हिंदू काउंसिल का दावा- नवमी के दिन बांग्लादेश में हुई हिंसा में माता दुर्गा की मूर्ति तोड़ तालाब में फेंकी

10/14/2021 4:04:13 PM

ढाका : आज नवमी के दिन बांग्लादेश के कई इलाके में दुर्गा पूजा पंडालों और मूर्तियों पर हमलों की कई घटनाएं सामने आई हैं । कोमिला के नानुआ दिघी में  बुधवार शाम को घटी एक घटना में  एक दुर्गा पूजा पंडाल पर भीड़ ने हमला किया था। दरअसल, देवी दुर्गा के चरणों में पवित्र कुरान की एक प्रति रखे जाने पर  उग्र  भीड़ ने मूर्ति को कथित तौर पर एक तालाब में फेंक दिय।
 

एक व्यक्ति द्वारा सोशल मीडिया, व्हाट्सएप पर कथित तौर पर भड़काऊ तस्वीरें साझा करने के बाद अराजकता फैल गई। खबरों के मुताबिक, दुर्गा प्रतिमा को तोड़ने के लिए भगदड़ मचाने वाली गुस्साई भीड़ को पुलिस काबू नहीं कर पाई और प्रतिमा को  एक तालाब में फेंक दिया गया। 
 

बता दें कि इस पूरी घटना की तस्वीरें बांग्लादेश हिंदू एकता परिषद द्वारा साझा की गईं, जिसमें कहा गया था कि पूजो हो गया ... से: कोमिला ननुयार दिघी पूजा मंडप। हम 2021 की दुर्गा पूजा को कभी नहीं भूलेंगे। माँ दुर्गा आप सभी का भला करें। वहीं इस पर एक ट्विटर यूजर के सवाल के जवाब में कि दुर्गा अष्टमी पर मूर्तियों को क्यों विसर्जित किया गया, परिषद ने जवाब दिया कि टूटी हुई मूर्तियों की पूजा नहीं की जा सकती।
 

बांग्लादेश के इतिहास में एक निंदनीय दिन
परिषद ने आगे लिखा कि बांग्लादेश के इतिहास में एक निंदनीय दिन। हम एक ट्वीट में बयां नहीं कर सकते हैं कि पिछले 24 घंटों में क्या हुआ है। बांग्लादेश के हिंदुओं ने कुछ लोगों के असली चेहरे देखे। हमें नहीं पता कि भविष्य में क्या होगा लेकिन बांग्लादेश के हिंदू 2021 की दुर्गा पूजा को कभी नहीं भूलेंगे। 


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Content Writer

Anu Malhotra

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