Islamabad: इबादत के वक्त बिछीं लाशें: जुमे की नमाज के दौरान इमाम बारगाह में धमाका, पूरे इलाके में चीख-पुकार और अफरा-तफरी का माहौल
punjabkesari.in Friday, Feb 06, 2026 - 04:41 PM (IST)
नेशनल डेस्क: पाकिस्तान की राजधानी इस्लामाबाद आज उस वक्त दहल उठी जब जुमे की नमाज के दौरान एक इमामबाड़े को निशाना बनाया गया। शहर के शहजाद टाउन स्थित 'इमाम बारगाह खदीजत-उल-कुबरा' में हुए इस जोरदार धमाके ने पूरी राजधानी में दहशत फैला दी है। विस्फोट इतना शक्तिशाली था कि आसपास की इमारतों के शीशे टूट गए जिसमें अब तक 31 लोगों की मौत हो गई इसके अलावा 169 लोग घायल बताए जा रहे है। इलाके में अफरा-तफरी का माहौल बन गया। प्रशासन ने सुरक्षा के मद्देनजर पूरे शहर में तत्काल प्रभाव से इमरजेंसी लागू कर दी है। जानकारी के मुताबिक यह एक आत्मघाती बम ब्लास्ट था।
खून से सनी मस्जिद और बदहवास लोग
धमाके के तुरंत बाद पुलिस और बचाव दल के दस्ते मौके पर पहुंच गए। स्थानीय मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, हमले में कई लोगों के हताहत होने की खबर है, हालांकि अभी तक मौतों का आधिकारिक आंकड़ा जारी नहीं किया गया है। मौके पर मौजूद चश्मदीदों के अनुसार, धमाका इबादत के वक्त हुआ जिससे नमाजियों को संभलने का मौका तक नहीं मिला। सुरक्षा एजेंसियों ने पूरे तरलाई इलाके को घेर लिया है और चप्पे-चप्पे पर कड़ी निगरानी रखी जा रही है।

अस्पताल अलर्ट मोड पर
विस्फोट की गंभीरता को देखते हुए इस्लामाबाद के बड़े अस्पतालों—PIMS, पॉलीक्लिनिक और सीडीए (CDA)—को अलर्ट मोड पर डाल दिया गया है। PIMS अस्पताल के प्रमुख ने जानकारी दी है कि घायलों के इलाज के लिए इमरजेंसी वार्ड के साथ-साथ बर्न सेंटर और न्यूरोलॉजी विभाग को पूरी तरह सक्रिय कर दिया गया है। एम्बुलेंस के जरिए घायलों को लगातार अस्पताल लाया जा रहा है, जहां डॉक्टरों की टीमें उनकी जान बचाने में जुटी हैं।
#BREAKING
— Aamaj News English (@aamajnews_EN) February 6, 2026
A powerful explosion has rocked the Khadija-tul-Kubra Imambargah in Islamabad’s Tarlai area, sending shockwaves across the city and sparking deep concern.
Police and rescue teams rushed to the scene within minutes, while investigations are underway.#aamajnews pic.twitter.com/LiuoYRZGuS
जांच के घेरे में सुरक्षा व्यवस्था
फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि यह हमला किस तरह का था और इसके पीछे किसका हाथ है। क्या यह कोई आत्मघाती हमला था या विस्फोटक पहले से वहां रखा गया था, इसकी जांच की जा रही है। फॉरेंसिक टीमें घटना स्थल से सुराग जुटा रही हैं। इस घटना ने एक बार फिर राजधानी की सुरक्षा पर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं। जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ेगी, मामले की और अधिक परतें खुलने की उम्मीद है।
देश के राष्ट्रपति आसिफ अली जरदारी ने इस हमले पर गहरा दुख जताते हुए इसे इंसानियत के खिलाफ अपराध करार दिया है। उन्होंने अधिकारियों को सख्त निर्देश दिए हैं कि पीड़ितों को इलाज में किसी भी तरह की कमी न आने दी जाए। वहीं, संसदीय मामलों के मंत्री तारिक फजल चौधरी ने इसे आतंकियों की बुजदिली बताते हुए कहा कि ऐसे हमलों से देश का हौसला नहीं टूटेगा। उन्होंने जनता से इस मुश्किल घड़ी में एकजुट रहने और शांति बनाए रखने की अपील की है। फिलहाल सुरक्षा एजेंसियां इलाके की घेराबंदी कर सबूत जुटाने में लगी हैं।
