ट्रंप की धमकी पर ईरान कड़ा जवाब-तेल की नाकाबंदी” का ऐलान ! कहा- पूरी तरह बंद कर देंगे होर्मुज रास्ते
punjabkesari.in Monday, Mar 23, 2026 - 12:40 PM (IST)
International Desk:पश्चिम एशिया में जारी युद्ध अब एक ऐसे मोड़ पर पहुंच गया है, जहां इसका असर पूरी दुनिया की अर्थव्यवस्था और ऊर्जा सुरक्षा पर साफ दिखाई दे रहा है। ईरान ने कड़ी चेतावनी देते हुए कहा है कि अगर अमेरिका उसके बिजली संयंत्रों और बुनियादी ढांचे पर हमला करता है, तो वह दुनिया के सबसे महत्वपूर्ण समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य को “पूरी तरह बंद” कर देगा।
ट्रंप की चेतावनी और ईरान का पलटवार
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान को 48 घंटे का अल्टीमेटम देते हुए कहा कि यदि उसने जलडमरूमध्य को नहीं खोला, तो अमेरिका उसके “ऊर्जा संयंत्रों को नष्ट कर देगा, शुरुआत सबसे बड़े संयंत्र से होगी।” इसके जवाब में ईरान के शीर्ष नेता और संसद अध्यक्ष मोहम्मद बाघेर कलीबाफ ने सख्त रुख अपनाते हुए कहा कि यदि ईरान के इंफ्रास्ट्रक्चर पर हमला हुआ, तो पूरे खाड़ी क्षेत्र के ऊर्जा और जल संयंत्र “वैध लक्ष्य” बन जाएंगे। इसका मतलब है कि संघर्ष केवल दो देशों तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि पूरे क्षेत्र में फैल सकता है।
होर्मुज जलडमरूमध्य: दुनिया की ‘तेल लाइफलाइन’
होर्मुज जलडमरूमध्य फारस की खाड़ी को दुनिया से जोड़ने वाला सबसे अहम समुद्री मार्ग है। इसकी रणनीतिक अहमियत बहुत बड़ी है। दुनिया के कुल तेल का लगभग 20% यहीं से गुजरता है। सऊदी अरब, इराक, कुवैत, UAE का अधिकांश तेल निर्यात इसी रास्ते से होता है और रोजाना लाखों बैरल कच्चा तेल और गैस टैंकर इसी मार्ग से गुजरते हैं। ईरान ने दावा किया है कि उसने इस जलमार्ग को “प्रभावी रूप से बंद” कर दिया है। हालांकि कुछ मित्र देशों के जहाजों को अनुमति दी जा रही है, लेकिन लगातार हमलों और जोखिम के कारण अधिकांश तेल टैंकरों ने आना-जाना बंद कर दिया है।
इजराइल पर हमला और युद्ध की स्थिति
इस संघर्ष के बीच इज़राइल में ईरान ने एक गुप्त परमाणु अनुसंधान स्थल को निशाना बनाकर मिसाइल हमला किया। इस हमले में कई नागरिक घायल हुए। इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने कहा कि कोई मौत नहीं हुई, जिसे उन्होंने “चमत्कार” बताया अमेरिका और इजराइल अपने सैन्य लक्ष्यों की ओर तेजी से बढ़ रहे हैं। इन लक्ष्यों में ईरान के परमाणु कार्यक्रम को कमजोर करना, मिसाइल और ड्रोन क्षमता को खत्म करना, ईरान समर्थित समूहों को रोकना शामिल है।
खाड़ी देशों पर मंडराता खतरा
ईरान ने चेतावनी दी है कि यदि उस पर हमला हुआ, तो वह खाड़ी देशों में भी अहम बुनियादी ढांचे जैसे बिजली उत्पादन संयंत्र, पानी शोधन (डिसैलिनेशन) प्लांट, तेल और गैस सुविधाएं को निशाना बना सकता है। खाड़ी देशों के लिए यह बेहद गंभीर खतरा है, क्योंकि वहां पीने का पानी और बिजली काफी हद तक इन संयंत्रों पर निर्भर है।
