ट्रंप की डील पर भूचालः ईरान को मिलेगा ₹28 लाख करोड़ का पुनर्निर्माण पैकेज, अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी भी हटेगी

punjabkesari.in Saturday, May 30, 2026 - 01:41 PM (IST)

International Desk: मध्य पूर्व में जारी तनाव के बीच अमेरिका और ईरान के बीच संभावित 60 दिन के युद्धविराम समझौते को लेकर बड़ी जानकारी सामने आई है। मीडिया रिपोर्टों के अनुसार प्रस्तावित समझौते में ईरान को 300 अरब डॉलर (करीब 28.5 लाख करोड़ रुपए) का पुनर्निर्माण फंड उपलब्ध कराने और अमेरिकी कंपनियों को ईरान में निवेश की अनुमति देने का प्रस्ताव शामिल है। रिपोर्ट के अनुसार यह राशि युद्ध से प्रभावित बुनियादी ढांचे, ऊर्जा क्षेत्र और आर्थिक पुनर्निर्माण के लिए इस्तेमाल की जा सकती है। ईरानी सूत्रों ने इसे एक बड़े "रीकंस्ट्रक्शन प्रोग्राम" के रूप में पेश किया है।अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप (Donald Trump) ने दावा किया है कि अमेरिका और ईरान परमाणु कार्यक्रम को लेकर समझौते के करीब पहुंच गए हैं। उनके अनुसार संभावित समझौते में ईरान परमाणु हथियार नहीं बनाएगा और उसके उच्च संवर्धित यूरेनियम भंडार को समाप्त किया जाएगा। ट्रंप ने यह भी संकेत दिया कि समझौता होने पर अमेरिका नौसैनिक नाकेबंदी में राहत देगा और Strait of Hormuz में जहाजों से टोल वसूली का विवाद भी समाप्त हो सकता है।

 
तेहरान का ट्रंप के दावों से साफ इंकार 
हालांकि तेहरान ने ट्रंप के दावों से साफ इंकार कर दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघई ने कहा कि परमाणु कार्यक्रम पर कोई औपचारिक बातचीत नहीं चल रही है। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी फार्स ने भी सूत्रों के हवाले से दावा किया कि मौजूदा मसौदे में यूरेनियम भंडार नष्ट करने जैसी कोई शर्त शामिल नहीं है।  ईरानी संसद के अध्यक्ष मोहम्मद बाक़िर ग़ालिबफ़ (Mohammad Bagher Ghalibaf) ने कहा कि ईरान केवल ठोस कार्रवाई पर भरोसा करेगा, अमेरिकी बयानों पर नहीं। एक तरफ अरबों डॉलर के पुनर्निर्माण पैकेज और युद्धविराम विस्तार की चर्चा है, दूसरी तरफ परमाणु कार्यक्रम, होर्मुज जलडमरूमध्य और लेबनान मोर्चे पर गंभीर मतभेद जारी हैं। ऐसे में ट्रंप प्रशासन की आगामी घोषणा यह तय कर सकती है कि मध्य पूर्व शांति की ओर बढ़ेगा या फिर एक नए सैन्य टकराव की ओर। 

 
ट्रंप की राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक 
इसी बीच ट्रंप ने पुष्टि की है कि वह व्हाइट हाउस के सिचुएशन रूम में अपने शीर्ष राष्ट्रीय सुरक्षा सलाहकारों के साथ बैठक कर रहे हैं, जहां ईरान समझौते पर "अंतिम फैसला" लिया जाएगा। सूत्रों के अनुसार प्रस्तावित समझौता वर्तमान युद्धविराम को 60 दिनों के लिए बढ़ा सकता है, जिससे स्थायी शांति समझौते के लिए अतिरिक्त समय मिल सके। अमेरिकी रक्षा मंत्री  पीट हेगसेथ (Pete Hegseth) ने सिंगापुर में आयोजित शांगरी-ला वार्ता (Shangri-La Dialogue) में कहा कि यदि वार्ता विफल रही तो अमेरिका फिर से सैन्य अभियान शुरू करने में सक्षम है।उन्होंने कहा कि अमेरिका के पास पर्याप्त हथियार, मिसाइलें और सैन्य संसाधन हैं तथा उसका रक्षा उत्पादन तेजी से बढ़ाया जा रहा है।

 

होर्मुज  पर टकराव बरकरार
अमेरिका ने ओमान और अन्य देशों को चेतावनी दी है कि यदि वे ईरान की नई टोल व्यवस्था का समर्थन करते हैं तो उन पर प्रतिबंध लगाए जा सकते हैं। दूसरी ओर ईरान की Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया है कि पिछले 24 घंटों में 24 जहाजों को होर्मुज जलडमरूमध्य से सुरक्षित गुजरने की अनुमति दी गई और समुद्री यातायात नियंत्रित तरीके से चल रहा है।

 

इजराइल ने बढ़ाया सैन्य दबाव
इस बीच इजराइल और हिजबुल्लाह के बीच तनाव कम नहीं हुआ है। World Health Organization ने चेतावनी दी है कि लेबनान में स्वास्थ्य व्यवस्था गंभीर संकट का सामना कर रही है। युद्धविराम के बाद भी स्वास्थ्य केंद्रों पर 27 हमलों की रिपोर्ट सामने आई है। 16 अस्पताल और 13 स्वास्थ्य केंद्र क्षतिग्रस्त हुए हैं। UNICEF के अनुसार पिछले एक सप्ताह में औसतन हर दिन 11 बच्चे मारे गए या घायल हुए हैं। इजराइली सेना ने दावा किया है कि उसने हिजबुल्लाह के एक रॉकेट लॉन्चर को नष्ट कर दिया है। वहीं प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू (Benjamin Netanyahu) ने संकेत दिए हैं कि दक्षिणी लेबनान में सैन्य अभियान और तेज किया जा सकता है। उत्तरी इजराइल में कई बार एयर रेड सायरन बजाए गए हैं, जबकि सीमा क्षेत्रों में मिसाइल और ड्रोन हमलों का खतरा बना हुआ है।
 
 


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Content Writer

Tanuja

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