पश्चिमी देशों के मुकाबले हंगरी का स्ज़ेचन्य इस्तवान विश्वविद्यालय बना स्टूडैंट्स का डैस्टीनशन

punjabkesari.in Friday, Jun 24, 2022 - 03:34 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्क: दुनिया में शिक्षा के कई दूसरे केंद्रों के तेजी से उभरने के बावजूद भारतीय छात्रों के लिए यूरोप पढ़ाई का प्रमुख केंद्र बना हुआ है। 2012 में दुनियाभर से 14 लाख छात्र पढ़ाई के लिए यूरोप आए थे और हर साल यह आंकड़ा बढ़ता जा रहा है। इसका एक बड़ा कारण पश्चिमी देशों अमरीका, इंगलैंड और कनाडा के मुकाबले यूरोप में शिक्षा का सस्ता होना भी है। इस कारण हर साल अधिक से अधिक स्टूडैंट यूरोप में पढ़ाई करने जा रहे हैं। एक अध्ययन के मुताबिक स्टूडैंट्स हंगरी के स्ज़ेचन्य इस्तवान विश्वविद्यालय को अपनी पढ़ाई का डैस्टीनेशन मानते हैं।

स्ज़ेचन्य इस्तवान विश्वविद्यालय मध्य यूरोपीय देश हंगरी के छठे सबसे बड़े शहर ग्योर में स्थित है जोकि हंगरी तथा ऑस्ट्रियाई राजधानियों-बुडापेस्ट और वियना से सिर्फ एक घंटे की दूरी पर है। डा. एर्जसेबेट नाब जोकि ग्योर विश्वविद्यालय के बोर्ड ऑफ ट्रस्ट की अध्यक्ष हैं, के अनुसार यहां पर भारतीय निजी प्रतिष्ठित विश्वविद्यालयों और कॉलेजों की तुलना में सस्ती ट्यूशन फीस शिक्षा मुहैया करवाई जाती है और वह भी यूरोप में सस्ते रहन-सहन के साथ। विश्वविद्यालय इंजीनियरिंग, अर्थशास्त्र और कृषि से संबंधित कोर्स अंग्रेजी में मुहैया करवाता है।

शिक्षा और अनुसंधान के अलावा, हंगेरियन इंस्टीच्यूशन को गैस्ट्रोनॉमी और हॉस्पिटैलिटी में व्यापक अनुभव है तथा ग्योर में एक फोर स्टार होटल का प्रबंधन इसके पास है। इसके अलावा इस विश्वविद्यालय द्वारा कई रेस्तरां और कैटरिंग यूनिट चलाए जा रहे हैं। वर्ष के अंत तक एक इंडियन किसिने रैस्टोरैंट खोलने की योजना है। यह इंस्टीच्यूट बड़ी संख्या में एशिया के छात्रों के स्वागत के लिए तैयार है।
 


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Content Writer

Anil dev

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