क्या AI खा जाएगा नौकरियां? चीन में कर्मचारी पहले से जानते हैं इसका जवाब

punjabkesari.in Sunday, Aug 02, 2026 - 07:28 PM (IST)

International Desk: आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) दुनिया भर में तेजी से फैल रहा है, लेकिन चीन में इसका असर अब लोगों की नौकरियों पर साफ दिखाई देने लगा है। ड्राइवरलेस टैक्सी से लेकर फिल्म इंडस्ट्री तक, कई क्षेत्रों में AI इंसानों की जगह ले रहा है। इससे लाखों कर्मचारियों के सामने रोजगार का संकट खड़ा हो गया है और भविष्य को लेकर चिंता बढ़ने लगी है। चीन के वुहान शहर में 2022 से टेक कंपनी बाइडू की AI आधारित Apollo Go ड्राइवरलेस टैक्सियां चल रही हैं। 45 वर्षीय टैक्सी चालक याओ शिननोंग का कहना है कि इन टैक्सियों के आने के बाद उनकी आमदनी करीब 40 प्रतिशत तक घट गई। कुछ महीने पहले तकनीकी खराबी के कारण रोबोटैक्सियां बंद हुईं तो यात्रियों ने फिर सामान्य टैक्सियों का रुख किया और उनकी कमाई कुछ समय के लिए बढ़ गई।

 

AI का असर केवल टैक्सी चालकों तक सीमित नहीं है। बीजिंग के सिनेमैटोग्राफर तियान जेमिन का कहना है कि लगभग 20 साल फिल्म इंडस्ट्री में काम करने के बाद अब उन्हें काम मिलना मुश्किल हो रहा है। उनका दावा है कि AI अब इतने वास्तविक डिजिटल कलाकार और वीडियो तैयार कर रहा है कि कई प्रोडक्शन हाउस इंसानी कर्मचारियों की जगह सॉफ्टवेयर का इस्तेमाल करने लगे हैं। उनकी फ्रीलांस आय भी 2019 की तुलना में लगभग 40 प्रतिशत रह गई है। चीन में पहले से ही रोजगार का दबाव बढ़ा हुआ है। रियल एस्टेट और शिक्षा जैसे क्षेत्रों में मंदी के बाद बड़ी संख्या में लोग गिग इकॉनमी में आ चुके हैं। एक थिंक टैंक के अनुसार, 2026 तक चीन में 32 करोड़ लोग लचीले (फ्लेक्सिबल) रोजगार में होंगे, जो देश के कुल कार्यबल का लगभग 44 प्रतिशत है। ऐसे में AI का तेजी से बढ़ता उपयोग इन लोगों के लिए नई चुनौती बन गया है। वुहान में 2024 में ड्राइवरलेस टैक्सियों के विरोध में टैक्सी चालकों ने प्रदर्शन भी किया था।

 

उनका कहना था कि नई तकनीक गरीब और मध्यम वर्ग के लोगों की रोजी-रोटी छीन रही है। हालांकि इस विरोध से जुड़ी कई खबरों को बाद में हटा दिया गया। चीन के राष्ट्रपति शी जिनपिंग AI को देश के विकास और समृद्धि का बड़ा साधन मानते हैं। लेकिन अब चीन सरकार भी मान रही है कि नई तकनीक रोजगार के लिए चुनौती बन सकती है। सरकारी अखबार वर्कर्स डेली ने हाल ही में लिखा कि AI के दौर में रोजगार संबंधी नियमों के सामने नई चुनौतियां खड़ी हो रही हैं। सरकार ने भी संकेत दिए हैं कि रोजगार पर AI के प्रभाव को कम करने के लिए नई नीतियां बनाई जाएंगी। विशेषज्ञों का कहना है कि आने वाले वर्षों में AI कई पारंपरिक नौकरियों की जगह ले सकता है। हालांकि उनका मानना है कि जो लोग समय रहते AI के साथ काम करना सीखेंगे और नए कौशल विकसित करेंगे, उनके लिए रोजगार के नए अवसर भी पैदा हो सकते हैं। फिर भी चीन के लाखों कर्मचारियों के लिए फिलहाल सबसे बड़ा सवाल यही है क्या AI आने वाले समय में इंसानों की नौकरियां खा जाएगा?
 

 


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Content Writer

Tanuja

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