अमेरिका के कारण बूंद-बूद डीजल-पेट्रोल को तरसा ये देश, सरकार ने घोषित किया ''ब्लैकआउट'', ट्रंप से मांगी मदद तो...

punjabkesari.in Saturday, May 16, 2026 - 01:29 PM (IST)

International Desk: कैरेबियन क्षेत्र का छोटा द्वीपीय देश क्यूबा Cuba इस समय गंभीर ऊर्जा संकट का सामना कर रहा है। देश में पेट्रोल, डीजल और अन्य ईंधन का भंडार लगभग खत्म हो चुका है, जिसके कारण बड़े पैमाने पर ब्लैकआउट हो रहे हैं। राजधानी Havana समेत कई शहरों में प्रतिदिन 20 से 22 घंटे तक बिजली गुल रहने की खबरें सामने आई हैं। स्थिति इतनी गंभीर हो चुकी है कि अस्पताल सामान्य रूप से काम नहीं कर पा रहे और स्कूलों तथा कई सरकारी कार्यालयों को बंद करने की नौबत आ गई है।

 

संकट के बीच अमेरिका की एंट्री
लंबे समय से तनावपूर्ण संबंधों के बावजूद अमेरिका ने क्यूबा को राहत देने के संकेत दिए हैं। रिपोर्ट के मुताबिक, John Ratcliffe ने हवाना में क्यूबा के अधिकारियों से मुलाकात की। बताया जा रहा है कि अमेरिका ने क्यूबा पर लगे ऑयल ब्लॉकेड को सीमित रूप से कम करने और लगभग 100 मिलियन डॉलर की सहायता देने का प्रस्ताव रखा है।
 

अमेरिका की शर्त क्या है?
अमेरिकी अधिकारियों ने साफ किया कि मदद सीधे क्यूबा सरकार को नहीं दी जाएगी। इसके बजाय सहायता Catholic Church और अन्य स्वतंत्र मानवीय संगठनों के जरिए पहुंचाने की योजना है। अमेरिकी विदेश विभाग ने कहा कि वाशिंगटन क्यूबा के साथ आर्थिक और सुरक्षा मुद्दों पर गंभीर बातचीत के लिए तैयार है, लेकिन इसके लिए हवाना को कुछ राजनीतिक और प्रशासनिक बदलाव करने होंगे।
 

ट्रंप के कारण बढ़ा संकट
रिपोर्टों के अनुसार, क्यूबा पहले अपनी तेल जरूरतों के लिए Mexico और Venezuela पर निर्भर था। लेकिन Donald Trump प्रशासन द्वारा क्यूबा को तेल सप्लाई करने वाले देशों पर टैरिफ और प्रतिबंधों की चेतावनी दिए जाने के बाद दोनों देशों ने तेल आपूर्ति काफी हद तक घटा दी। इसका सीधा असर क्यूबा की रिफाइनरी और बिजली उत्पादन प्रणाली पर पड़ा, जिससे देश ऊर्जा संकट में फंस गया।
 

क्यूबा की प्रतिक्रिया
क्यूबा के राष्ट्रपति Miguel Díaz-Canel ने कहा कि यदि अमेरिका केवल ब्लॉकेड हटा दे तो हालात तेजी से सुधर सकते हैं। वहीं क्यूबा के विदेश मंत्री Bruno Rodríguez Parrilla ने कहा कि हवाना अमेरिकी प्रस्ताव की पूरी जानकारी और उसकी शर्तों को समझने के लिए तैयार है। विशेषज्ञों का मानना है कि यह संकट केवल ऊर्जा की समस्या नहीं बल्कि अमेरिका-क्यूबा संबंधों में नई रणनीतिक चाल का हिस्सा भी बन सकता है। एक तरफ अमेरिका मानवीय सहायता की बात कर रहा है, वहीं दूसरी ओर वह क्यूबा पर राजनीतिक दबाव बनाए रखना चाहता है। ऐसे में आने वाले दिनों में यह देखना अहम होगा कि क्यूबा अमेरिकी प्रस्ताव स्वीकार करता है या नहीं।
 


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Content Writer

Tanuja

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