Bangladesh में चुनाव अंतिम उम्मीद ! हिंसा के बावजूद मतदान केंद्रों पर लगी लंबी कतारें, वोटिंग दौरान 43 जगहों पर हिंसा व 140 बूथों पर गड़बड़ी
punjabkesari.in Thursday, Feb 12, 2026 - 02:10 PM (IST)
International Desk: बांग्लादेश में गुरुवार को 13वें संसदीय चुनाव के तहत मतदान जारी है। चुनाव आयोग के वरिष्ठ सचिव अख्तर अहमद ने बताया कि दोपहर 12:00 बजे तक 32,789 मतदान केंद्रों पर मतदान हुआ। इस बीच, गोपालगंज और मुंशीगंज में सुबह-सुबह देसी बम धमाके हुए। डेली स्टार अखबार के मुताबिक, आज के चुनाव में 2,000 से ज़्यादा उम्मीदवार मैदान में हैं, लेकिन उनमें से सिर्फ़ 109 महिलाएं हैं। देशभर में लगभग 9.5 लाख सुरक्षाकर्मी तैनात हैं। 394 अंतरराष्ट्रीय पर्यवेक्षक और 197 विदेशी पत्रकार चुनाव पर नजर बनाए हुए हैं।
जनमत संग्रह के साथ हो रहा चुनाव
यह चुनाव 84-सूत्रीय सुधार पैकेज पर जनमत संग्रह के साथ हो रहा है। पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना की पार्टी अवामी लीग पर प्रतिबंध के चलते मुख्य मुकाबला बांग्लादेश नेशनलिस्ट पार्टी (BNP) और जमात-ए-इस्लामी के नेतृत्व वाले गठबंधन के बीच है। Bangladesh में चुनाव अंतिम उम्मीद के तौर पर देखें जा रहे हैं जिस कारण मतदान केंद्रों पर सुबह से ही मतदाताओं की लंबी कतारें देखी गईं। बड़ी संख्या में महिलाएं, युवा और हिंदू नागरिक वोट डालने पहुंचे। हालांकि, शांतिपूर्ण मतदान के बीच कई इलाकों से हिंसा और अव्यवस्था की खबरें भी सामने आईं।
UPDATE: Bangladeshis are voting in a pivotal election testing the country’s return to democracy after a student-led uprising ousted longtime leader Sheikh Hasina in August 2024. The race pits the Bangladesh Nationalist Party against a Jamaat-e-Islami-led coalition. pic.twitter.com/OZUNq3Y1tT
— Hortabin Media (@HortabinMedia) February 12, 2026
40 सेंटर्स पर गड़बड़ी, 43 जगहों पर झड़प
ढाका स्थित चुनाव आयोग के सूत्रों के मुताबिक, देशभर के 140 मतदान केंद्रों पर अव्यवस्था दर्ज की गई, जबकि 43 केंद्रों पर हाथापाई और झड़पें हुईं। चार स्थानों पर पोलिंग एजेंट्स को बाहर निकाले जाने की शिकायतें भी मिली हैं। इसके बावजूद मतदान केंद्रों पर लोगों में उत्साह देखा जा रहा है और बूथों पर लंबी कतारें लगी दिखीं। बड़ी तादाद में महिलाएं भी वोटिंग सेंटरों पर पहुंच रही हैं। इनमें बड़ी संख्या में हिंदू नागरिक भी शामिल हैं । ‘द डेली स्टार’ की रिपोर्ट के अनुसार, मुंशीगंज सदर उपजिला के एक मतदान केंद्र पर सुबह करीब 10 बजे क्रूड बम धमाका हुआ। पुलिस के अनुसार यह घटना दो विरोधी उम्मीदवारों के समर्थकों के बीच झड़प के दौरान हुई।वहीं, गोपालगंज में भी वोटिंग के दौरान बम फेंके जाने से तीन लोग घायल हुए, जिनमें दो अंसार कर्मी और एक बच्चा शामिल है।
Bangladesh is holding national elections Today, the first since a 2024 student movement ousted Prime Minister Sheikh Hasina.
— महावीर, ಮಹಾವೀರ, Mahaveer (@Mahaveer_VJ) February 12, 2026
More than 120 million voters are eligible, with the Awami League barred and the opposition BNP widely expected to win.
Notable other parties are the… pic.twitter.com/hOdE3OIPnR
ब्राह्मणबरिया में रोकी गई वोटिंग
अखोन टीवी की रिपोर्ट के मुताबिक, ब्राह्मणबरिया जिले में समर्थकों के बीच हाथापाई के बाद एक मतदान केंद्र पर करीब 10 मिनट तक वोटिंग रोकनी पड़ी।चुनाव आयोग के मुताबिक, सुबह 11 बजे तक 32,000 से अधिक मतदान केंद्रों पर 14.96 प्रतिशत मतदान दर्ज किया गया। मतदान प्रक्रिया को शांतिपूर्ण बनाए रखने के लिए सेना, पुलिस, रैपिड एक्शन बटालियन (RAB) और अंसार बलों की तैनाती की गई है। ढाका-9 सीट से निर्दलीय उम्मीदवार तस्नीम जारा ने आरोप लगाया कि उनके पोलिंग एजेंट्स को जबरन मतदान केंद्रों से बाहर निकाला गया। उन्होंने इसे चुनावी नियमों का उल्लंघन बताया। चुनाव अधिकारियों की ओर से इन आरोपों पर तत्काल प्रतिक्रिया नहीं आई है।
Free, fair & peaceful election going on in #bangladesh. 😂😂😂
— 🇮🇳Gen Zia (@zia_haq135) February 12, 2026
1. Scuffle breaks out in Mirpur during Bangladesh elections.
2. Open rigging going on in Noakhali 5 seat. There will surely be more such seats.
Awami league cadres have not turned up to vote in their strongholds.… pic.twitter.com/f6CwRlN67d
हिंदू मतदाताओं की सक्रिय भागीदारी व तस्लीमा नसरीन की चेतावनी
पोलिंग बूथों पर हिंदू समुदाय की उल्लेखनीय मौजूदगी देखी गई। महिलाएं भी बड़ी संख्या में मतदान के लिए निकलीं। हालांकि, मतदान से पहले मौलवीबाजार में एक हिंदू युवक की हत्या की खबर ने चिंता बढ़ा दी थी। निर्वासन में रह रहीं लेखिका तस्लीमा नसरीन ने जमात-ए-इस्लामी के बढ़ते प्रभाव को लेकर चिंता जताई। उन्होंने उम्मीद जताई कि चुनी हुई सरकार भविष्य में सेक्युलर राजनीति को मजबूती देगी।
