ईरान में जंग और गरीबी की दोहरी मारः मकानों का किराया पहुंच से बाहर, देश छोड़कर भाग रहे लोग

punjabkesari.in Wednesday, May 20, 2026 - 07:36 PM (IST)

International Desk: ईरान इस समय दोहरी मार झेल रहा है। एक तरफ युद्ध और क्षेत्रीय तनाव, दूसरी तरफ तेजी से बढ़ती महंगाई। इसका सबसे बड़ा असर राजधानी तेहरान (Tehran) के हाउसिंग मार्केट पर पड़ा है, जहां मकानों का किराया आम लोगों की पहुंच से बाहर हो चुका है। रिपोर्ट के मुताबिक, ईरान में न्यूनतम मासिक वेतन लगभग 90 डॉलर है। सरकारी सब्सिडी और भत्ते जोड़ने के बाद भी आम आदमी की कुल आय करीब 120 डॉलर तक ही पहुंचती है।

 

किराया आय से कई गुना ज्यादा
ईरान के सांख्यिकीय केंद्र के अनुसार, पिछले एक साल में किराए में करीब 31% की वृद्धि हुई है। वहीं तेहरान के प्रॉपर्टी डीलरों का कहना है कि कई इलाकों में किराया 30 से 40 प्रतिशत तक बढ़ चुका है। देश में महंगाई दर लगभग 73% तक पहुंचने से हालात और गंभीर हो गए हैं। महंगे किराए और आर्थिक संकट के कारण  कई लोग अब रूममेट्स के साथ रह रहे हैं। परिवार बड़े शहर छोड़कर छोटे कस्बों में लौट रहे हैं। कुछ लोग रिश्तेदारों के घरों में रहने को मजबूर हैं रियल एस्टेट एजेंट्स का कहना है कि युद्ध के डर और आर्थिक अनिश्चितता की वजह से लोग नए रेंट एग्रीमेंट करने से बच रहे हैं।

 

नए मकान बनना भी बंद
निर्माण सामग्री की कीमतें तेजी से बढ़ने के कारण कई नए हाउसिंग प्रोजेक्ट रुक गए हैं। इससे बाजार में नए घरों की सप्लाई कम हो गई है और किराए और बढ़ते जा रहे हैं। ईरानी सरकार ने किराया वृद्धि की सीमा 25% तय की थी, लेकिन जमीन पर इसका असर लगभग नहीं दिख रहा।
सरकार की ओर से दिए जा रहे सिक्योरिटी डिपॉजिट लोन भी तेहरान जैसे महंगे शहरों में पर्याप्त नहीं माने जा रहे।
  


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Content Writer

Tanuja

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