Jahnvi Kapoor ने किया कबूल, फिल्म Peddi ने यौन उत्पीड़न को दिया बढ़ावा, बोलीं- 100 % मुझसे गलती हुई है, आगे से ऐसा नहीं होने दूंगी
punjabkesari.in Thursday, Oct 29, 2026 - 10:39 AM (IST)
Jahnvi Kapoor on Peddi Movie : अभिनेत्री जाह्नवी कपूर ने स्वीकार किया है कि पेडी फिल्म में अपने किरदार के ऑब्जेक्टिफिकेशन को रोकने के लिए वह और बेहतर कर सकती थीं। उन्होंने इस फिल्म से जुड़े विवाद में अपनी भूमिका की जिम्मेदारी ली है।
अभिनेत्री ने अभिनेता वरुण धवन के साथ 'कॉफी विद करण सीजन 9' में शामिल होने के दौरान इस मुद्दे पर बात की। बातचीत के दौरान, शो के होस्ट करण जौहर ने उनसे उस आलोचना के बारे में पूछा जो बुची बाबू सना द्वारा निर्देशित और राम चरण अभिनीत इस स्पोर्ट्स ड्रामा में उनके किरदार 'अचियम्मा' के चित्रण को लेकर हुई थी।

आलोचना का जवाब देते हुए, जाह्नवी ने कहा कि यह मुद्दा उनके मन पर बोझ बना हुआ है। उन्होंने माना कि फिल्म में उनके किरदार को जिस तरह से दिखाया गया, उसे अलग तरीके से पेश किया जा सकता था।
उन्होंने कहा, "...इस तरह की कहानी का हमारे समाज पर जो नकारात्मक प्रभाव पड़ सकता है, वह मेरे मन पर एक भारी बोझ की तरह है- खासकर मेरे लिंग (महिलाओं) के संदर्भ में। यह शर्मिंदगी हमेशा मेरे साथ रहेगी। क्या मैं कुछ और कर सकती थी? क्या मैं और अधिक सतर्क रह सकती थी? 100% हाँ। क्या यह समस्यापूर्ण था, क्या यह हद से ज्यादा 'ऑब्जेक्टिफिकेशन' था ? क्या इसने कहानी के जरिए यौन उत्पीड़न को बढ़ावा दिया ? हां। लेकिन अब मैं बस इतना कर सकती हूं कि यह सुनिश्चित करूं कि ऐसा दोबारा न हो और हां, मुझे यह कहते हुए अच्छा नहीं लग रहा क्योंकि ऐसा लग सकता है कि मैं दोष दूसरों पर डाल रही हूं लेकिन बात यह है कि आपको डायरेक्टर की बात सुननी पड़ती है। जैसे-जैसे मुझे जानकारी मिलती गई, मैं कोशिश करती रही कि चीज़ों को कम से कम समस्यापूर्ण बनाया जाए। आप तो जानते ही हैं कि शायद ही कभी कोई पूरी तरह से तैयार (बाउंड) स्क्रिप्ट होती है और ऐसी स्क्रिप्ट्स में भी बहुत कम ही देखने को मिलता है कि कैमरा एंगल कहां होंगे। दक्षिण (साउथ) में तो शायद ही कभी कोई पूरी तरह से तैयार स्क्रिप्ट होती है और उसमें भी कैमरा एंगल कहाँ होंगे, यह बहुत कम ही पता चलता है।

जाह्नवी ने आगे कहा कि उन्हें इंडस्ट्री में अपनी स्थिति का बेहतर इस्तेमाल करना चाहिए था, ताकि वे अपने किरदार को दिखाए जाने के तरीके पर अपनी चिंताएं जाहिर कर पातीं। लेकिन इसके साथ ही, मुझे अपनी जिम्मेदारी भी लेनी चाहिए। मैं एक विशेषाधिकार प्राप्त पृष्ठभूमि से आती हूं। मुझे इसका फ़ायदा उठाना चाहिए था क्योंकि वैसे भी 'प्रिविलेज्ड' होने की वजह से मुझे आलोचना तो झेलनी ही पड़ती है। तो बेहतर होता कि मैं इसका इस्तेमाल कर लेती।" जो लोग नहीं जानते, उन्हें बता दें कि पेडी को लेकर विवाद तब शुरू हुआ जब दर्शकों ने आलोचना की कि अचियम्मा के किरदार को इस तरह पेश किया गया है जिसमें उसकी कामुकता पर बहुत ज़्यादा जोर दिया गया है। कुछ लोगों ने यह भी चिंता जताई कि क्या कुछ दृश्य यौन उत्पीड़न को बढ़ावा देते हैं या उसे सामान्य करते हैं।
बाद में डायरेक्टर बुची बाबू सना ने सार्वजनिक रूप से माफी मांगी और कहा कि उनकी टीम का महिलाओं का अनादर करने या उन्हें केवल एक 'वस्तु' (ऑब्जेक्ट) की तरह पेश करने का कोई इरादा नहीं था। जिन दृश्यों की आलोचना हुई थी, उन्हें फ़िल्म के थिएट्रिकल वर्ज़न से हटा दिया गया या उनमें बदलाव कर दिया गया।
