Exclusive: खुफिया दुनिया में भी एपस्टीन ! टॉप-सीक्रेट SCIF तक कैसे पहुंचा दरिंदा जैफ्री, ईमेल ने बढ़ाई बेचैनी

punjabkesari.in Monday, Feb 09, 2026 - 05:04 PM (IST)

International Desk: जेफ्री एपस्टीन से जुड़े अनसील्ड ईमेल्स में एक चौंकाने वाला संदेश सामने आया है, जिसमें उसने पूर्व ट्रंप रणनीतिकार स्टीव बैनन को लिखा था।  इस खुलासे के बाद सोशल मीडिया और विश्लेषकों के बीच सवाल उठ रहे हैं कि अगर एपस्टीन कोई सरकारी एजेंट नहीं था, तो वह SCIF जैसी जगह में आखिर क्यों जा रहा था। एपस्टीन के एक ईमेल में लिखा गया वाक्य “Going into a SCIF talk tomorrow” ने गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। जेफ्री एपस्टीन  न तो किसी सरकारी पद पर था, न ही किसी खुफिया एजेंसी का आधिकारिक सदस्य घोषित किया गया।  ऐसे में यह सवाल उठ रहा है कि  क्या उसे विशेष अनुमति मिली थी? या वह किसी बैठक में अतिथि के तौर पर गया था? या फिर उसने केवल दावा किया, जिसकी पुष्टि नहीं हुई? विशेषज्ञों के अनुसार, कुछ दुर्लभ परिस्थितियों में  प्राइवेट कॉन्ट्रैक्टर,  टेक्निकल कंसल्टेंट, या विशेष गवाह SCIF में प्रवेश कर सकते हैं। लेकिन इसके लिए भी कठोर बैकग्राउंड चेक और अस्थायी क्लियरेंस जरूरी होती है। एपस्टीन के मामले में ऐसी किसी आधिकारिक पुष्टि अब तक सामने नहीं आई है।

 

 SCIF क्या होता है?  
SCIF का पूरा नाम है Sensitive Compartmented Information Facility।  यह एक बेहद सुरक्षित सरकारी कमरा या परिसर होता है, जहां केवल अत्यंत गोपनीय खुफिया जानकारी पर चर्चा की जाती है।SCIF में मोबाइल फोन, इंटरनेट डिवाइस, रिकॉर्डिंग उपकरण पूरी तरह प्रतिबंधित होते हैं। इन कमरों का इस्तेमाल आमतौर पर CIA, NSA, FBI, पेंटागन और व्हाइट हाउस जैसी एजेंसियां करती हैं। आमतौर पर SCIF तक पहुंच केवल उन्हीं लोगों को मिलती है जिनके पास Top Secret या SCI Clearance होता है। इनमें सीनियर सरकारी अधिकारी, खुफिया एजेंसी के अधिकारी, या विशेष रूप से अधिकृत लोग शामिल होते हैं। यही कारण है कि किसी निजी नागरिक का SCIF में जाना असामान्य माना जाता है।

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संदिग्ध भाषा और कोड वर्ड्स 
एक अन्य ईमेल में एपस्टीन ने लिखा, “I loved the torture video.” इस ईमेल में प्राप्तकर्ता का नाम आधिकारिक दस्तावेज़ों में ब्लैकआउट किया गया है। हालांकि इंटरनेट पर कुछ लोगों ने अन्य अनरेडैक्टेड ईमेल्स से “Peter Mandelson” नाम उठाकर उसे उसी जगह फिट किया है। सोशल मीडिया यूज़र्स का दावा है कि नाम “pixel-for-pixel” मेल खाता है, लेकिन इस दावे की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है। एपस्टीन से जुड़े एक अन्य ईमेल में लिखा गया, “How do we deal with the frozen white tuna?” इस वाक्य को लेकर ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर व्यापक अटकलें चल रही हैं। कुछ यूज़र्स का दावा है कि “jerky” और इसी तरह के शब्द कथित रूप से कोड भाषा हो सकते हैं, जबकि किसी भी जांच एजेंसी ने इस व्याख्या की पुष्टि नहीं की है। इसी चर्चा के दौरान सोशल मीडिया पर यह भी सामने आया कि फ्रांसिस डर्बी नामक एक शेफ का जिक्र होता है, जो “The Cannibal” नामक रेस्तरां से जुड़ा बताया जाता है। हालांकि यह कनेक्शन केवल ऑनलाइन चर्चाओं तक सीमित है और इसे किसी आधिकारिक जांच में प्रमाणित नहीं किया गया है।

