PIB फैक्ट चेकः ईरानी जहाज पर पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा का पर्दाफाश! भारतीय सेना प्रमुख के खिलाफ वायरल क्लिप निकली फर्जी
punjabkesari.in Monday, Mar 09, 2026 - 07:22 PM (IST)
International Desk: सोशल मीडिया पर Upendra Dwivedi, भारतीय सेना प्रमुख का एक कथित वीडियो वायरल होने के बाद भारत सरकार ने इसे डीपफेक और भ्रामक प्रचार बताया है। सरकार की फैक्ट-चेक इकाई PIB Fact Check ने स्पष्ट किया कि यह वीडियो डिजिटल रूप से छेड़छाड़ कर बनाया गया है और सेना प्रमुख ने ऐसा कोई बयान नहीं दिया।फैक्ट-चेक इकाई के अनुसार कुछ पाकिस्तानी प्रोपेगेंडा अकाउंट्स इस वीडियो को शेयर कर रहे थे।
Pakistani propaganda account @Proudindiannavi is spreading false claims that, on the orders of India’s Defence Minister Rajnath Singh, the Vice Chief of Navy Sanjay Vatsayan assisted in an attack on an Iranian ship and that Naval Chief Dinesh Kumar Tripathi is preparing to… pic.twitter.com/235tDorz51
— PIB Fact Check (@PIBFactCheck) March 9, 2026
वीडियो में झूठा दावा किया गया था कि जब एक ईरानी जहाज अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र से गुजर रहा था, तो भारत ने इजरायल के रणनीतिक सहयोगी के रूप में उसकी लोकेशन की जानकारी दी।PIB ने कहा कि यह AI-जनित डीपफेक वीडियो है और लोगों को भ्रमित करने के लिए फैलाया गया है।यह विवाद उस समय सामने आया जब ईरान का नौसैनिक जहाज IRIS Dena अंतरराष्ट्रीय जलक्षेत्र में डूब गया था। रिपोर्टों के अनुसार यह जहाज United States की नौसैनिक कार्रवाई में डूबा था।यह जहाज भारत से लौट रहा था और उसने पहले International Fleet Review तथा MILAN 2026 नौसैनिक अभ्यास में भाग लिया था।
🚨 Deepfake Video Alert. #FactCheck ✅
— All India Radio News (@airnewsalerts) March 9, 2026
Pakistani propaganda accounts are sharing a digitally manipulated video of Indian Army Chief General Upendra Dwivedi with false claims. #PIBFactCheck
✅Beware! This #AI-generated deepfake video is being shared to mislead the public. https://t.co/HOXDfPoAvX
इस बीच भारत ने दूसरे ईरानी जहाज IRIS Lavan को तकनीकी समस्या आने पर अपने बंदरगाह में शरण दी।यह जहाज Kochi में लंगर डाले हुए है और उसके 183 चालक दल के सदस्य फिलहाल भारतीय नौसैनिक सुविधाओं में ठहरे हुए हैं। विदेश मंत्री Subrahmanyam Jaishankar ने Raisina Dialogue में कहा कि भारत ने मानवीय आधार पर ईरानी जहाज को अपने बंदरगाह में आने की अनुमति दी थी। उन्होंने कहा कि जहाज के कई सदस्य युवा कैडेट थे और उस समय उनकी मदद करना भारत का मानवीय दायित्व था।
