ईरान ने UNSC में उठाया अमेरिकी हमलों का मुद्दा, कहा- भुगतने होंगे गंभीर परिणाम
punjabkesari.in Thursday, Jul 09, 2026 - 01:30 PM (IST)
इंटरनेशनल डेस्क: ईरान ने अपने क्षेत्र पर अमेरिका के नये हमलों की आधिकारिक जानकारी संयुक्त राष्ट्र सुरक्षा परिषद को दी है। ईरान ने सुरक्षा परिषद से इस मामले में तुरंत कदम उठाने का आग्रह किया है और अमेरिका को इसके गंभीर परिणामों की चेतावनी भी दी है।
संयुक्त राष्ट्र के नियमों का सरेआम उल्लंघन
संयुक्त राष्ट्र में ईरान के राजदूत अमीर सईद इरावानी ने सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र के महासचिव को लिखे एक पत्र में अमेरिका के इन कदमों का कड़ा विरोध किया। उन्होंने इसे संयुक्त राष्ट्र के नियमों और अंतरराष्ट्रीय दायित्वों का सरेआम उल्लंघन बताया। उन्होंने कहा कि अमेरिका बिना किसी उकसावे के ईरान की संप्रभुता और क्षेत्रीय अखंडता पर लगातार हमले कर रहा है। यह पत्र ईरान के दक्षिणी इलाकों पर अमेरिकी हमलों के ठीक एक दिन बाद भेजा गया है।
ईरान के कई सैनिक मारे जाने का आरोप
इन हमलों में संपत्ति का भारी नुकसान हुआ है और ईरान के कई सैनिक मारे गये हैं। इसके ठीक बाद, अमेरिकी विमानों ने देश के दक्षिणी हिस्से में कई अन्य ठिकानों पर फिर से हमले शुरू कर दिये। ईरानी मीडिया के अनुसार, नये हमलों में दक्षिणी शहर चाबहार को निशाना बनाया गया, जहां एक अस्पताल और बिजली के बुनियादी ढांचे को नुकसान पहुंचा। इसके अलावा ईरानशहर और बुशहर जैसे कई अन्य शहरों पर भी हमले हुए, जिनमें एक व्यक्ति की मौत की खबर है।
अमेरिका पर गैर-कानूनी व्यवहार का आरोप
पत्र में याद दिलाया गया कि अमेरिकी कारर्वाई ने पिछले महीने दोनों पक्षों के बीच हुए एक आपसी सहमति पत्र का भी उल्लंघन किया है। यह समझौता पाकिस्तान की मध्यस्थता में हुआ था, जो पूरे ईरान पर अमेरिका और इजरायल द्वारा किये गये सौ से अधिक दिनों के हमलों के बाद हुआ था। ईरान ने कहा कि इन वादों को बार-बार और जानबूझकर तोड़कर, अमेरिका ने इस समझौते को पूरी तरह से खारिज कर दिया है। अब इस गैर-कानूनी व्यवहार और तनाव बढ़ाने के लिए अमेरिका ही पूरी तरह से जिम्मेदार है।
संयुक्त राष्ट्र महासचिव से जिम्मेदारी निभाने की अपील
पत्र में कहा गया कि यह साफ दिखाता है कि अमेरिका अंतरराष्ट्रीय कानूनों की रत्ती भर भी परवाह नहीं करता। ईरानी राजदूत ने सुरक्षा परिषद और संयुक्त राष्ट्र महासचिव से अपनी जिम्मेदारी निभाने की अपील की है। उन्होंने कहा कि अमेरिका को रोकने और उसकी जवाबदेही तय करने के लिए तुरंत, प्रभावी और निर्णायक कदम उठाये जायें।
सुरक्षा परिषद की निष्क्रियता से अमेरिका के हौसले बुलंद
ईरावानी ने इस बात पर भी अफसोस जताया कि ऐसे मामलों में सुरक्षा परिषद की निष्क्रियता ने अमेरिका के हौसले और बुलंद किये हैं। इसी वजह से अमेरिका ईरान के खिलाफ लगातार ताकत का इस्तेमाल कर रहा है, जिससे सुरक्षा परिषद की साख कमजोर हो रही है और अंतरराष्ट्रीय शांति तथा सुरक्षा खतरे में पड़ रही है। उन्होंने कहा कि इन उल्लंघनों से पैदा होने वाले किसी भी नतीजे की पूरी जिम्मेदारी सिफर् अमेरिका की होगी।
