अमेरिकी सेना में बड़ा बदलावः हथियारों के साथ अब हार्मोन पर भी फोकस, सैनिकों के लिए नया नियम लागूू
punjabkesari.in Thursday, Jul 16, 2026 - 04:34 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्क: अमेरिका के रक्षा मंत्री (सेक्रेटरी ऑफ वॉर) पीट हेगसेथ ने अमेरिकी सेना के जवानों के लिए नई स्वास्थ्य पहल की घोषणा की है। इसके तहत का हर साल टेस्टोस्टेरोन टेस्ट अनिवार्य होगा। वहीं 30 साल से कम उम्र के सैनिक चाहें तो स्वेच्छा से यह जांच करा सकेंगे। हेगसेथ ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर जारी वीडियो संदेश में कहा कि आधुनिक हथियारों के साथ-साथ सबसे बड़ी ताकत सैनिक की शारीरिक क्षमता और स्वास्थ्य है। इसलिए सेना को हर समय सर्वोत्तम प्रदर्शन के लिए तैयार रखना जरूरी है।
क्यों शुरू की गई यह पहल?
हेगसेथ ने कहा कि उम्र बढ़ने के साथ पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन का स्तर स्वाभाविक रूप से कम होने लगता है। इससे मांसपेशियां कमजोर होना, थकान, वजन बढ़ना और अन्य स्वास्थ्य समस्याएं हो सकती हैं। ऐसे मामलों में जरूरत पड़ने पर सैनिकों को टेस्टोस्टेरोन रिप्लेसमेंट थेरेपी (TRT) का विकल्प भी दिया जाएगा। उन्होंने स्पष्ट किया कि यह योजना कृत्रिम प्रदर्शन बढ़ाने के लिए नहीं, बल्कि सैनिकों की प्राकृतिक क्षमता को बनाए रखने और लंबे समय तक फिट रखने के लिए है।
ट्रंप प्रशासन की व्यापक नीति का हिस्सा
यह फैसला ट्रंप प्रशासन की उस नीति का हिस्सा माना जा रहा है, जिसमें शारीरिक फिटनेस और पारंपरिक सैन्य मानकों पर जोर दिया जा रहा है। इससे पहले भी सेना में फिटनेस मानकों को और सख्त किया गया था। विशेषज्ञों के अनुसार, 30 से 79 वर्ष की उम्र के लगभग 5.6% पुरुषों में टेस्टोस्टेरोन की कमी पाई जाती है, जिससे मधुमेह, हृदय रोग, ऑस्टियोपोरोसिस और अवसाद जैसी समस्याओं का खतरा बढ़ सकता है।
