UAE में मिसाइलों का वीडियो बनाना ब्रिटिश टूरिस्ट को पड़ा भारी! हो सकती है 2 साल की जेल
punjabkesari.in Thursday, Mar 12, 2026 - 08:02 PM (IST)
नेशनल डेस्क : मध्य पूर्व में बढ़ते तनाव के बीच दुबई से एक चौंकाने वाला मामला सामने आया है। बताया जा रहा है कि मिसाइलों का वीडियो रिकॉर्ड करने के आरोप में एक ब्रिटिश पर्यटक को गिरफ्तार कर लिया गया है। इस मामले ने अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी ध्यान खींचा है, क्योंकि पर्यटक पर यूएई के सख्त साइबर क्राइम कानूनों के तहत कार्रवाई की जा सकती है।
छुट्टियां मनाने आए थे, पुलिस ने लिया हिरासत में
मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक लंदन के रहने वाले करीब 60 वर्षीय ब्रिटिश नागरिक को दुबई में हिरासत में लिया गया है। वह खाड़ी शहर में छुट्टियां मनाने पहुंचे थे। इसी दौरान उन्होंने कथित तौर पर आसमान में दिखाई दे रही मिसाइलों का वीडियो बना लिया, जिसके बाद अधिकारियों ने उन्हें कस्टडी में ले लिया।
इस मामले की जानकारी मानवाधिकार समूह Detained in Dubai ने दी है। संगठन की प्रमुख Radha Stirling के मुताबिक जब अधिकारियों ने उस व्यक्ति से पूछताछ की तो उसने तुरंत वीडियो डिलीट भी कर दिया। उनका कहना है कि पर्यटक का किसी तरह का नुकसान पहुंचाने का इरादा नहीं था, लेकिन इसके बावजूद उस पर गंभीर आरोप लगाए गए हैं।
साइबर क्राइम कानूनों के तहत कार्रवाई
रिपोर्ट्स के अनुसार ब्रिटिश नागरिक पर आरोप है कि उसने सूचना नेटवर्क या टेक्नोलॉजी का इस्तेमाल कर ऐसी सामग्री साझा की या प्रसारित की, जिससे अफवाहें फैल सकती हैं या सार्वजनिक सुरक्षा प्रभावित हो सकती है। यूएई के कानूनों के मुताबिक इस तरह के मामलों में सिर्फ कंटेंट पोस्ट करने वाला ही नहीं, बल्कि उसे दोबारा शेयर या उस पर टिप्पणी करने वाला व्यक्ति भी आरोपी बन सकता है।
बताया जा रहा है कि यह ब्रिटिश नागरिक उन 21 विदेशी लोगों में शामिल है, जिन्हें इसी तरह के आरोपों में हिरासत में लिया गया है। फिलहाल उसे दुबई के एक पुलिस स्टेशन में रखा गया है और मामले की जांच जारी है।
दोषी पाए जाने पर हो सकती है कड़ी सजा
अगर आरोपी को UAE Cybercrime Law के तहत दोषी पाया जाता है, तो उसे दो साल तक की जेल हो सकती है। इसके अलावा 20 हजार से लेकर 2 लाख यूएई दिरहम तक का जुर्माना भी लगाया जा सकता है। कुछ मामलों में सजा पूरी होने के बाद देश से निर्वासन (डिपोर्टेशन) भी संभव है।
क्षेत्रीय तनाव के बीच बढ़ी सख्ती
यह गिरफ्तारी ऐसे समय में हुई है जब मध्य पूर्व में हालात काफी तनावपूर्ण बने हुए हैं। हालिया घटनाओं में Iran की ओर से कई ड्रोन और बैलिस्टिक मिसाइल हमलों की रिपोर्ट सामने आई है, जिन्हें United Arab Emirates समेत अन्य देशों की सुरक्षा एजेंसियों ने इंटरसेप्ट किया है।
