सफलता के पीक पर Dia Mirza ने ले लिया था करियर से ब्रेक, बोलीं- सब कुछ होने के बावजूद भी अकेला महसूस करती थी
punjabkesari.in Saturday, Jun 06, 2026 - 02:55 PM (IST)
Dia Mirza : फिल्म 'रहना है तेरे दिल में' में से अपनी पहचान बनाने वाली Dia Mirza ने हर किसी के दिल में खास जगह बनाई थी। इसके बाद से उन्होंने इंडस्ट्री को बहुत सी हिट फिल्में दीं। अपनी शानदार अदाकारी और सादगी के लिए पहचानी जाने वाली दीया ने हाल ही में अपनी जिंदगी के एक ऐसे दौर के बारे में बात की, जिसने उन्हें भीतर से बदल कर रख दिया।

एक इंटरव्यू के दौरान उन्होंने बताया कि 24 साल की उम्र में उन्हें वो सब कुछ मिल गया कि जिसकी चाह हर किसी को होती है। नाम, पैसा, शोहरत उनके पास सब कुछ था। इसके अलावा वो काफी सुन्दर भी दिखती थीं और उनकी लाइफ भी बहुत परफेक्ट थी लेकिन उन्होंने बताया कि इतना सब कुछ होने के बाद वो काफी अकेला महसूस करती थीं। इतनी सफलता मिलने के बाद भी वो खुश नहीं थीं।
इसके बाद दिया मिर्ज़ा ने बताया कि सफलता के दौरान उन्होंने खुद से सवाल करना शुरू कर दिया था कि क्या केवल सफलता और शोहरत ही जिंदगी में संतुष्टि देने के लिए काफी हैं। इसी आत्मान्थम ने उन्हें खुद को बेहतर तरीके से समझने और जिंदगी के असली मायने तलाशने की राह दिखाई। इसके बाद उन्होंने खुलासा किया कि जिंदगी की ख़ुशी सिर्फ सफलता में नहीं बल्कि आत्मसंतोष और जीवन के प्रति संतुलित दृष्टिकोण में छिपी होती है।

पीक सफलता पर छोड़ दिया था करियर
एक पॉडकास्ट के दौरान दिया मिर्ज़ा ने बताया था कि जब मेरा करियर पीक पर था, तब उन्होंने ये फैसला किया था कि वो करियर से ब्रेक लेंगी। अपने उस समय को याद करते हुए दिया ने कहा-
'दीया मिर्जा ने बताया कि एक समय ऐसा था जब उनके पास आर्थिक सुरक्षा, अपना घर और एक सफल करियर सब कुछ था। वह अपनी जिंदगी में पूरी तरह स्वतंत्र थीं और रोजमर्रा के खर्चों या भविष्य की चिंताओं से भी मुक्त थीं। इसके बावजूद उन्हें भीतर से संतुष्टि महसूस नहीं हो रही थी। उन्होंने महसूस किया कि भौतिक उपलब्धियां और सफलता मिलने के बाद भी वह उस खुशी और सुकून तक नहीं पहुंच पाई थीं, जिसकी उन्हें तलाश थी। यही एहसास उन्हें अपनी जिंदगी और प्राथमिकताओं पर दोबारा विचार करने के लिए प्रेरित करता रहा।'
शोहरत से भर गया था मन
भाग-दौड़ के बीच उन्होंने यह सोचा कि असल जिंदगी में उनके लिए सबसे ज्यादा क्या जरुरी है ? कामयाबी के पीछे भागने की बजाय उन्होंने सोचा कि बीच में कुछ समय के लिये ब्रेक लिया जाए।

