल जैसी नीतियों को दोहराया जा रहा है, जिससे आदिवासी समुदायों के अधिकार, पहचान और सम्मान को नजरअंदाज किया जा रहा है। PNJ ने चेतावनी दी है कि यह जबरन विस्थापन एक भीषण मानवीय त्रासदी में बदल चुका है।

 

आरोप है कि कई परिवार बर्फीले तूफानों में फंस गए हैं और निमोनिया व कड़ाके की ठंड के कारण मासूम बच्चों और बुजुर्गों की मौत हो चुकी है। जिरगा ने कहा, “तिराह घाटी की बर्फ में जमती सांसें दरअसल पश्तून राष्ट्र के शोषण और विस्थापन की कहानी में एक नया और भयावह अध्याय लिख रही हैं।” इससे पहले पश्तून तहफ्फुज मूवमेंट (PTM) और स्थानीय मानवाधिकार कार्यकर्ताओं ने पाकिस्तान के प्रधानमंत्री शहबाज शरीफ और पाकिस्तानी सेना के खिलाफ शांतिपूर्ण प्रदर्शन भी किया था। प्रदर्शनकारियों ने पश्तूनों की कथित हत्याओं और जबरन गुमशुदगियों का आरोप लगाया।
 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News