होर्मुज में 2 तेल टैंकरों में ब्लास्ट; ईरान की हरी झंडी के बावजूद पाकिस्तानी जहाज पर भी हमला, 6 भारतीयों सहित 25 लोग थे सवार
punjabkesari.in Monday, Nov 02, 2026 - 02:49 PM (IST)
Tehran: दुनिया के सबसे अहम समुद्री ऊर्जा मार्गों में शामिल होर्मुज जलडमरूमध्य में तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। पहले कतर से पाकिस्तान जा रहे एलएनजी जहाज 'अल मयेडा' पर प्रक्षेपास्त्र से हमला हुआ और अब ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) की नौसेना ने दावा किया है कि यहां से गुजरने की कोशिश कर रहे दो तेल टैंकर में भीषण धमाके हुए। इनमें एक विशाल सुपरटैंकर भी शामिल है, जिसमें धमाके के बाद आग लग गई। ईरानी नौसेना का आरोप है कि जहाजों ने अपना पहचान और दिशा बताने वाला तंत्र बंद कर रखा था।
ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, पाकिस्तान ने कतर से एलएनजी लेकर आ रहे जहाज 'अल मयेडा' को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित निकालने के लिए ईरान से बातचीत की थी। मामले की जानकारी रखने वाले लोगों ने बताया कि ईरानी अधिकारियों ने शुक्रवार को जहाज को आगे बढ़ने की हरी झंडी दी थी। हालांकि, इसके कुछ घंटे बाद ही जहाज पर हमला हो गया। मार्शल आइलैंड के झंडे वाला यह जहाज कतर से तरलीकृत प्राकृतिक गैस लेकर पाकिस्तान की ओर जा रहा था। हमले के बाद जहाज ने अपना रास्ता बदल लिया और फारस की खाड़ी की ओर लौट गया। जहाजों की आवाजाही पर नजर रखने वाले आंकड़ों से इसकी पुष्टि हुई है।
जहाज पर 25 लोग सवार, 6 भारतीय भी शामिल
भारत के केंद्रीय जहाजरानी मंत्री सर्बानंद सोनोवाल ने सोशल मीडिया मंच एक्स पर बताया कि जहाज को प्रक्षेपास्त्र से निशाना बनाया गया। उन्होंने कहा कि जहाज पर सवार सभी 25 सदस्य सुरक्षित हैं। इनमें छह भारतीय नागरिक भी शामिल हैं। हालांकि, मंत्री ने हमले की जगह और इसके पीछे जिम्मेदार पक्ष के बारे में कोई विस्तृत जानकारी नहीं दी। जहाज की संचालक कंपनी कतर गैस ट्रांसपोर्ट कंपनी लिमिटेड यानी नकिलात ने रविवार को बताया कि जहाज काम करने की स्थिति में है और उसकी जांच की जा रही है।
पाकिस्तानी एलएनजी जहाज पर हमले के बाद अब होर्मुज में दो तेल टैंकरों को लेकर नया दावा सामने आया है। ईरान की इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स की नौसेना के मुताबिक, दोनों टैंकर उस समुद्री रास्ते से गुजरने की कोशिश कर रहे थे, जिसे ईरान ने अधिकृत नहीं किया था। इसी दौरान वे समुद्री माइंस से टकरा गए और उनमें धमाके हुए। ईरानी नौसेना का दावा है कि इनमें एक सुपरटैंकर भी शामिल था। उसमें जोरदार विस्फोट के बाद आग लग गई और वह जलता रहा। बयान के अनुसार, दोनों जहाजों को घटनास्थल पर ही रोक दिया गया।
जहाजों ने बंद कर रखे थे नेविगेशन सिस्टम
IRGC नौसेना ने आरोप लगाया कि दोनों तेल टैंकरों ने अपने नेविगेशन और पहचान तंत्र बंद कर दिए थे। वे अमेरिकी सैन्य बल की मदद से गुप्त तरीके से इस समुद्री रास्ते से निकलने की कोशिश कर रहे थे। दोनों जहाजों के नाम, उनके झंडे, चालक दल की स्थिति और नुकसान की वास्तविक जानकारी भी अभी सामने नहीं आई है। पाकिस्तानी जहाज पर हमले के बाद कतर के विदेश मंत्रालय ने रविवार को बयान जारी कर कहा कि वह अपने संसाधनों, जहाजों और उनके चालक दल की सुरक्षा के लिए अंतरराष्ट्रीय कानून और संयुक्त राष्ट्र चार्टर के तहत सभी जरूरी कदम उठाने का अधिकार सुरक्षित रखता है। मंत्रालय ने बताया कि घटना की जांच की जा रही है और जिम्मेदार लोगों का पता लगाया जा रहा है।
इन घटनाओं से पाकिस्तान की ऊर्जा आपूर्ति पर दबाव बढ़ सकता है। पाकिस्तान पिछले कई महीनों से ऊर्जा की कमी से जूझ रहा है। कतर से आने वाली एलएनजी की खेप उसके लिए बेहद अहम है। यदि यह जहाज पाकिस्तान नहीं पहुंच पाता, तो उसे अंतरराष्ट्रीय खुले बाजार से गैस खरीदनी पड़ सकती है। ब्लूमबर्ग की रिपोर्ट के मुताबिक, युद्ध से पहले की तुलना में खुले बाजार में एलएनजी की कीमतें तीन गुना से अधिक हो चुकी हैं।
