अमेरिकी जेट मामले पर ईरान का तीखा प्रहार- “ट्रंप को ऐसी 3 और जीत मिली तो पूरा अमेरिका खत्म!”
punjabkesari.in Sunday, Apr 05, 2026 - 05:23 PM (IST)
International Desk: मिडिल ईस्ट में जारी युद्ध के बीच Iran और United States के बीच तनाव और अधिक बढ़ गया है। अब यह संघर्ष केवल सैन्य कार्रवाई तक सीमित नहीं रहा, बल्कि बयानबाजी और मनोवैज्ञानिक युद्ध भी तेज हो गया है। ईरान की संसद के स्पीकर Mohammad Bagher Ghalibaf ने अमेरिका पर तीखा हमला करते हुए कहा कि अगर अमेरिका को ऐसी तीन और “जीत” मिल जाएं, तो वह पूरी तरह बर्बाद हो जाएगा। उन्होंने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर गिराए गए विमानों की तस्वीरें साझा कर अमेरिका की सैन्य सफलता पर सवाल उठाए।
ईरान की सेना का दावा है कि उसने दक्षिणी इस्फहान क्षेत्र में अमेरिकी सेना को बड़ा नुकसान पहुंचाया है। उनके अनुसार, ईरानी बलों ने दो Black Hawk हेलीकॉप्टर और एक C-130 सैन्य ट्रांसपोर्ट विमान को मार गिराया। साथ ही, कई ड्रोन भी नष्ट किए गए। यह कार्रवाई ईरान के सैन्य मुख्यालय Khatam al-Anbiya Central Headquarters के नेतृत्व में की गई बताई जा रही है। ईरान का कहना है कि यह सब उस समय हुआ जब अमेरिकी सेना अपने गिराए गए F-15 लड़ाकू विमान के पायलट को बचाने की कोशिश कर रही थी। ईरान ने इस पूरे ऑपरेशन को अमेरिका की विफलता बताया और कहा कि अमेरिका अपनी हार को छिपाने के लिए इसे “जीत” के रूप में पेश कर रहा है।
दूसरी तरफ, अमेरिकी राष्ट्रपति Donald Trump ने इस ऑपरेशन को बड़ी सफलता बताया है। उन्होंने कहा कि अमेरिकी सेना ने बेहद खतरनाक परिस्थितियों में अपने लापता पायलट को सुरक्षित बाहर निकाला। उनके अनुसार, यह अमेरिकी इतिहास के सबसे साहसी रेस्क्यू ऑपरेशनों में से एक है। ट्रंप ने यह भी बताया कि इस मिशन में दर्जनों लड़ाकू और सपोर्ट विमान शामिल थे, जो लगातार पायलट की लोकेशन पर नजर रखे हुए थे। पायलट को ईरान के पहाड़ी इलाके से निकाला गया और वह घायल जरूर है, लेकिन सुरक्षित है और ठीक हो जाएगा।
इस पूरे घटनाक्रम में सबसे बड़ी बात यह है कि दोनों देशों के दावे एक-दूसरे से बिल्कुल अलग हैं। जहां ईरान खुद को विजेता बता रहा है और अमेरिकी नुकसान का दावा कर रहा है, वहीं अमेरिका इसे अपनी सैन्य ताकत और सफलता के रूप में पेश कर रहा है। विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के विरोधाभासी दावे इस बात का संकेत हैं कि युद्ध अब सूचना और प्रचार के स्तर पर भी लड़ा जा रहा है। दोनों देश अपनी-अपनी जनता और दुनिया के सामने खुद को मजबूत दिखाना चाहते हैं। कुल मिलाकर, यह साफ है कि ईरान और अमेरिका के बीच तनाव लगातार बढ़ रहा है। सैन्य झड़पों के साथ-साथ बयानबाजी भी तेज हो गई है, जिससे पूरे पश्चिम एशिया में बड़े और लंबे संघर्ष का खतरा बढ़ता जा रहा है।
