तीसरे विश्व युद्ध की दस्तक तेज ! US-Russia के परमाणु हथियारों पर लगी पाबंदियां हटीं, अब शुरू होगी विनाशकारी रेस

punjabkesari.in Thursday, Feb 05, 2026 - 03:07 PM (IST)

International Desk:  अमेरिका और रूस के बीच आखिरी बची परमाणु हथियार नियंत्रण संधि न्यू START गुरुवार को समाप्त हो गई। इसके साथ ही दुनिया की दो सबसे बड़ी परमाणु शक्तियों के बीच हथियारों पर लगी सीमा हट गई है, जिससे नई परमाणु हथियार दौड़ का खतरा बढ़ गया है। न्यू START संधि 2010 में तत्कालीन अमेरिकी राष्ट्रपति बराक ओबामा और रूस के डिमिट्री मेदवेदेव के बीच हुई थी। यह संधि हर पक्ष को 1,550 परमाणु वारहेड्स और 700 मिसाइल तथा बमवर्षक तक सीमित करती थी। यह संधि 2021 में समाप्त होने वाली थी, लेकिन इसे पांच साल के लिए बढ़ाया गया था।

 

संधि में ऑन-साइट निरीक्षण की व्यवस्था भी थी, लेकिन कोविड-19 के कारण 2020 में ये निरीक्षण रुक गए और फिर कभी बहाल नहीं हुए। फरवरी 2023 में रूस ने अपनी भागीदारी निलंबित कर दी थी। रूस का कहना था कि उस समय अमेरिका और NATO के नेताओं ने खुले तौर पर रूस की हार को लक्ष्य बताया था, इसलिए वह अमेरिकी निरीक्षण की अनुमति नहीं दे सकता। फिर भी रूस ने संधि से पूरी तरह वापसी नहीं की और हथियारों की सीमा का सम्मान करने का वादा किया। पिछले साल राष्ट्रपति व्लादिमीर पुतिन ने कहा था कि यदि अमेरिका भी आगे बढ़े तो रूस एक साल के लिए संधि की सीमाओं का पालन करने को तैयार है, ताकि दोनों पक्ष एक नई संधि पर बातचीत कर सकें।

 

उन्होंने चेतावनी दी थी कि संधि की समाप्ति अस्थिरता बढ़ा सकती है और परमाणु हथियारों के प्रसार को बढ़ावा दे सकती है।रूसी राष्ट्रपति के करीबी सलाहकार यूरी उशाकोव ने कहा कि रूस “सुरक्षा स्थिति के आधार पर संतुलित और जिम्मेदार तरीके” से कदम उठाएगा। उशाकोव ने यह भी कहा कि पुतिन ने चीन के नेता शी जिनपिंग से इस संधि की समाप्ति पर चर्चा की, लेकिन अमेरिका ने प्रस्तावित विस्तार पर कोई जवाब नहीं दिया। रूसी विदेश मंत्रालय ने भी कहा है कि मौजूदा परिस्थितियों में न्यू START की कोई बाध्यता नहीं रही और दोनों देश अब स्वतंत्र रूप से अगला कदम चुन सकते हैं।
 


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Content Writer

Tanuja

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