AI पर ब्रेक को लेकर ट्रंप का दो टूक जवाब-‘चीन से पीछे रहना मंजूर नहीं, AI की दौड़ जीतने वाला ही होगा असली विजेता’

punjabkesari.in Monday, Sep 14, 2026 - 02:55 PM (IST)

Washington: कृत्रिम मेधा यानी AI को लेकर दुनियाभर में सुरक्षा और निगरानी से जुड़ी चिंताएं बढ़ रही हैं, लेकिन अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने AI के विकास की रफ्तार पर रोक लगाने की मांग को खारिज कर दिया है। ट्रंप ने साफ कहा कि अमेरिका चीन के साथ एआई की वैश्विक दौड़ में अपनी बढ़त नहीं खो सकता और इस प्रतिस्पर्धा में जीतना ही सबसे जरूरी है। आयरलैंड यात्रा के दौरान पत्रकारों से बातचीत में ट्रंप ने एआई के विकास को धीमा करने या उस पर कड़े प्रतिबंध लगाने के विचार पर असहमति जताई। हालांकि, उन्होंने यह जरूर माना कि कुछ हद तक नियमों की जरूरत हो सकती है, लेकिन किसी संभावित नियम का कोई स्पष्ट खाका पेश नहीं किया। 

 

ट्रंप ने कहा कि एआई को लेकर बहुत सी चिंताएं अनावश्यक रूप से नकारात्मक सोच का परिणाम हैं। उन्होंने कहा कि अमेरिका कुछ कड़े कदम उठा सकता है, लेकिन उन्हें लगता है कि कई लोग ऐसी आशंकाएं जता रहे हैं जो शायद कभी वास्तविकता न बनें। उन्होंने जोर देकर कहा कि जो भी एआई की दौड़ जीतेगा, वही शीर्ष पर रहेगा।जब उनसे पूछा गया कि क्या AI उद्योग की रफ्तार धीमी की जानी चाहिए या इसके लिए नए नियम बनाए जाने चाहिए, तो ट्रंप ने कहा कि अमेरिका AI के विकास में चीन से आगे है और वह इस बढ़त को कायम रखना चाहते हैं।

 

चीन के साथ सीधी टक्कर
ट्रंप की चिंता का सबसे बड़ा कारण चीन के साथ अमेरिका की तकनीकी प्रतिस्पर्धा है। उन्होंने स्पष्ट किया कि अमेरिका एआई के क्षेत्र में अपनी बढ़त गंवाने का जोखिम नहीं उठा सकता। ट्रंप का यह रुख ऐसे समय सामने आया है जब चीन के राष्ट्रपति शी चिनफिंग के इस महीने के अंत में व्हाइट हाउस में उनसे मुलाकात करने की संभावना है। ऐसे में एआई दोनों देशों के बीच होने वाली बातचीत का एक महत्वपूर्ण मुद्दा बन सकता है।  ट्रंप की टिप्पणी AI कंपनी एंथ्रोपिक के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डारियो अमोदेई की उस मांग के बाद आई है, जिसमें उन्होंने सुरक्षा उपायों को मजबूत करने के लिए एआई के विकास की रफ्तार कुछ धीमी करने की वकालत की थी। तकनीकी क्षेत्र की कई प्रमुख हस्तियों ने भी AI के तेजी से विकास और उससे जुड़े संभावित खतरों को लेकर चिंता जताई है। ओपनएआई के प्रमुख सैम ऑल्टमैन और एलन मस्क समेत कई तकनीकी दिग्गजों ने भी अमोदेई के विचार का समर्थन किया है।

 

अमेरिका में डेटा सेंटर को लेकर भी बढ़ी चिंता
अमेरिका में AI अब केवल तकनीकी क्षेत्र का मुद्दा नहीं रह गया है, बल्कि चुनावी राजनीति में भी महत्वपूर्ण विषय बन गया है। बड़ी तकनीकी कंपनियां छोटे शहरों और ग्रामीण इलाकों में बड़े पैमाने पर डेटा सेंटर बना रही हैं। इन केंद्रों के लिए भारी मात्रा में बिजली और पानी की जरूरत पड़ती है। इसके चलते कई समुदायों में कृषि योग्य जमीन, पानी की उपलब्धता और बढ़ते बिजली बिलों को लेकर चिंता बढ़ रही है। रिपब्लिकन और डेमोक्रेटिक दोनों दलों के कुछ नेताओं ने डेटा सेंटर परियोजनाओं से दूरी बनाई है और कई स्थानीय समुदाय इन्हें रोकने की कोशिश भी कर रहे हैं। इसके बावजूद ट्रंप लगातार डेटा सेंटर और एआई ढांचे के विस्तार का समर्थन करते रहे हैं।

 

ओबामा बोले- AI को चुनावी मुद्दा बनाए डेमोक्रेट
दूसरी ओर, अमेरिका के पूर्व राष्ट्रपति बराक ओबामा ने डेमोक्रेटिक पार्टी से AI को प्रमुख चुनावी मुद्दा बनाने की अपील की है। ओबामा ने पिछले सप्ताह कहा था कि पार्टी को सुरक्षा, बच्चों और रोजगार पर एआई के संभावित प्रतिकूल प्रभावों से निपटने के लिए जनता के सामने एक स्पष्ट योजना रखनी चाहिए। इस तरह अमेरिका में एआई को लेकर बहस अब केवल यह नहीं रह गई है कि तकनीक कितनी तेजी से आगे बढ़े, बल्कि यह भी सवाल बन गया है कि उसकी रफ्तार, सुरक्षा, रोजगार, ऊर्जा और राष्ट्रीय प्रतिस्पर्धा के बीच संतुलन कैसे बनाया जाए। 


सबसे ज्यादा पढ़े गए

Content Writer

Tanuja

Related News