24 साल के लड़के की नहीं आती थी दाढ़ी, डेढ़ लाख में करवा ली सर्जरी, बाल के साथ आ गई ''मौत''!

punjabkesari.in Thursday, Feb 19, 2026 - 12:17 AM (IST)

इंटरनेशनल डेस्कः सोशल मीडिया पर इन दिनों फ्रांस के 24 साल के बिजनेस स्टूडेंट मैथ्यू विगियर लातूर (Mathieu Vigier Latour) की कहानी तेजी से वायरल हो रही है। दाढ़ी न आने की वजह से वह खुद को अधूरा महसूस करते थे। उन्हें लगता था कि घनी दाढ़ी से उनका चेहरा ज्यादा मर्दाना और आकर्षक लगेगा।

इसी चाहत में उन्होंने इंटरनेट पर “beard transplant in Turkey” और “cheap beard transplant Istanbul” जैसे कीवर्ड सर्च किए और एक क्लिनिक तक पहुंच गए।

सस्ती सर्जरी का लालच कैसे बना जाल

फ्रांस में जहां यही बियर्ड ट्रांसप्लांट प्रक्रिया काफी महंगी थी, वहीं तुर्की के Istanbul में सिर्फ 1300 यूरो में सर्जरी का वादा किया गया। क्लिनिक की वेबसाइट पर Turkish Ministry of Health की मोहर जैसी जानकारी देखकर उन्हें भरोसा हो गया। कम कीमत और आकर्षक विज्ञापन के कारण उन्होंने मार्च 2025 में तुर्की जाने का फैसला किया।

सर्जरी में क्या हुआ?

प्रोसीजर के तहत उनके सिर (स्कैल्प) से करीब 4000 हेयर ग्राफ्ट निकालकर चेहरे पर लगाने की योजना थी। लेकिन बाद में सामने आया कि सर्जरी कोई अनुभवी डॉक्टर नहीं, बल्कि एक रियल एस्टेट एजेंट कर रहा था।

  • करीब 1000 ग्राफ्ट खराब हो गए।

  • दाढ़ी पैची (टुकड़ों में) और असमान दिखने लगी।

  • चेहरा पहले से ज्यादा बिगड़ा हुआ नजर आने लगा।

यह सब मेडिकल लापरवाही का नतीजा बताया जा रहा है।

बिगड़ती तबीयत और मानसिक असर

सर्जरी के बाद मैथ्यू को इंफेक्शन, सूजन और लगातार दर्द की शिकायत होने लगी। फ्रांस लौटने के बाद उनकी हालत और खराब हो गई। उनके पिता जैक्स के अनुसार, वह गहरे सदमे और शर्मिंदगी में डूब गए थे। चेहरा बिगड़ जाने का असर उनके आत्मविश्वास और मानसिक सेहत पर गंभीर पड़ा। जून 2025 में, सर्जरी के करीब तीन महीने बाद, मैथ्यू ने आत्महत्या कर ली। परिवार का आरोप है कि तुर्की में चल रहे कई बिना लाइसेंस (unregulated) क्लिनिक और फर्जी डॉक्टर इस हादसे के जिम्मेदार हैं।

मेडिकल टूरिज्म का कड़वा सच

तुर्की, खासकर Istanbul, मेडिकल टूरिज्म का बड़ा केंद्र माना जाता है। हर साल हजारों लोग hair transplant और beard transplant के लिए वहां जाते हैं। कम कीमत और तेज रिजल्ट का लालच लोगों को आकर्षित करता है। लेकिन कई क्लिनिक सही लाइसेंस और योग्य डॉक्टरों के बिना काम कर रहे हैं। यह मामला बताता है कि सस्ती सर्जरी कभी-कभी जानलेवा भी साबित हो सकती है। 

Disclaimer: यह खबर सोशल मीडिया पर मिली जानकारी के आधार पर तैयार की गई है। पंजाब केसरी इस कंटेंट की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं करता।


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Content Writer

Pardeep

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