यूरोप ने ट्रंप के आगे टेके घुटनेः सैन्य ठिकानों और रक्षा सहयोग पर बदला रुख ! NATO चीफ के बयान से दुनिया हैरान
punjabkesari.in Monday, May 04, 2026 - 05:14 PM (IST)
International Desk: अमेरिका और यूरोप में बढ़ते तनाव के बीच NATO के महासचिव का बड़ा बयान सामने आया है। NATO महासचिव मार्क रुटे (Mark Rutte) ने कहा है कि यूरोपीय देशों ने अब अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का संदेश समझ लिया है और वे अपनी सैन्य जिम्मेदारियों को लेकर गंभीर हो गए हैं। उन्होंने यह बयान आर्मेनिया में आयोजित एक सम्मेलन के दौरान दिया। रुटे के मुताबिक, अमेरिका की नाराजगी के बाद यूरोप अब सैन्य ठिकानों के इस्तेमाल और रक्षा सहयोग से जुड़े समझौतों को लागू करने की दिशा में तेजी से काम कर रहा है।
दरअसल, ट्रंप ने हाल ही में कई NATO देशों पर आरोप लगाया था कि वे अमेरिका को पर्याप्त समर्थन नहीं दे रहे हैं, खासकर ईरान से जुड़े मौजूदा संघर्ष के बीच। इसी कारण अमेरिका और यूरोप के बीच तनाव बढ़ गया था। जर्मनी के चांसलर फ्रेडरिक मर्ज़ (Friedrich Merz) ने भी अमेरिका को NATO का सबसे महत्वपूर्ण साझेदार बताया, हालांकि कुछ दिन पहले उन्होंने ट्रंप की नीतियों की आलोचना भी की थी। इससे दोनों नेताओं के बीच मतभेद साफ नजर आते हैं। इस बीच, ट्रंप प्रशासन ने यूरोप में अमेरिकी सैनिकों की संख्या कम करने का फैसला किया है, खासकर जर्मनी में। इससे ट्रांस-अटलांटिक रिश्तों में और तनाव बढ़ने की आशंका जताई जा रही है।ट्रंप और मर्ज के बीच बयानबाजी भी तेज हो गई है।
ट्रंप ने जर्मन चांसलर की आलोचना करते हुए कहा था कि उन्हें अपने देश के मुद्दों पर ध्यान देना चाहिए, जबकि मर्ज ने ईरान के परमाणु खतरे को लेकर अमेरिका के साथ साझा चिंता जताई है। वहीं, पोलैंड के प्रधानमंत्री डोनाल्ड टस्क (Donald Tusk) ने चेतावनी दी है कि NATO के लिए सबसे बड़ा खतरा बाहरी दुश्मन नहीं, बल्कि उसके अंदरूनी मतभेद हैं। उन्होंने सभी देशों से एकजुट होकर इस स्थिति को सुधारने की अपील की। NATO के भीतर बढ़ते मतभेद और अमेरिका-यूरोप के बीच तनाव यह संकेत देते हैं कि गठबंधन को अपनी एकता बनाए रखने के लिए अब गंभीर कदम उठाने होंगे।
