अफगानिस्तान ने लिया पाकिस्तान से बदला, बलूचिस्तान में बरसाए ड्रोन

punjabkesari.in Friday, Jun 19, 2026 - 04:08 PM (IST)

International Desk: पाकिस्तान और अफगानिस्तान के बीच तनाव लगातार बढ़ता जा रहा है। हाल ही में पाकिस्तान की ओर से अफगानिस्तान में किए गए हमलों के बाद अब अफगानिस्तान ने जवाबी कार्रवाई की है। अफगानिस्तान की वायु सेना ने पाकिस्तान के बलूचिस्तान प्रांत में कई स्थानों पर ड्रोन हमले किए हैं। अफगान सरकार का दावा है कि इन हमलों में ISIS से जुड़े ठिकानों को निशाना बनाया गया। 

अफ़ग़ानिस्तान स्थित समाचार एजेंसी 'खामा प्रेस' की रिपोर्ट के मुताबिक, शुक्रवार को जारी एक बयान में अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसकी सेनाओं ने रात भर पाकिस्तान के बलूचिस्तान और खैबर पख्तूनख्वा प्रांतों में ISIS से जुड़ी सुविधाओं पर हवाई हमले किए। मंत्रालय ने कहा कि जिन जगहों को निशाना बनाया गया, उनका इस्तेमाल कथित तौर पर अफ़ग़ानिस्तान के ख़िलाफ़ हमलों की योजना बनाने और उन्हें अंजाम देने के लिए किया जा रहा था। अफ़ग़ानी अधिकारियों के अनुसार, हाल के वर्षों में अफ़ग़ानिस्तान में हुए कुछ सबसे घातक हमले इन्हीं इलाकों में काम करने वाले नेटवर्क से जुड़े थे।

'खामा प्रेस' की रिपोर्ट के अनुसार, मंत्रालय ने कहा कि इन हवाई हमलों के दौरान "महत्वपूर्ण और चिह्नित लक्ष्यों" को सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया। उसने चेतावनी दी कि अफ़ग़ानिस्तान उन समूहों के ख़िलाफ़ सख़्त कार्रवाई करेगा जिन्हें वह देश के लिए खतरा मानता है। अफ़ग़ानिस्तान के रक्षा मंत्रालय ने 'X' पर पोस्ट किया, "उन्हें सफलतापूर्वक निशाना बनाया गया है। यह याद रखना ज़रूरी है कि अफ़ग़ानिस्तान अब अपनी सुरक्षा और स्थिरता के ख़िलाफ़ किसी भी खतरे को बर्दाश्त नहीं करेगा, और अपनी सभी क्षमताओं का इस्तेमाल करके किसी भी खतरे को शुरुआती चरण में ही खत्म कर देगा।"

यह ताज़ा घटना पिछले कुछ महीनों में पाकिस्तान और अफ़ग़ानिस्तान के बीच बढ़ते तनाव के बीच हुई है, जिसमें बार-बार गोलीबारी और नागरिकों के हताहत होने को लेकर चिंताएं बढ़ रही हैं। इससे पहले, 11 जून को अफ़ग़ानिस्तान के विदेश मंत्रालय ने काबुल में पाकिस्तान के 'चार्ज डी'अफेयर्स' (राजनयिक प्रतिनिधि) को तलब किया था। यह कदम अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन और रिहायशी घरों पर पाकिस्तानी हवाई हमलों, जिनमें 13 नागरिक मारे गए थे, के ख़िलाफ़ कड़ा विरोध दर्ज कराने के लिए उठाया गया था। यह कदम तालिबान के प्रवक्ता ज़बीहुल्लाह मुजाहिद के उस बयान के बाद उठाया गया, जिसमें उन्होंने कहा था कि 9 जून की रात अफ़ग़ानिस्तान के कुनार, खोस्त और पक्तिका प्रांतों में हुए हमले में 11 बच्चे, एक महिला और एक बुजुर्ग व्यक्ति मारे गए, जबकि 14 अन्य महिलाएं और बच्चे घायल हो गए।

सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म 'X' पर साझा किए गए एक बयान में अफ़ग़ानी मंत्रालय ने कहा, "अफ़ग़ानिस्तान के इस्लामिक अमीरात ने काबुल में पाकिस्तानी दूतावास के 'चार्ज डी'अफेयर्स' को तलब किया और अफ़ग़ानिस्तान के हवाई क्षेत्र के उल्लंघन तथा निर्दोष नागरिकों के घरों पर बमबारी के संबंध में अपना कड़ा और दृढ़ विरोध दर्ज कराया।" अफ़ग़ान मंत्रालय ने इस हमले की निंदा करते हुए इसे अंतरराष्ट्रीय सिद्धांतों और कानूनों का उल्लंघन बताया। साथ ही, मंत्रालय ने ज़ोर देकर कहा कि अपने इलाक़े की रक्षा करना और अपने लोगों की सुरक्षा सुनिश्चित करना उसकी जायज़ ज़िम्मेदारी है।

मंत्रालय ने चेतावनी दी कि पाकिस्तान को प्रॉक्सी नीतियां लागू करने के बजाय अपनी अंदरूनी समस्याओं का समाधान खोजना चाहिए। उसने सवाल किया, "यह कैसे हो सकता है कि एक इलाक़े में बच्चों और महिलाओं की हत्या से दूसरे इलाक़े में सुरक्षा स्थापित हो?" अफ़ग़ान मंत्रालय ने कहा, "हम एक बार फिर साफ़ तौर पर याद दिलाते हैं कि बार-बार होने वाले इन उल्लंघनों और अपराधों के सभी नतीजों की ज़िम्मेदारी पाकिस्तान सेना की होगी।"


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Content Editor

Sahil Kumar

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