पाकिस्तान ने अफगानिस्तान में दागी मिसाइल! बड़े कारोबारी बाजार में लगी भीषण आग, अरबों का हुआ नुकसान
punjabkesari.in Sunday, Mar 08, 2026 - 02:02 PM (IST)
International Desk: अफगानिस्तान के सीमावर्ती इलाके Torkham में रविवार सुबह पाकिस्तानी सेना की भारी गोलाबारी के बाद एक बड़े व्यावसायिक बाजार में आग लग गई।स्थानीय अधिकारियों के अनुसार, सुबह करीब 4 बजे कई गोले बाजार के पास गिरे, जिससे आग भड़क उठी और तेजी से दुकानों में फैल गई। Khaama Press की रिपोर्ट के अनुसार, आग इतनी तेजी से फैली कि बाजार की 150 से अधिक दुकानें पूरी तरह जलकर नष्ट हो गईं। बाजार परिसर के मालिकों के अनुसार, इस हादसे में लगभग 300 मिलियन अफगानी मुद्रा का आर्थिक नुकसान हुआ है।
Torkham town -Around 4 a.m., the Pakistani military regime fired a shell at a commercial market, which resulted in 150 shops being burned. Traders suffered losses estimated at around 300 million Afghanis. pic.twitter.com/RwqeQCLDNt
— THE UNKNOWN MAN (@Theunk5555) March 7, 2026
तोरखम के मेयर Mawlawi Abdullah Mustafa ने बताया कि आग बुझाने के लिए चार दमकल गाड़ियां, नगर निगम के पानी के टैंकर, स्थानीय स्वयंसेवक, लगातार काम कर रहे हैं, लेकिन देर तक आग पूरी तरह नियंत्रित नहीं हो सकी। Torkham Border Crossing अफगानिस्तान और Pakistan के बीच सबसे व्यस्त व्यापारिक मार्गों में से एक है। यह मार्ग दोनों देशों के बीच सामान और लोगों की आवाजाही के लिए बेहद महत्वपूर्ण माना जाता है। इस घटना से पहले अफगानिस्तान के Taliban प्रशासन ने दावा किया था कि सीमा पर हुई झड़पों में 30 पाकिस्तानी सैनिक मारे गए।तालिबान रक्षा मंत्रालय के प्रवक्ता Enayatullah Khwarazmi के अनुसार, यह लड़ाई Durand Line के पास Shorabak District (कंधार प्रांत) में हुई थी।
तालिबान का दावा है कि उनके लड़ाकों ने पाकिस्तान की पांच सैन्य चौकियों पर कब्जा कर लिया और एक चौकी को विस्फोटकों से उड़ा दिया। बताया गया कि यह कार्रवाई पाकिस्तान द्वारा 21 फरवरी को अफगान क्षेत्र में आतंकियों के खिलाफ कार्रवाई के बाद शुरू हुई। अफगान हमलों के जवाब में पाकिस्तान ने ‘ऑपरेशन ग़ज़ब लिल-हक’ (Operation Ghazab lil-Haq) शुरू किया है। पाकिस्तान का कहना है कि यह अभियान अफगान बलों की “बिना उकसावे की गोलीबारी” के जवाब में चलाया जा रहा है। स्थानीय व्यापारियों और निवासियों ने मांग की है कि सीमा के पास रहने वाले नागरिकों की सुरक्षा बढ़ाई जाए। उनका कहना है कि लगातार हो रही हिंसा से पहले से ही कमजोर सीमा क्षेत्र की आर्थिक गतिविधियां और आजीविका गंभीर खतरे में पड़ रही हैं।
