पाकिस्तान में शख्स को ईशनिंदा का मैसेज भेजना पड़ा भारी,  मिली मौत की सजा

punjabkesari.in Sunday, Mar 26, 2023 - 02:50 PM (IST)

पेशावरः पाकिस्तान में एक मुस्लिम व्यक्ति को ईशनिंदा का मैसेज पोस्ट करना भारी पड़ गया ।  आतंकवाद-रोधी अदालत ने उसे दोषी ठहराते हुए मौत की सजा सुनाई  है।  जानकारी के अनुसार ईशनिंदा मुस्लिम बहुल पाकिस्तान में एक बेहद संवेदनशील मुद्दा है, जहां कई बार अप्रमाणित आरोप ने भी भीड़ और हिंसा को भड़काने का काम किया है। सैयद मुहम्मद जीशान नाम के शख्स को पेशावर की  अदालत ने इलेक्ट्रॉनिक अपराध निवारण अधिनियम और आतंकवाद विरोधी अधिनियम के तहत दोषी ठहराया है। अदालत के आदेश में कहा कि हिरासत में सैयद जकाउल्लाह के बेटे सैयद मुहम्मद जीशान को  दोषी पाए जाने के बाद सजा सुनाई गई है।

 

उत्तर-पश्चिम शहर मर्दन के निवासी जीशान पर अदालत ने 3 लाख 54 हजार रुपएसे ज्यादा का जुर्माना लगाया है और कुल 23 साल की कैद की सजा सुनाई है। सईद के वकील इबरार हुसैन ने बताया कि पंजाब प्रांत के तालागंग निवासी मुहम्मद सईद ने दो साल पहले संघीय जांच एजेंसी के पास एक आवेदन दायर किया था, जिसमें जीशान पर एक व्हाट्सएप ग्रुप में ईशनिंदा सामग्री पोस्ट करने का आरोप लगाया गया था।   उन्होंने कहा कि एफआईए ने जीशान के सेल फोन को जब्त कर लिया था और इसकी फोरेंसिक जांच ने उन्हें दोषी साबित कर दिया।

 

पाकिस्तान में एक मानवाधिकार और कानूनी सहायता समूह राष्ट्रीय न्याय और शांति आयोग के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में 774 मुसलमानों और विभिन्न अल्पसंख्यक धार्मिक समूहों के 760 सदस्यों पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया। अधिकतर मामलों में इस कानून का दुरूपयोग रंजिश को साधने के लिए किया जाता रहा है।इस कानून के शिकार हालांकि कई मुसलमान भी होते हैं लेकिन अकसर हिंदू और ईसाई धार्मिक अल्पसंख्यकों को इससे अधिक उत्पीड़न का शिकार होना पड़ता है। कई बार व्यक्तिगत झगड़े निपटाने के लिए ईशनिंदा के आरोप लगाए जाते हैं। पाकिस्तान के राष्ट्रीय न्याय और शांति आयोग के अनुसार, पिछले 20 वर्षों में 774 मुसलमानों और 760 गैर-मुस्लिमों पर ईशनिंदा का आरोप लगाया गया और कई लोगों को मौत की सजा भी मिली है।


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Content Editor

Afjal Khan

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