IMF Reorpt में खुलासाः कंगाल पाकिस्तान को चीन का ‘आर्थिक गुलाम’ बनाने में जुटे इमरान

2021-04-11T11:00:31

इस्लामाबादः वाशिंगटन स्थित अंतरराष्ट्रीय मुद्रा कोष (IMF) की रिपोर्ट के बाद विदेशों के कर्ज पर  पल रहे पाकिस्‍तान के प्रधानमंत्री इमरान खान की मुश्किलें  और बढ़ती  नजर आ रही हैं। पाकिस्तान ने IMF के ऋण कार्यक्रम के तहत छह महीने में करीब एक दर्जन शर्तों को पूरा किया है, लेकिन नकदी संकट से जूझ रहे इस देश की आर्थिक स्थिरता अभी भी चीन से मिलने वाली 11 अरब अमेरिकी डॉलर की सहायता पर टिकी है।

 

मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक  IMF ने गुरुवार को छह अरब डॉलर के ऋण कार्यक्रम के लिए अपनी स्टाफ स्तर की रिपोर्ट में कहा कि पाकिस्तान सरकार अक्टूबर से अब तक बिजली की कीमतों में 5.65 रुपये प्रति यूनिट या 36 प्रतिशत बढ़ोतरी करने की तैयार कर रही है। ऋण प्रबंधन योजना के मुताबिक इस बढ़ोतरी से उपभोक्ताओं पर जून 2023 तक 884 अरब रुपए का अतिरिक्त बोझ पड़ेगा। इसके अलावा सरकार जून में आईएमएफ की शर्त के तहत जीडीपी के 1.1 प्रतिशत या 600 अरब रुपये के बराबर नए कर लगाएगी। ये शर्तें उन 11 कार्रवाइयों में शामिल हैं, जिन्हें सरकार को इस साल सितंबर तक पूरा करना है।

 

रिपोर्ट के मुताबिक आईएमएफ की मदद के बाजवूद पाकिस्तान काफी हद तक चीन की मदद पर निर्भर रहेगा। पाकिस्तान को अपनी वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए चीन के मिलने वाली 10.8 अरब डॉलर की मदद के साथ ही यूएई से दो अरब डॉलर, विश्व बैंक से 2.8 अरब डॉलर, जी-20 से 1.8 अरब डॉलर, एशियाई विकास बैंक से 1.1 अरब डॉलर और इस्लामिक डेवलपमेंट बैंक से एक अरब डॉलर की मदद की दरकार होगी।
 


Content Writer

Tanuja

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