खामेनेई का ट्रंप को दो टूक चेतावनीः “ईरान में मत दो दखल, पहले अपना देश संभालो”

punjabkesari.in Sunday, Jan 11, 2026 - 07:41 PM (IST)

International Desk:  ईरान में चल रहे सरकार विरोधी प्रदर्शनों के बीच सुप्रीम लीडर अयातुल्ला अली खामेनेई ने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पर तीखा हमला बोला है। ट्रंप द्वारा ईरानी प्रदर्शनकारियों के समर्थन के बाद खामेनेई ने साफ शब्दों में कहा कि अमेरिका के राष्ट्रपति को ईरान के आंतरिक मामलों में दखल देने के बजाय अपने देश की समस्याओं पर ध्यान देना चाहिए। खामेनेई ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर लिखा कि अमेरिकी राष्ट्रपति खुले तौर पर दंगाइयों का पक्ष ले रहे हैं और वे लोग अपनी उम्मीदें ट्रंप से लगाए बैठे हैं। उन्होंने कहा, “अगर अमेरिकी राष्ट्रपति इतने सक्षम हैं, तो पहले अपने देश को संभालें। वहां खुद हालात खराब हैं।” यह बयान ऐसे समय आया है जब ट्रंप ने अपने प्लेटफॉर्म ट्रुथ सोशल पर लिखा था कि अमेरिका ईरान के प्रदर्शनकारियों की मदद के लिए तैयार है और ईरान “आज़ादी की ओर देख रहा है।”

 

ईरान में विरोध प्रदर्शन अब दूसरे हफ्ते में प्रवेश कर चुके हैं और इन्हें हाल के वर्षों में खामेनेई की सत्ता के लिए सबसे बड़ी चुनौती माना जा रहा है। इससे पहले भी खामेनेई अमेरिका पर आरोप लगा चुके हैं कि वह इन बड़े पैमाने पर हो रहे प्रदर्शनों के पीछे है। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में खामेनेई ने कहा कि कुछ प्रदर्शनकारी केवल अमेरिकी राष्ट्रपति को खुश करने के लिए सरकारी संपत्तियों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। उन्होंने कहा, “कुछ लोग देश को नुकसान पहुंचाने का काम कर रहे हैं ताकि अमेरिका के राष्ट्रपति को संतुष्ट किया जा सके।”इस बीच ट्रंप लगातार ईरानी प्रशासन को चेतावनी देते रहे हैं कि अगर प्रदर्शनकारियों पर बल प्रयोग हुआ तो इसके गंभीर नतीजे होंगे। उन्होंने सैन्य कार्रवाई की धमकी भी दी है, जिससे तेहरान और वॉशिंगटन के बीच तनाव और गहरा गया है।

 

दिलचस्प बात यह है कि ट्रंप जहां ईरान की स्थिति पर टिप्पणी कर रहे हैं, वहीं अमेरिका के भीतर भी विरोध प्रदर्शन देखने को मिल रहे हैं। मिनियापोलिस और लॉस एंजिलिस समेत कई शहरों में लोग एक महिला की हत्या और आव्रजन एजेंसी ICE के खिलाफ सड़कों पर उतरे। लॉस एंजिलिस में प्रदर्शनकारियों ने उल्टे अमेरिकी झंडे और एंटी-ICE पोस्टर लहराए। पुलिस ने कई इलाकों में प्रदर्शनकारियों को हटाने के आदेश दिए, लेकिन कुछ समूह डटे रहे। इससे साफ है कि दोनों देशों में असंतोष और सियासी उथल-पुथल एक साथ उभर रही है, जिसने वैश्विक राजनीति में तनाव और बढ़ा दिया है।
 


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Content Writer

Tanuja

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