अमेरिका से परमाणु संधि टूटते ही रूस का प्रहार- ''अब हम स्वतंत्र...सैन्य कार्रवाई को तैयार हैं''

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 04:43 PM (IST)

International Desk:   रूस और अमेरिका के बीच अंतिम परमाणु हथियार नियंत्रण समझौता, न्यू START, आज समाप्त हो गया। रूसी विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट रूप से कहा है कि अब दोनों पक्ष इस संधि के किसी भी नियम या दायित्व को मानने के लिए बाध्य नहीं हैं। रूस का सख्त संदेश: मंत्रालय ने बुधवार को एक बयान जारी कर कहा कि रूस ने परमाणु हथियारों की सीमा को स्वैच्छिक रूप से आगे बढ़ाने का प्रस्ताव दिया था, लेकिन अमेरिका की ओर से कोई औपचारिक जवाब नहीं मिला।  रूस ने कहा, "अब दोनों पक्ष अपने अगले कदम चुनने के लिए पूरी तरह स्वतंत्र हैं।"  रूस ने चेतावनी दी है कि वह अपनी राष्ट्रीय सुरक्षा के खतरों से निपटने के लिए निर्णायक "सैन्य-तकनीकी" कदम उठाने के लिए तैयार है।


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इतिहास और वर्तमान
 2010 में हस्ताक्षरित यह संधि 2011 में लागू हुई थी, जिसका उद्देश्य परमाणु वारहेड्स की संख्या को सीमित करना था। 2021 में इसे 5 साल के लिए बढ़ाया गया था, जिसकी मियाद आज यानी 5 फरवरी, 2026 को पूरी हो गई।हालांकि पुतिन ने पहले संकेत दिया था कि यदि अमेरिका संतुलन नहीं बिगाड़ता है, तो वे एक साल तक सीमा का पालन कर सकते हैं, लेकिन वॉशिंगटन की बेरुखी ने अब अनिश्चितता पैदा कर दी है।

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बता दें कि अमेरिका और रूस के बीच आखिरी बची परमाणु हथियार नियंत्रण संधि न्यू START गुरुवार को समाप्त हो गई। इसके साथ ही दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच हथियारों पर लगी सीमा हट गई है, जिससे नई परमाणु हथियार दौड़ का खतरा बढ़ गया है। न्यू START संधि 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के डिमिट्री मेदवेदेव के बीच हुई थी। यह संधि हर पक्ष को 1,550 परमाणु वारहेड्स और 700 मिसाइल तथा बमवर्षक तक सीमित करती थी। यह संधि 2021 में समाप्त होने वाली थी, लेकिन इसे पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।

 

संधि में ऑन-साइट निरीक्षण की व्यवस्था भी थी, लेकिन कोविड-19 के कारण 2020 में ये निरीक्षण रुक गए और फिर कभी बहाल नहीं हुए। फरवरी 2023 में रूस नेअपनी भागीदारी निलंबित कर दी थी। रूस का कहना था कि उस समय अमेरिका और NATO के नेताओं ने खुले तौर पर रूस की हार को लक्ष्य बताया था, इसलिए वह अमेरिकी निरीक्षण की अनुमति नहीं दे सकता। फिर भी रूस ने संधि से पूरी तरह वापसी नहीं की और हथियारों की सीमा का सम्मान करने का वादा किया।

 


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Content Writer

Tanuja

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