हिंदू-मुस्लिम से बाहर आएं... ऐसा क्या हुआ जो भड़कीं Kangana Ranaut,  Sharmila Tagore को सुना दी खरी-खोटी

punjabkesari.in Friday, Aug 21, 2026 - 12:15 PM (IST)

Kangana Ranaut on  Sharmila Tagore : कंगना आए दिन अपने बयान की वजह से सुर्खियों में आई रहती हैं। 2 दिन पहले ही सोशल मीडिया पर कंगना और रामदेव बाबा की कंट्रोवर्सी देखने को मिली। इसी के साथ ये सिलसिला खत्म नहीं हुआ, अब  उन्होंने सोशल मीडिया पर लिख कर शर्मीला टैगोर को खरी-खोटी सुनाई है।  अभिनेत्री-राजनेता कंगना रनौत ने दिग्गज अभिनेत्री शर्मिला टैगोर की 'वंदे मातरम' पर हालिया टिप्पणियों पर प्रतिक्रिया देते हुए कहा है कि इस कविता को केवल धार्मिक नजरिए से नहीं देखा जाना चाहिए। 'क्वीन' अभिनेत्री ने गुरुवार को अपनी इंस्टाग्राम स्टोरीज पर टैगोर के हालिया इंटरव्यू का एक वीडियो शेयर किया और कहा कि वह राष्ट्रीय गीत के बारे में दिग्गज अभिनेत्री की आपत्तियों का सम्मान करती हैं। हालांकि, वह शर्मिला द्वारा कविता की व्याख्या करने के तरीके से सहमत नहीं थीं।

एक कलाकार के तौर पर कविता के बारे में बात करते हुए कंगना ने कहा कि कविता में अक्सर बड़े संदेश देने के लिए रूपकों और कल्पना का इस्तेमाल किया जाता है।

उन्होंने लिखा, "मैं इस बात की सराहना करती हूं कि शर्मिला जी ने वंदे मातरम पर अपनी आपत्ति जताई है, लेकिन एक कलाकार के तौर पर मुझे हैरानी है कि कला/कविता पर उनकी सोच इतनी सीमित और बनावटी कैसे हो सकती है। किसी भी कविता या गीत में शब्द रूपक होते हैं, एक कवि या कलाकार मनचाहा असर पैदा करने के लिए हर तरह की कल्पना और अविश्वसनीय समानताएँ इस्तेमाल करता है। वंदे मातरम आजादी की लड़ाई की भावना है, बंकिम चंद्र जी देश को अपने भीतर की शक्ति को जगाने के लिए प्रेरित कर रहे हैं। आप कला के इतने महान नमूने को सिर्फ़ धार्मिक रीति-रिवाज कैसे कह सकते हैं ?

कंगना ने आगे कहा कि कविता में 'शक्ति' का जिक्र ताकत और सामर्थ्य के प्रतीक के तौर पर देखा जा सकता है। उन्होंने लोगों से यह भी कहा कि वे इस गीत पर चर्चा करते समय "हिंदू-मुस्लिम सोच" से ऊपर उठें।

उन्होंने लिखा, "विवेकानंद ने मशहूर बात कही थी कि मुझे ऐसे युवा चाहिए जो लोहे जैसे मज़बूत हों, "स्टील जैसी हड्डियां और नसों में बिजली जैसी ताकत-वे मौसम का हाल नहीं बता रहे थे, बल्कि 'शक्ति' को जागने के लिए कह रहे थे। आइए, हिंदू-मुसलमान वाली सोच से बाहर निकलें, भले ही हम एक ही ईश्वर को मानते हों, डॉक्टर भी उस ताकत को 'शक्ति' ही कहते हैं। आइए, एक-दूसरे को अपना समझकर गले लगाएं। मैं आपसे बहुत प्यार करता हूं और मुझे आपके जोरदार गले मिलने से कोई परेशानी नहीं है, जैसा आप हमेशा करते हैं। 'वंदे मातरम' विवाद कांग्रेस मुख्यालय के एक वीडियो से शुरू हुआ, जिसमें 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस समारोह के दौरान राष्ट्रगीत गाए जाते समय खड़गे और सोनिया गांधी को बातचीत करते हुए देखा गया। इसके बाद बीजेपी ने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व पर 'वंदे मातरम' का अपमान करने का आरोप लगाया और सार्वजनिक रूप से माफ़ी की मांग की। 


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Content Editor

Prachi Sharma

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