सर्जरी के दौरान पेट से निकला... खाली करवाना पड़ा पूरा अस्पताल, डॉक्टर भी रह गए दंग

punjabkesari.in Wednesday, Feb 04, 2026 - 05:41 PM (IST)

नेशनल डेस्क : फ्रांस के टूलूज शहर में एक अस्पताल उस वक्त हाई अलर्ट पर चला गया, जब पेट में तेज दर्द की शिकायत लेकर आए एक युवक की जांच के दौरान डॉक्टरों के सामने चौंकाने वाली सच्चाई सामने आई। शुरुआती मेडिकल टेस्ट में युवक के शरीर के भीतर एक संदिग्ध धातु जैसी वस्तु दिखाई दी, जिसने पूरे मेडिकल स्टाफ को सकते में डाल दिया।

जैसे-जैसे जांच आगे बढ़ी, साफ हुआ कि युवक के निचले शरीर के अंदर करीब आठ इंच लंबा एक तोप का गोला फंसा हुआ है। यह कोई सामान्य वस्तु नहीं, बल्कि प्रथम विश्व युद्ध के दौर का जिंदा गोला-बारूद था। हालात की गंभीरता को देखते हुए अस्पताल प्रशासन ने तुरंत सुरक्षा एजेंसियों को सूचित किया और एहतियातन पूरे अस्पताल को खाली करा लिया।

मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, 24 वर्षीय युवक को शनिवार देर रात टूलूज़ के रंगुइल दुर्घटना एवं आपातकालीन विभाग में भर्ती कराया गया था। वह असहनीय दर्द से कराह रहा था। सर्जनों ने तत्काल आपातकालीन सर्जरी का फैसला लिया, जिसके दौरान इस खतरनाक वस्तु की पुष्टि हुई। गोले पर वर्ष 1918 अंकित था, जो इसे प्रथम विश्व युद्ध से जोड़ता है।

सुरक्षा एजेंसियां अलर्ट, बम निरोधक दस्ता तैनात

संभावित विस्फोट के खतरे को देखते हुए अस्पताल परिसर के चारों ओर सुरक्षा घेरा बनाया गया। बम निरोधक दस्ते और दमकल विभाग को मौके पर बुलाया गया। विशेषज्ञों की जांच के बाद यह स्पष्ट किया गया कि गोला नुकीला जरूर था, लेकिन तत्काल विस्फोट का खतरा नहीं था। इसके बाद बम निरोधक विशेषज्ञ उसे सुरक्षित तरीके से अपने साथ ले गए। उधर, मरीज की सर्जरी सफल रही और वह फिलहाल डॉक्टरों की निगरानी में अस्पताल में ही भर्ती है। युवक फ्रांस का ही नागरिक बताया गया है।

कैसे पहुंचा गोला शरीर के अंदर?

अब तक यह स्पष्ट नहीं हो पाया है कि इतना खतरनाक गोला युवक के शरीर के अंदर कैसे पहुंचा। अधिकारियों को आशंका है कि यह किसी पार्टी या स्टंट के दौरान हुई लापरवाही का नतीजा हो सकता है। एक अधिकारी के अनुसार, इस मामले में युवक से आने वाले दिनों में पूछताछ की जा सकती है। कानूनी पहलू भी सामने आ रहे हैं। अभियोजन पक्ष युवक पर “श्रेणी ए गोला-बारूद” रखने के आरोप में कार्रवाई पर विचार कर सकता है।

‘आयरन हार्वेस्ट’ से जुड़ा इतिहास

विशेषज्ञों के मुताबिक, बरामद किया गया यह गोला प्रथम विश्व युद्ध के दौरान इंपीरियल जर्मन सेना द्वारा इस्तेमाल किया जाता था। ऐसे विस्फोटक आज भी फ्रांस और आसपास के इलाकों में खेती, निर्माण कार्य या खुदाई के दौरान मिल जाते हैं। इन्हें ‘आयरन हार्वेस्ट’ कहा जाता है, जिसमें हर साल हजारों बिना फटे गोला-बारूद बरामद होते हैं। यह घटना न सिर्फ मेडिकल दुनिया के लिए हैरान करने वाली है, बल्कि यह भी दिखाती है कि सौ साल पुराना युद्ध आज भी किस तरह अप्रत्याशित खतरे पैदा कर सकता है।


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News Editor

Parveen Kumar

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