बांग्लादेश में उतरी अमेरिकी सेना; भारतीय सीमा के करीब शुरू की सैन्य गतिविधियां, सुरक्षा एजेंसियों की स्थिति पर पैनी नजर
punjabkesari.in Tuesday, Jul 21, 2026 - 04:52 PM (IST)
International Desk: भारत की पूर्वोत्तर सीमा के करीब स्थित बांग्लादेश के सिलहट में अमेरिका और बांग्लादेश की सेनाओं ने संयुक्त सैन्य अभ्यास 'टाइगर लाइटनिंग 2026' शुरू किया है। यह 13 दिनों का युद्धाभ्यास 20 जुलाई से शुरू होकर 31 जुलाई तक चलेगा। इसका आयोजन बांग्लादेश सेना की पैरा कमांडो ब्रिगेड की देखरेख में किया जा रहा है। बांग्लादेश की सेना के जनसंपर्क विभाग ISPR के अनुसार, इस अभ्यास में अमेरिकी सेना की यूएस आर्मी पैसिफिक कमांड और ओरेगन नेशनल गार्ड के 91 सैनिक, जबकि बांग्लादेश सेना की पैरा कमांडो ब्रिगेड और अन्य इकाइयों के 93 जवान हिस्सा ले रहे हैं।
Partnerships! Soldiers from U.S. Army Pacific and the Oregon National Guard, and Bangladesh soldiers of the 1st Parachute Commando Battalion learn survival techniques in Bangladesh, on July 19th, 2026. https://t.co/6wA8Z77eiX
— OregonNationalGuard (@OregonGuard) July 20, 2026
भारत के लिए क्यों अहम है सिलहट?
सिलहट बांग्लादेश का वह इलाका है जो भारत के मेघालय और असम से लगी अंतरराष्ट्रीय सीमा के बेहद करीब है। यही वजह है कि इस क्षेत्र में अमेरिकी सेना की मौजूदगी और विशेष बलों का संयुक्त प्रशिक्षण सामरिक दृष्टि से महत्वपूर्ण माना जा रहा है। हालांकि, अमेरिका और बांग्लादेश ने इसे नियमित द्विपक्षीय सैन्य सहयोग का हिस्सा बताया है।
क्या है 'टाइगर लाइटनिंग' अभ्यास?
'टाइगर लाइटनिंग' अमेरिका और बांग्लादेश के बीच होने वाला एक द्विपक्षीय सैन्य अभ्यास है, जिसकी शुरुआत 2017 में हुई थी। कोविड-19 महामारी के दौरान यह कुछ समय के लिए स्थगित रहा था, लेकिन अब इसे फिर से आयोजित किया जा रहा है। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच तालमेल बढ़ाना, संयुक्त अभियानों की क्षमता विकसित करना और विशेष अभियान (स्पेशल ऑपरेशन्स) का प्रशिक्षण देना है। अभ्यास के उद्घाटन समारोह में बांग्लादेश सेना के चीफ ऑफ जनरल स्टाफ लेफ्टिनेंट जनरल मोहम्मद मैनुर रहमान और बांग्लादेश में अमेरिका के राजदूत ब्रेंट टी. क्रिस्टेंसन शामिल हुए। मैनुर रहमान ने कहा कि यह प्रशिक्षण दोनों देशों की सेनाओं की ऑपरेशनल क्षमता बढ़ाने और रणनीतिक साझेदारी को मजबूत करने में मदद करेगा। वहीं अमेरिकी राजदूत ने कहा कि यह अभ्यास दोनों देशों के बीच विश्वास, सहयोग और खुले एवं सुरक्षित इंडो-पैसिफिक क्षेत्र के साझा लक्ष्य को आगे बढ़ाता है।
तुर्की दौरे के बीच शुरू हुआ अभ्यास
यह सैन्य अभ्यास ऐसे समय शुरू हुआ है जब बांग्लादेश के सेना प्रमुख जनरल वकार-उज-जमां तुर्की की यात्रा पर हैं। इससे क्षेत्रीय सुरक्षा और सामरिक गतिविधियों को लेकर चर्चाएं तेज हो गई हैं, हालांकि अभ्यास को दोनों देशों ने नियमित रक्षा सहयोग का हिस्सा बताया है। ढाका स्थित अमेरिकी दूतावास ने कहा कि यह अभ्यास यूएस आर्मी पैसिफिक के थिएटर आर्मी कैंपेन प्लान का हिस्सा है। इसका उद्देश्य दोनों सेनाओं के बीच पेशेवर संबंध मजबूत करना, सैन्य तैयारियों में सुधार लाना और संयुक्त अभियानों में बेहतर समन्वय स्थापित करना है।