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 छिपा कैमरा और ब्लैकमेल एंगल
एपस्टीन पर वर्षों से यह आरोप लगता रहा है कि वह रसूखदार लोगों पर समझौता करने वाली सामग्री इकट्ठा करता था। अगर उसका SCIF जैसे सुरक्षित स्थानों से संपर्क था, तो यह आशंका पैदा होती है कि क्या उसे संवेदनशील जानकारी तक पहुंच मिली? या फिर वह केवल प्रभाव जमाने के लिए ऐसे दावे करता था? यह सवाल अब जांचकर्ताओं और पत्रकारों के लिए अहम बन चुका है। 2010 के एक ईमेल में एपस्टीन की असिस्टेंट एक “great room” का जिक्र करती है, जिसमें एक हिडन कैमरा सीधे बिस्तर की ओर लगाया गया बताया गया है। विशेषज्ञों और आलोचकों का मानना है कि इस तरह की सेट-अप ब्लैकमेल के लिए इस्तेमाल की जा सकती थी। यह खुलासा एपस्टीन के कथित ब्लैकमेल नेटवर्क को लेकर पुरानी आशंकाओं को फिर से हवा देता है।

 

धार्मिक टिप्पणी और नैतिक गिरावट
एक अन्य ईमेल एक्सचेंज में एपस्टीन एक लड़की का मज़ाक उड़ाता दिखता है, जिसने कहा था कि वह सोते समय मानती है कि यीशु उसकी रक्षा करते हैं। इसके जवाब में किसी ने लिखा, “You should dress up as him when you see her.” इस बातचीत ने ऑनलाइन तीखी प्रतिक्रिया पैदा की है, जहां इसे मानसिक और नैतिक रूप से घृणित बताया जा रहा है।

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‘Dr. Steven Victor’ और ‘Dr. Evil’ रहस्य
एपस्टीन फाइलों में Dr. Steven Victor का नाम 567 बार दर्ज पाया गया है।  इसके अलावा, उसे 43 बार “Dr. Evil” कहकर संदर्भित किया गया है। इन उल्लेखों ने यह सवाल खड़ा कर दिया है कि Dr. Victor की भूमिका एपस्टीन के नेटवर्क में क्या थी और वह किस हैसियत से इतना बार संपर्क में था। इन सभी ईमेल्स और शब्दों की व्याख्या को लेकर सोशल मीडिया पर जबरदस्त चर्चाएं चल रही हैं। हालांकि यह साफ किया गया है कि SCIF का जिक्र, ईमेल्स की भाषा और कथित कोड वर्ड्स अभी तक जांच एजेंसियों द्वारा आधिकारिक रूप से किसी आपराधिक निष्कर्ष से नहीं जोड़े गए हैं। एपस्टीन फाइलों से सामने आ रहे ये ईमेल्स यह संकेत देते हैं कि उसका नेटवर्क केवल यौन अपराधों तक सीमित नहीं था, बल्कि सत्ता, निगरानी, ब्लैकमेल और रहस्यमय संपर्कों की परतें भी इसमें शामिल थीं। फिलहाल कई सवाल अनुत्तरित हैं, और हर नया दस्तावेज़ इस केस को और अधिक भयावह और जटिल बनाता जा रहा है।

 

सोशल मीडिया बनाम आधिकारिक रिकॉर्ड 
ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स पर SCIF ईमेल को सरकारी एजेंसी कनेक्शन का सबूत बताया जा रहा है।  हालांकि  FBI, CIA या अमेरिकी न्याय विभाग ने अब तक यह पुष्टि नहीं की है कि एपस्टीन को SCIF एक्सेस मिला था। यह अंतर समझना जरूरी है कि ईमेल में लिखा दावा और आधिकारिक पुष्टि दो अलग चीजें हैं। एपस्टीन को केवल एक यौन अपराधी के रूप में नहीं,बल्कि  सत्ता, निगरानी और खुफिया दुनिया के संभावित संपर्कों वाले व्यक्ति के रूप में पेश करता है। यही कारण है कि यह एंगल केस को और ज्यादा गंभीर और वैश्विक स्तर पर संवेदनशील बना देता है। 


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Content Writer

Tanuja

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