Exclusive Interview: मुझे अंदाजा नहीं था कि फिल्म को कान्स में स्टैंडिंग ओवेशन मिलेगा- सनी लियोनी

punjabkesari.in Wednesday, Feb 25, 2026 - 09:48 AM (IST)

नई दिल्ली/टीम डिजिटल। पूरी दुनिया में सराहना बटोरने के बाद फिल्म कैनेडी अब भारत में 20 फरवरी को जी5 पर रिलीज हो चुकी है। अंतरराष्ट्रीय फिल्म समारोहों में मिली जबरदस्त प्रतिक्रिया खासकर कान्स फिल्म फेस्टिवल में सात मिनट के स्टैंडिंग ओवेशन ने इस फिल्म को खास बना दिया है। इस फिल्म में सनी लियोनी और राहुल भट्ट मुख्य कलाकार के रूप में नजर आ रहे हैं। इस कड़ी में सनी लियोनी और राहुल भट्ट ने पंजाब केसरी, नवोदय टाइम्स, जगबाणी और हिंद समाचार से खास बातचीत की। पेश हैं मुख्य अंश... 

सनी लियोनी

सवाल 1: सबसे पहले उस पहले कॉल के बारे में बताइए। कास्टिंग प्रोसेस कैसा था?

जवाब: सबसे पहले अनुराग सर ने मेरे पति डेनियल को कॉल किया। डेनियल ने उनसे कहा आप मुझे क्यों कॉल कर रहे हैं? सीधे सनी को कॉल कीजिए। फिर अनुराग सर का फोन मुझे आया। उन्होंने कहा कि उनके पास एक फिल्म है और वो चाहते हैं कि मैं एक किरदार के लिए ऑडिशन दूं। मैंने तुरंत हां कर दी लेकिन फोन रखते ही मैं बहुत नर्वस हो गई। काफी समय बाद मैं ऑडिशन देने जा रही थी। मैंने उनसे स्क्रिप्ट मांगी। उन्होंने कहा कि ज़रूरत नहीं है, लेकिन मैंने ज़िद की खासतौर पर अगर डायलॉग हिंदी में हैं तो मुझे पहले चाहिए।

बाद में पता चला कि ये सब एक तरह का टेस्ट था। वो सिर्फ ये देखना चाहते थे कि मैं समय पर पहुंचती हूं या नहीं कितनी गंभीर हूं। जब मैं ऑडिशन के लिए गई, तो सिर्फ अनुराग सर ही नहीं, पूरा ऑफिस वहां मौजूद था। एक कमरे में सब बैठे थे और मुझे देख रहे थे। वो बेहद नर्व-रेकिंग था। मुझे यह फिल्म मिली और मैं बहुत गर्व महसूस कर रही थी। 

सवाल 2: कान्स में सात मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन, क्या उस पल ने आपको बदला?

जवाब: वो अनुभव जिंदगी बदल देने वाला था। एक कलाकार के तौर पर आप हमेशा सपने देखते हैं कि जिन लोगों को बचपन से देखते आए हैं, उनके साथ एक ही रेड कारपेट पर चलें। मुझे अंदाजा भी नहीं था कि स्टैंडिंग ओवेशन मिलेगा। जब लोग खड़े होकर तालियां बजा रहे थे तो समझ ही नहीं आया क्या हो रहा है। उस कमरे की एनर्जी अविश्वसनीय थी। ये सिर्फ फिल्म की सफलता नहीं थी बल्कि मेरी पूरी यात्रा का एक मुकाम था। जहां से शुरुआत हुई थी वहां से उस मंच तक पहुंचना ये एक सपना था जो हकीकत बन गया।

सवाल 3: अनुराग कश्यप को अक्सर गलत समझा जाता है। आप उनके साथ काम करने का अनुभव कैसा बताएंगी?

जवाब: वो एक बड़े से टेडी बियर जैसे हैं। आप उन्हें गले लगाना चाहेंगे। हमने सेट पर बहुत व्यक्तिगत बातें साझा की हमारी परवरिश, जिंदगी के अनुभव। वो बातचीत बेहद ऑर्गेनिक थी। उनके साथ काम करना सबसे आसान अनुभवों में से एक था। वो तैयारी के लिए पूरा समय देते हैं। कई निर्देशक कहते हैं “कल से शूटिंग शुरू।” लेकिन अनुराग सर के साथ सब कुछ पहले से तैयार था। सेट पर माहौल भले गंभीर हो डिम लाइट, गहरा सीन लेकिन वो खुद बेहद सहज और प्यारे इंसान हैं।

राहुल भट्ट

सवाल 4: इस फिल्म के लिए आपकी कास्टिंग कैसे हुई थी?

जवाब: मेरा और अनुराग कश्यप का रिश्ता हमेशा भरोसे और समझ पर टिका रहा है। मैंने कभी उनसे किसी फिल्म में मुझे कास्ट करने की जिद नहीं की बल्कि कई बार उनके साथ बैठकर किसी और अभिनेता को लेने की सलाह भी दी। एक दिन उन्होंने ऐसे ही एक ऐसे अंधेरे और रहस्यमय किरदार की कहानी सुनाई और मुंबई लौटकर कहा कि बिल्कुल पतले हो जाओ, जैसे गायब हो गए हो मैंने 7–8 किलो वजन कम भी कर लिया। फिर अचानक उन्होंने कहा कि अब पहलवान बनना है सांड जैसा और मुझे Bullhead देखने को कहा। मैं हैरान था कि पहले पतला किया अब मोटा कर रहे हैं मैंने दो महीने कड़ी मेहनत कर शरीर बनाया लेकिन उनका फोन नहीं आया तो लगा सब बेकार गया। आखिरकार मैंने रात 12 बजे अपनी फोटो भेजी और एक मिनट में उनका कॉल आया “This is my Kennedy”। इसके बाद स्क्रिप्ट आई और असली तैयारी शुरू हुई।

सवाल 5: आपको कैसा लगा जब कान्स में सात मिनट का स्टैंडिंग ओवेशन मिला ?

जवाब: कान्स का ग्रांड लुमिएर थिएटर, रेड कारपेट किसे अच्छा नहीं लगेगा? वो रेड कारपेट दिखने में बहुत लंबा लगता है, लेकिन असल में सिर्फ कुछ कदमों का होता है। लेकिन उन कुछ कदमों में लाखों कैमरे, इंटरनेशनल मीडिया, इतिहास सब साथ चल रहा होता है। मैं बस आभारी हूं कि जिंदगी में ये देखने को मिला। “Been there, done that” लेकिन वो एहसास हमेशा साथ रहेगा।

सवाल 6: ‘कैनेडी’ का किरदार बेहद क्रूर और रुथलेस है। क्या ये आपके लिए लिब्रेटिंग था या एक्सॉस्टिंग?

जवाब: ये बिल्कुल भी लिब्रेटिंग नहीं था। ये बेहद बोझिल था। मुझे सच में लगता था जैसे कोई मेरे सीने में बैठा है। वो किरदार जमीन के नीचे रहने वाला राक्षस जैसा है। उसके लिए हत्या करना सामान्य बात है जैसे कोई चाय पीता है। उसकी साइकोलॉजी में घुसना आसान नहीं था। मैं इस किरदार से छुटकारा पाने के लिए उत्साहित था। जब शूट खत्म हुआ और मैंने शेव किया बाल कटवाए वो असली लिबरेशन था। मैं उससे छुटकारा चाहता था।

 


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Content Editor

Manisha

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