ईरान में हिंसक प्रदर्शनों से डरा नेपाल, जारी की सख्त ट्रैवल एडवाइजरी
punjabkesari.in Tuesday, Jan 13, 2026 - 07:03 PM (IST)
International Desk: ईरान में लगातार तेज होते जनविरोध और हिंसक झड़पों के बीच नेपाल सरकार ने अपने नागरिकों के लिए कड़ी ट्रैवल एडवाइजरी जारी की है। बढ़ती महंगाई, आर्थिक बदहाली और शासन के खिलाफ गुस्से के कारण ईरान के कई शहरों में व्यापक विरोध प्रदर्शन जारी हैं, जिन पर काबू पाने के लिए सुरक्षाबलों ने बल प्रयोग किया है। नेपाल के विदेश मंत्रालय ने स्पष्ट तौर पर कहा है कि ईरान में रह रहे नेपाली नागरिक स्थानीय सुरक्षा एजेंसियों की सलाह का पालन करें, घरों के भीतर रहें, सतर्कता बरतें और अनावश्यक यात्रा से बचें। मंत्रालय ने यह भी अपील की है कि जो नेपाली नागरिक ईरान की यात्रा की योजना बना रहे हैं, वे हालात सामान्य होने तक अपनी यात्रा टाल दें।
विदेश मंत्रालय ने आपात स्थिति में संपर्क के लिए विशेष फोन नंबर और ईमेल भी जारी किए हैं ताकि संकट की घड़ी में नेपाली नागरिकों को तत्काल सहायता मिल सके। इस बीच ईरान में हालात और गंभीर होते जा रहे हैं। रिपोर्टों के अनुसार, महंगाई और शासन के खिलाफ सड़कों पर उतरे प्रदर्शनकारियों पर कई इलाकों में गोलियां चलाई गई हैं। मानवाधिकार कार्यकर्ता समाचार एजेंसी (HRANA) के मुताबिक अब तक 646 लोगों की मौत हो चुकी है, जिनमें 505 प्रदर्शनकारी शामिल हैं। मृतकों में नौ बच्चे भी बताए गए हैं। इसके अलावा सुरक्षाबलों के 133 सदस्य और कई आम नागरिकों की भी जान गई है।
ईरान सरकार ने स्थिति को नियंत्रित करने के लिए देशभर में इंटरनेट पर कड़ी पाबंदियां लगा दी हैं। वैश्विक इंटरनेट सेवा बंद कर दी गई है और केवल घरेलू नेटवर्क ‘नेशनल इंफॉर्मेशन नेटवर्क’ (NIN) के जरिए सीमित सेवाएं उपलब्ध कराई जा रही हैं। साइबर निगरानी संस्था नेटब्लॉक्स के अनुसार, ईरान में 108 घंटे से अधिक समय से इंटरनेट ब्लैकआउट जारी है। ईरानी अधिकारियों का कहना है कि यह कदम “साइबर युद्ध” और विदेशी साजिशों से निपटने के लिए जरूरी है। वहीं, ईरान ने अमेरिका को चेतावनी देते हुए कहा है कि वह किसी भी सैन्य विकल्प के लिए तैयार है। दूसरी ओर, संयुक्त राष्ट्र मानवाधिकार प्रमुख वोल्कर तुर्क ने हालात पर गहरी चिंता जताते हुए हिंसा पर “भयभीत” होने की बात कही है। ईरान में 16वें दिन भी जारी यह आंदोलन अब 187 शहरों तक फैल चुका है, जिससे पूरे क्षेत्र में अस्थिरता का खतरा बढ़ता जा रहा है।
