Karachi fire: एक ही दुकान से मिले 30 शव, मरने वालों की संख्या बढ़कर हुई 61, आंकड़ा 100 पार जाने की आशंका
punjabkesari.in Wednesday, Jan 21, 2026 - 10:34 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्कः पाकिस्तान की आर्थिक राजधानी कराची में एक शॉपिंग प्लाजा में लगी भीषण आग ने भारी तबाही मचाई है। इस दर्दनाक हादसे में मरने वालों की संख्या बढ़कर 61 हो गई है। बुधवार को राहत और बचाव कार्य के दौरान इमारत की एक ही दुकान से 30 शव बरामद किए गए, जिससे मौत का आंकड़ा अचानक बढ़ गया।
बेसमेंट से लगी आग, 36 घंटे बाद पाया गया काबू
यह आग 17 जनवरी की रात कराची के सद्दार इलाके में स्थित गुल शॉपिंग प्लाजा में लगी। आग की शुरुआत बेसमेंट से हुई, देखते ही देखते आग पूरी इमारत में फैल गई और फायर ब्रिगेड को आग पर काबू पाने में करीब 36 घंटे लग गए। गुल शॉपिंग प्लाजा एक थोक और खुदरा बाजार है, जहां बड़ी संख्या में दुकानदार, कर्मचारी और ग्राहक मौजूद रहते हैं।
मेजेनाइन फ्लोर की एक दुकान से मिले 30 शव
कराची साउथ के डिप्टी इंस्पेक्टर जनरल (DIG) असद रज़ा ने बताया कि मेजेनाइन फ्लोर पर स्थित एक दुकान ‘दुबई क्रॉकरी’ से 30 लोगों के शव बरामद किए गए। उन्होंने कहा, “ऐसा लगता है कि दुकानदार और ग्राहक आग से बचने के लिए दुकान के अंदर चले गए और शटर बंद कर लिया, लेकिन वे अंदर ही फंस गए।”
मोबाइल लोकेशन से हुई पुष्टि
DIG असद रज़ा के मुताबिक शवों के पास मिले मोबाइल फोन की लोकेशन शनिवार रात से ही मेजेनाइन फ्लोर दिखा रही थी। इससे साफ हुआ कि ये सभी लोग उसी दुकान में फंसे हुए थे।
पहले ही मिल चुके थे 31 शव
अधिकारियों ने बताया कि इससे पहले बुधवार को ही 3 और शव बरामद किए गए थे। तब मृतकों की संख्या 28 से बढ़कर 31 हुई थी। अब 30 और शव मिलने के बाद आंकड़ा 61 पहुंच गया। फिलहाल शवों को बाहर निकालने के कारण अन्य मंजिलों पर मलबा हटाने और खोज अभियान को अस्थायी रूप से रोक दिया गया है।
शवों की पहचान करना बेहद मुश्किल
सिंध पुलिस की सर्जन डॉ. सुम्मैया सैयद ने बताया अब तक 21 शव अस्पताल लाए जा चुके हैं। ज्यादातर शव बुरी तरह झुलस चुके हैं। उन्होंने कहा, “शवों की पहचान करना बहुत मुश्किल हो रहा है।”
मौतों का आंकड़ा 100 से ज्यादा होने की आशंका
अधिकारियों को डर है कि जैसे-जैसे खोज अभियान आगे बढ़ेगा। मरने वालों की संख्या 100 या उससे ज्यादा भी हो सकती है।
73 लोग लापता, बच्चों की संख्या भी ज्यादा
सरकार ने पहले ही 73 लापता लोगों की सूची जारी की थी। इस सूची में महिलाएं, बच्चे और10 से 69 साल तक के पुरुष शामिल हैं। खास बात यह है कि 10 से 18 साल के कम से कम 16 लड़के या तो दुकानों पर काम कर रहे थे या खरीदारी के लिए वहां मौजूद थे।
इमारत की सुरक्षा पर पहले से चल रहे थे केस
इस हादसे के बाद इमारत की हालत को लेकर कई गंभीर बातें सामने आई हैं। वरिष्ठ वकील आबिद मतीन ने पुष्टि की कि इस इमारत की सुरक्षा व्यवस्था और ढांचे की हालत को लेकर कम से कम 3 मामले पहले से अदालतों में लंबित थे।
10–15 दिन और चल सकता है सर्च ऑपरेशन
कराची मेट्रोपॉलिटन कॉरपोरेशन के मुख्य अग्निशमन अधिकारी हुमायूं खान ने बताया: लापता लोगों को खोजने में 10 से 15 दिन और लग सकते हैं।
सरकार का ऐलान: मुआवजा और पुनर्निर्माण
सिंध के गवर्नर कामरान टेसोरी ने बुधवार को घटनास्थल का दौरा किया और कहा: हर दुकानदार को मुआवजा दिया जाएगा, सरकार ने इमारत के पुनर्निर्माण को लेकर बिल्डरों से बातचीत शुरू कर दी है। उन्होंने कहा, “यह एक राष्ट्रीय त्रासदी है। जिन लोगों ने अपने प्रियजनों या अपना कारोबार खोया है, उन्हें सरकार अकेला नहीं छोड़ेगी।”
