चेतावनी के एक घंटे बाद ही आक्रामक हुआ ईरान, अमेरिकी पोत अब्राहम लिंकन को बनाया निशाना(Video)

punjabkesari.in Wednesday, Mar 25, 2026 - 06:57 PM (IST)

International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी ईरान-अमेरिका युद्ध लगातार खतरनाक मोड़ लेता जा रहा है। ताजा रिपोर्ट्स के मुताबिक, ईरान ने अमेरिकी नौसेना के  दैत्याकार विमानवाहक पोत USS Abraham Lincoln पर मिसाइल दागने का दावा किया है। ईरान का कहना है कि उसने चाबहार के निकट, अपनी तटरेखा से लगभग 250–300 किलोमीटर दूर, USS अब्राहम लिंकन की ओर क्रूज़ मिसाइलें दागीं। हालांकि अमेरिका ने इस हमले से हुए नुकसान की पुष्टि नहीं की है और तस्वीरें जारी कर अपने जहाज को सुरक्षित बताया है।

 

🚨🇮🇷🇺🇸 Iran says it fired cruise missiles toward the USS Abraham Lincoln near Chabahar, about 250–300 km off its coast.pic.twitter.com/H54TVGp83R https://t.co/k4xin4RMwm

— Mario Nawfal (@MarioNawfal) March 25, 2026

इससे पहले ईरान ने चेतावनी दी थी कि अगर यह अमेरिकी एयरक्राफ्ट कैरियर उसकी मिसाइल रेंज में आया, तो उसे निशाना बनाया जाएगा। अब हमले के दावे से क्षेत्र में तनाव और बढ़ गया है। इस बीच, Kim Jong Un ने भी अमेरिका की आलोचना करते हुए कहा कि ईरान के खिलाफ युद्ध “स्टेट स्पॉन्सर्ड टेररिज्म” जैसा है। यह बयान वैश्विक स्तर पर इस संघर्ष को और राजनीतिक बना रहा है। वहीं Strait of Hormuz को लेकर भी स्थिति संवेदनशील बनी हुई है। ईरान ने कहा है कि केवल “गैर-शत्रु” जहाजों को ही इस रास्ते से गुजरने दिया जाएगा। इस जलमार्ग से दुनिया का बड़ा हिस्सा तेल सप्लाई होता है, इसलिए इसका असर वैश्विक बाजार पर पड़ रहा है। तेल बाजार में भी उतार-चढ़ाव देखने को मिला है। ब्रेंट क्रूड और अमेरिकी तेल की कीमतों में गिरावट दर्ज की गई, जो इस बात का संकेत है कि बाजार अभी अनिश्चितता के दौर से गुजर रहा है।

 

एक और चिंता की बात यह है कि ईरान ने दावा किया कि उसके Bushehr Nuclear Power Plant के पास एक प्रोजेक्टाइल गिरा। हालांकि इसमें किसी तरह का नुकसान या हताहत नहीं हुआ, लेकिन यह घटना न्यूक्लियर सुरक्षा को लेकर नई चिंता पैदा करती है। इसके अलावा, ऑस्ट्रेलिया ने भी सुरक्षा कारणों से कुछ ईरानी वीजा धारकों के प्रवेश पर अस्थायी रोक लगा दी है। कुल मिलाकर, हालात बेहद तनावपूर्ण बने हुए हैं। एक तरफ सैन्य हमले और चेतावनियां हैं, तो दूसरी तरफ कूटनीतिक बयानबाजी और वैश्विक प्रतिक्रियाएं भी तेज हो रही हैं। इससे साफ है कि यह संघर्ष अब सिर्फ क्षेत्रीय नहीं, बल्कि वैश्विक संकट बनता जा रहा है।
  


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Content Writer

Tanuja

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