Social Media Ban: फ्रांस में सोशल मीडिया पर बड़ा फैसला, 15 साल से कम उम्र वालों पर पूरी तरह रोक

punjabkesari.in Wednesday, Jan 28, 2026 - 04:44 PM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः फ्रांस ने बच्चों और किशोरों की ऑनलाइन सुरक्षा को लेकर एक बड़ा और सख्त कदम उठाया है। देश की नेशनल असेंबली ने एक अहम विधेयक पारित किया है, जिसके तहत 15 वर्ष से कम उम्र के बच्चे अब टिकटॉक, इंस्टाग्राम, फेसबुक और स्नैपचैट जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। सरकार का कहना है कि यह फैसला बच्चों की मानसिक सेहत को बचाने, साइबर बुलिंग पर रोक लगाने और युवाओं में बढ़ती हिंसा व गलत व्यवहार की प्रवृत्तियों को कम करने के उद्देश्य से लिया गया है।

उम्र सत्यापन अनिवार्य, नियम तोड़ने पर जुर्माना
नए कानून के मुताबिक, सोशल मीडिया कंपनियों को अपने प्लेटफॉर्म पर उपयोगकर्ताओं की उम्र की सटीक जांच के लिए मजबूत तकनीकी व्यवस्था लागू करनी होगी। अगर कंपनियां इसमें विफल रहती हैं तो उन पर भारी जुर्माना लगाया जाएगा। फ्रांसीसी अधिकारियों का कहना है कि पिछले 10 वर्षों में 13 से 15 वर्ष के बच्चों में डिप्रेशन और आत्महत्या के मामलों में करीब 60 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है, जिसमें सोशल मीडिया की भूमिका को एक बड़ा कारण माना गया है।


राष्ट्रपति मैक्रोन का समर्थन
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुअल मैक्रोन ने इस विधेयक का खुलकर समर्थन किया है। उन्होंने इसे बच्चों और किशोरों की सुरक्षा की दिशा में जरूरी कदम बताया। मैक्रोन ने कहा कि युवा वर्ग को ऑनलाइन प्लेटफॉर्म्स के नकारात्मक प्रभाव से बचाना समय की मांग है और स्क्रीन टाइम को सीमित करना बेहद जरूरी हो गया है।


संसद में भारी बहुमत से पास हुआ बिल
यह विधेयक नेशनल असेंबली में रात भर चली लंबी बहस के बाद पारित किया गया। मतदान में 130 सांसदों ने इसके पक्ष में जबकि 21 सांसदों ने इसके खिलाफ वोट दिया। अब यह प्रस्ताव कानून बनने से पहले मंजूरी के लिए सीनेट में भेजा जाएगा।


2026 से लागू होंगे नए नियम
सरकार की योजना है कि ये नए नियम सितंबर 2026 से शुरू होने वाले शैक्षणिक सत्र से नए सोशल मीडिया खातों पर लागू किए जाएं। वहीं, जो मौजूदा खाते उम्र सीमा को पूरा नहीं करते हैं, उन्हें साल के अंत तक बंद कर दिया जाएगा।


यूरोपीय संघ की भूमिका भी अहम
यूरोपीय आयोग ने कहा है कि इस कानून का प्रभावी क्रियान्वयन यूरोपीय संघ के नियमों और भरोसेमंद आयु-सत्यापन प्रणालियों पर निर्भर करेगा। इस कानून के तहत शैक्षणिक प्लेटफॉर्म, ऑनलाइन शिक्षा सेवाएं और डिजिटल विश्वकोश को छूट दी गई है, ताकि बच्चों की पढ़ाई और जानकारी तक पहुंच प्रभावित न हो।


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Content Editor

Mansa Devi

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