बॉलीवुड का वो बंगला जहां Birthday Party बनी मौत का मंजर, 20वें जन्मदिन पर बिछ गईं तीन लाशें...दिल दहला देगी अंदर की कहानी
punjabkesari.in Thursday, Aug 06, 2026 - 04:48 PM (IST)
Kamal Sadanah : 21 अक्टूबर 1990 का दिन एक्टर कमल सदाना के लिए कभी न भूलने वाला बन गया। जिस दिन वह अपना 20वां जन्दमदिन मना रहे थे, उसी रात उनका पूरा परिवार बिखर गया। दोस्तों के साथ जन्मदिन मनाकर जब वह बांद्रा वाले अपने घर जल कमल लौटे, तभी अचानक घर में गोली चलने की आवाज गूंजी। कुछ ही सेकंड में दूसरी गोली चली और जब कमल दौड़कर पहुंचे तो उन्होंने अपनी मां सईदा यानि सुधा खान और बहन नम्रता को खून से लथपथ जमीन पर पड़ा देखा। उनके पिता और मशहूर फिल्म निर्माता ब्रिज सदानह हाथ में लाइसेंसी रिवॉल्वर लिए खड़े थे।
कमल कुछ समझ पाते, उससे पहले ही उनके पिता ने उनके ऊपर भी गोली चला दी। गोली उनकी गर्दन के पिछले हिस्से को छूते हुए निकल गई और वह चमत्कारिक रूप से बच गए। इसके बाद ब्रिज सदानह ने खुद भी आत्महत्या कर ली। कुछ ही घंटों में कमल ने अपनी मां, बहन और पिता तीनों को खो दिया।

बाद में सामने आई जानकारियों के मुताबिक, ब्रिज सदानह लम्बे समय से पेशेवर असफलताओं, शराब की लत और पारिवारिक तनाव से परेशान थे। घर में अक्सर झगडे होते थे और कई लोगों ने दावा किया कि ये विवाद हिंसक भी हो जाते थे। हालांकि, इस हत्याकांड की असली वजह कभी सामने नहीं आई क्योंकि मुख्य आरोपी की घटनास्थल पर ही मौत हो गई थी।
गोली लगने के बावजूद कमल ने पहले अपनी मां और बहन को अस्पताल पहुंचाने की कोशिश की। उन्हें खुद इस बात का एहसास नहीं था की उन्हें भी गोली लगी है। अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने बताया की उनकी गर्दन में भी गोली लगी है। उसी दिन उनकी सर्जरी हुई लेकिन जब उन्हें होश आया तो उनकी मां और बहन की मौत हो चुकी थी। बाद में उन्हें पता चला कि उनके पिता ने भी खुदखुशी कर ली थी।
कमल ने बताया की उनका जिन्दा बचना किसी चमत्कार से कम नहीं था। गोली उनकी गर्दन से गुजर गई लेकिन किसी महत्वपूर्ण नस या रक्त वाहिका को नुकसान नहीं पहुंचा। उन्होंने बताया कि उस रात उनका मकसद खुद को बचाना नहीं बल्कि अपनी मां और बहन की जान बचाना था।

इस घटना के दौरान उस घर में उनके दोस्त भी मौजूद थे। करीबी दोस्त अबिस रिज़वी ने भी उनकी जान बचाने में अहम भूमिका निभाई। उन्होंने कमल को इलाज दिलाने में मदद की और बाद में दोनों ने साथ में भी काम किया। लेकिन 2017 में इस्तांबुल के रीना नाइटक्लब पर हुए आतंकी हमले में अबीस की भी मौत हो गई, जिसकी वजह से कमल और ज्यादा सदमे में चले गए।
नहीं मानी कमल ने हार
इतना सब कुछ हो जाने के बाद भी कमल ने हार नहीं मानी और बॉलीवुड में अपना कदम रखा। उन्होंने बेखुदी फिल्म से अपने करियर की शुरुआत की और आगे जाकर इंडस्ट्री को बहुत सी फिल्में भी दीं। बाद में उन्होंने निर्देशन भी किया और 'सलाम वेंकी' तथा 'पिप्पा' जैसी फिल्मों से अभिनय में वापसी की।
आज तक नहीं मनाते अपना जन्मदिन
इस घटना के बाद कमल ने अपना जन्मदिन मनाना छोड़ दिया। आज भी वह उसी घर में रहते हैं, जहां यह दर्दनाक घटना हुई थी। उनका कहना है कि जिंदगी
में दुःख हमेशा बना रहेगा लेकिन इंसान को नफरत के साथ नहीं जीना चाहिए। 21 अक्टूबर उनके लिए आज भी उस रात की याद लेकर आता है, जब जन्मदिन का जश्न कुछ ही पलों में एक खौफनाक त्रासदी में बदल गया और वह अपने पूरे परिवार को हमेशा के लिए खो बैठे।
