AI से बनी फर्जी तस्वीरों से परेशान होकर हाई कोर्ट पहुंची Preity Zinta, कोर्ट ने दिया राहत भरा आदेश
punjabkesari.in Saturday, Jul 04, 2026 - 05:35 PM (IST)
Preity Zinta : बॉलीवुड की अभिनेत्री प्रीति जिंटा ने हाल ही में अपनी तस्वीरों और वीडियो का AI के जरिए कथित तौर गलत इस्तेमाल किए जाने के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट का रुख किया। उनका आरोप है कि उनकी पहचान का उपयोग कर फर्जी और मॉर्फ्ड कंटेंट सोशल मीडिया पर फैलाया जा रहा है। इस याचिका पर सुनवाई करते हुए जस्टिस माधव ने मामले की गंभीर मानते हुए महत्वपूर्ण निर्देश जारी किए। अदालत ने संबंधित प्लेटफॉर्म्स को आपत्तिजनक सामग्री हटाने के लिए टेकडाउन मैकेनिज्म अपनाने का आदेश दिया। चलिए जानते हैं क्या है पूरा मामला-

प्रीति जिंटा पहुंची हाई कोर्ट के द्वार
रिपोर्टस के अनुसार प्रीति जिंटा ने हाल ही में Google, Meta, डोमेन रेजिस्ट्रार और अन्य सम्बंधित पक्षों के खिलाफ बॉम्बे हाई कोर्ट याचिका दायर की है। उनका आरोप है कि AI तकनीक का इस्तेमाल कर उनकी तस्वीरों और वीडियो से छेड़छाड़ की जा रही है और उनकी पहचान का गलत फायदा उठाया जा रहा है। प्रीति का कहना है की सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म्स जैसे Instagram, Facebook और YouTube पर उनके नाम और चेहरे का उपयोग कर AI से तैयार किए गए दीपफेक वीडियो और मॉर्फ्ड तस्वीरें तेजी से साझा की जा रही हैं। इसी वजह से उन्होंने इस मामले में क़ानूनी कार्रवाई का सहारा लिया है।

डीपफेक कंटेंट की पहचान करना बेहद मुश्किल
प्रीति जिंटा की ओर से इस मामले की पैरवी वरिष्ठ अधिवक्ता वेंकटेश धोंड कर रहे हैं। उन्होंने हाई कोर्ट को बताया कि AI तकनीक के बढ़ते इस्तेमाल के कारण डीपफेक कंटेंट की पहचान करना बेहद ही चुनौतीपूर्ण हो गया है। वकील ने अदालत से अनुरोध किया कि इस तरह के भ्रामक और आपत्तिजनक कंटेंट को हटाने के लिए प्रभावी कदम उठाए जाएं। उनका कहना था कि इस तरह की गतिविधियां प्रीति जिंटा के नैतिक अधिकारों, निजता और व्यक्तित्व अधिकारों का उल्लंघन करती हैं। उन्होंने यह भी बताया कि कई वेबसाइट्स बिना किसी अनुमति के अभिनेत्री के नाम का इस्तेमाल कर रही हैं। इन वेबसाइट्स का प्रीति जिंटा से कोई संबंध नहीं है, फिर भी उनके नाम का शरा लेकर लोगों को गुमराह किया जा रहा है।
अश्लील कंटेंट वाले लिंक हटाने के लिए तैयार
प्रीति के इस मामले में वकीलों ने कहा है कि यदि AI से तैयार के गए मॉर्फ्ड या अश्लील कंटेंट के URL की पहचान कर देती हैं तो संबंधित लिंक हटाने की प्रक्रिया में वह आवश्यक सहयोग देने के लिए तैयार हैं।

