नदी में चीख-पुकार! यात्रियों से भरी नाव पलटी, बच्चों-महिलाओं समेत 15 लोगों की गई जान
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 01:03 PM (IST)
Nile River Tragedy : अफ्रीका की जीवनदायिनी मानी जाने वाली नील नदी एक बार फिर मातम की गवाह बनी है। सूडान के उत्तरी नील नदी प्रांत में यात्रियों से खचाखच भरी एक नाव संतुलन बिगड़ने के कारण नदी में समा गई। इस दिल दहला देने वाले हादसे में कम से कम 15 लोगों की डूबने से मौत हो गई है जिनमें बड़ी संख्या में महिलाएं और मासूम बच्चे शामिल हैं।

सफर बना काल: क्या हुआ उस पल?
जानकारी के अनुसार नाव में कुल 27 लोग सवार थे। गवाहों का कहना है कि नाव जैसे ही नदी के बीच पहुंची वह अचानक डगमगाने लगी और कुछ ही सेकंड में पलट गई। सूडान डॉक्टर्स नेटवर्क के मुताबिक अब तक 15 शवों को निकाला जा चुका है। राहत की बात यह रही कि 6 लोगों को समय रहते बचा लिया गया। 6 लोग अब भी नदी की लहरों में लापता हैं जिनकी तलाश में बचाव दल और स्थानीय गोताखोर जुटे हुए हैं।

हादसे की जड़ में ओवरलोडिंग और लापरवाही
सूडान में नदी परिवहन आवाजाही का मुख्य साधन है लेकिन यह मौत का सफर भी बनता जा रहा है। इस त्रासदी के पीछे कई बड़े कारण सामने आए हैं। शुरुआती जांच में पता चला है कि नाव में क्षमता से ज्यादा लोग सवार थे। नाव में न तो लाइफ जैकेट थी और न ही सुरक्षा के कोई अन्य इंतज़ाम। प्रशासन द्वारा नदी परिवहन के नियमों की सरेआम अनदेखी की जा रही है।

नील नदी: मिस्र का वरदान अब बन रही मौत का जाल?
करीब 6,650 किलोमीटर लंबी नील नदी दुनिया की सबसे लंबी नदी है। सदियों से यह अफ्रीका की रीढ़ रही है लेकिन हाल के वर्षों में सुरक्षा नियमों में ढिलाई और जर्जर नावों के कारण यहां हादसों का ग्राफ बढ़ा है। स्थानीय डॉक्टरों और संगठनों ने सरकार से मांग की है कि नदी सुरक्षा के कड़े कानून बनाए जाएं और आधुनिक रेस्क्यू उपकरण उपलब्ध कराए जाएं।
