यूरोप में माइग्रेशन संकट से हड़कंप: इटली की PM मेलोनी ने स्पेन को दे डाली यह बड़ी चेतावनी

punjabkesari.in Friday, Jul 31, 2026 - 07:32 AM (IST)

रोम : यूरोप में अवैध प्रवासियों की अचानक आई बाढ़ ने एक बार फिर बड़ा राजनीतिक और कूटनीतिक संकट पैदा कर दिया है। उत्तरी अफ्रीका के मोरक्को से सटे स्पेनिश इलाके 'सेउटा' (Ceuta) में हजारों बिना दस्तावेज वाले शरणार्थियों के घुसने से स्थिति बेकाबू हो गई है। इस आपात स्थिति को देखते हुए इटली की प्रधानमंत्री जियोर्जिया मेलोनी ने कड़ा रुख अपनाया है। मेलोनी ने साफ कहा है कि अगर हालात पर काबू नहीं पाया गया तो इटली अपनी सीमाओं की सुरक्षा के लिए स्पेन के साथ 'शेंगेन फ्री-मूवमेंट समझौते' को निलंबित (Suspend) कर सकता है।

X पर एक पोस्ट में, मेलोनी ने कहा कि सेउटा से आई तस्वीरें इस बात का पक्का सबूत हैं कि अनियंत्रित अवैध माइग्रेशन यूरोप की सीमाओं की सुरक्षा के लिए एक वास्तविक खतरा है। उन्होंने पुष्टि की कि उन्होंने इटली के गृह मंत्री माटेओ पियांटेदोसी के साथ सीधी बातचीत की है और औपचारिक प्रतिक्रिया का आकलन करने के लिए संबंधित राज्य सुरक्षा एजेंसियों को बुलाया जा रहा है।

इटली की प्रधानमंत्री ने कहा कि रोम बॉर्डर की स्थिति को देखते हुए चुप नहीं बैठेगा। उन्होंने जोर देकर कहा कि हाई-लेवल मीटिंग के फैसलों के आधार पर, इटली अपनी सीमाओं और लोगों की सुरक्षा के लिए असाधारण कदम उठाने को तैयार है जिसमें खास तौर पर स्पेन के साथ ओपन-बॉर्डर शेंगेन समझौते को सस्पेंड करने का विकल्प भी शामिल है।

मेलोनी ने फिर से कहा कि अवैध माइग्रेशन के प्रति उनके प्रशासन का सख्त रुख कायम है जिसमें बॉर्डर की सुरक्षा, मानव तस्करी नेटवर्क के खिलाफ सख्त कार्रवाई और तेजी से डिपोर्टेशन (वापस भेजना) को प्राथमिकता दी जा रही है। उनके ये बयान सेउटा में तेजी से बिगड़ते बॉर्डर इमरजेंसी के बीच आए हैं। सेउटा स्पेन का एक स्वायत्त क्षेत्र है जिसकी ज़मीनी सीमा मोरक्को से लगती है। 

 

पोलिटिको के अनुसार बुधवार से हज़ारों प्रवासी इस इलाके में घुस आए हैं जिससे स्थानीय प्रशासन की क्षमता पर भारी दबाव पड़ा है और स्पेन के प्रधानमंत्री पेड्रो सांचेज़ द्वारा बॉर्डर पर सख्ती लागू करने के तरीके को लेकर गंभीर राजनीतिक विवाद खड़ा हो गया है। सेउटा के क्षेत्रीय अधिकारियों ने बुधवार को चेतावनी जारी की क्योंकि समुद्री रास्तों से प्रवासियों की भारी भीड़ आ रही थी। सेउटा के प्रेसिडेंट जुआन जीसस विवास ने बिगड़ते हालात को पूरी तरह से मानवीय और सामाजिक आपातकाल बताया और मैड्रिड में केंद्र सरकार से तुरंत दखल देने की अपील की।

गुरुवार को X पर स्थिति के बारे में बात करते हुए, प्रधानमंत्री सांचेज़ ने संकेत दिया कि उनकी सरकार स्थिरता बहाल करने के लिए मोरक्को के अधिकारियों के साथ करीबी तालमेल बनाए हुए है और उन्होंने सरकार की ओर से त्वरित कार्रवाई का वादा किया। स्पेन के सुप्रीम कोर्ट के उस फ़ैसले के कुछ ही समय बाद सांचेज़ पर राजनीतिक दबाव बढ़ गया है जिसमें अधिकारियों को समुद्र के रास्ते आने वाले प्रवासियों को तुरंत देश से बाहर निकालने से रोका गया है। इस संकट ने स्पेन के प्रधानमंत्री के खिलाफ देश के भीतर तीखी राजनीतिक आलोचना को जन्म दिया है।

वॉक्स पार्टी के नेता सैंटियागो अबास्कल ने सीमा पार करने की इस बड़ी घटना को आक्रमण बताया, जबकि मुख्य विपक्षी पार्टी 'पीपल्स पार्टी' (सेंटर-राइट) के प्रमुख अल्बर्टो नुनेज़ फीजो ने भी सार्वजनिक रूप से स्थिति को संभालने के सरकार के तरीकें की निंदा की। इन घटनाओं पर अंतरराष्ट्रीय स्तर पर भी विरोध बढ़ गया है।

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जर्मनी की 'अल्टरनेटिव फॉर जर्मनी' (AfD) पार्टी की सह-अध्यक्ष ऐलिस वेडेल ने X पर कहा कि सेउटा पर भारी दबाव है। उन्होंने बताया कि बहुत कम समय में 1,500 से ज़्यादा प्रवासियों (मुख्य रूप से मोरक्को और अल्जीरिया से) ने यूरोपीय संघ की बाहरी सीमा को पार कर लिया है। 2015 के यूरोपीय प्रवासन संकट का ज़िक्र करते हुए, वेडेल ने तुरंत सीमाएं बंद करने और प्रवासियों को सख़्ती से वापस भेजने की मांग की।

यह आपातकालीन स्थिति स्पेन में पहले से चल रहे राजनीतिक विवाद के बीच पैदा हुई है जहां  सांचेज़ सरकार ने हाल ही में प्रवासियों के कानूनी दर्जे को सामान्य करने का एक कार्यक्रम शुरू किया था जिसके तहत बिना दस्तावेज़ वाले प्रवासियों से दस लाख से ज़्यादा आवेदन मिले थे।

मौजूदा भारी आमद 2021 के बाद सेउटा में सीमा पर तनाव की सबसे गंभीर घटना है। उस समय मोरक्को से 8,000 से ज़्यादा लोग इस क्षेत्र में दाखिल हुए थे। पास के स्पेनिश इलाके मेलिला के साथ-साथ, सेउटा उन दो ज़मीनी सीमाओं में से एक है जो यूरोपीय संघ को सीधे अफ़्रीकी महाद्वीप से जोड़ती हैं।


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Content Editor

Rohini Oberoi

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