ईरान ने फिर किया कुवैत पर हमला; जल और बिजली संयंत्र बनाए निशाना, बहरीन में दोबारा गूंजे सायरन
punjabkesari.in Saturday, Jul 18, 2026 - 03:12 PM (IST)
International Desk: अमेरिका और ईरान के बीच जारी सैन्य संघर्ष का असर अब पूरे खाड़ी क्षेत्र पर साफ दिखाई देने लगा है। ईरान ने लगातार दूसरे दिन कुवैत के महत्वपूर्ण बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया। इस बार हमले का लक्ष्य एक जल विलवणीकरण (डिसैलिनेशन) और बिजली उत्पादन संयंत्र बना, जहां हमले के बाद भीषण आग लग गई। घटना के बाद कुवैती प्रशासन ने सुरक्षा व्यवस्था और कड़ी कर दी है। कुवैत के जल एवं बिजली मंत्रालय के अनुसार, हमले के कारण संयंत्र में आग लग गई, जिसे बुझाने के लिए राहत एवं बचाव दल तुरंत मौके पर पहुंच गए। किसी बड़े जनहानि की सूचना नहीं है, लेकिन एहतियात के तौर पर संयंत्र की कई इकाइयों को अस्थायी रूप से बंद कर दिया गया है। अधिकारी नुकसान का आकलन कर रहे हैं। ़़
Kuwait's Ministry of Electricity, Water and Renewable Energy says an Iranian drone/missile attack struck a power generation and water desalination facility, sparking a fire, causing significant damage, and forcing multiple electricity generation units offline. pic.twitter.com/rvspZHxTkO
— Baba Banaras™ (@RealBababanaras) July 17, 2026
यह लगातार दूसरा दिन है जब ईरान ने कुवैत के जल और बिजली से जुड़े अहम बुनियादी ढांचे को निशाना बनाया है। इससे एक दिन पहले भी एक अन्य बिजली और जल विलवणीकरण संयंत्र पर हमला हुआ था, जिसमें आग लगने से संयंत्र को नुकसान पहुंचा था। कुवैत जैसे रेगिस्तानी देश के लिए जल विलवणीकरण संयंत्र बेहद महत्वपूर्ण हैं। देश में लगभग 90 प्रतिशत पेयजल समुद्री पानी को शुद्ध करके इन संयंत्रों के माध्यम से उपलब्ध कराया जाता है। ऐसे में इन पर हमला देश की जल आपूर्ति और आवश्यक सेवाओं के लिए गंभीर चुनौती माना जा रहा है। उधर, खाड़ी क्षेत्र में बढ़ते तनाव के बीच बहरीन में शनिवार को एक बार फिर हवाई हमले के सायरन बजाए गए। यह पिछले कुछ दिनों में दूसरी बार है जब लोगों को संभावित ड्रोन या मिसाइल हमले की आशंका के चलते सुरक्षित स्थानों पर जाने की चेतावनी दी गई।
बहरीन के अधिकारियों ने नागरिकों से सतर्क रहने और आपातकालीन सुरक्षा निर्देशों का पालन करने की अपील की है। हालांकि, तत्काल किसी बड़े नुकसान या हताहत की सूचना नहीं मिली है। विशेषज्ञों का मानना है कि अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य टकराव का असर अब केवल दोनों देशों तक सीमित नहीं रहा है। कुवैत, बहरीन और अन्य खाड़ी देशों के महत्वपूर्ण ऊर्जा एवं जल ढांचे पर बढ़ते हमलों से पूरे क्षेत्र की सुरक्षा और स्थिरता पर गंभीर खतरा मंडरा रहा है। यदि हालात इसी तरह बिगड़ते रहे तो इसका असर वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय सुरक्षा पर भी पड़ सकता है।
