किसी ने बताया full entertainer तो किसी ने निकाली कमियां, जानिए अजय देवगन की Dhamaal 4 को देख क्या बोले दर्शक ?

punjabkesari.in Friday, Jul 10, 2026 - 01:58 PM (IST)

Dhamaal 4 Review : बॉलीवुड की कॉमेडी फिल्म धमाल 4 ने आखिरकार सिनेमाघरों में दस्तक दे दी है। हाल ही में रिलीज़ हुई वेलकम टू द जंगल के बाद अब दर्शकों को हंसी का एक और बड़ा डोज मिलने वाला है। फिल्म में अजय देवगन, अरशद वारसी, जावेद आफरी, रवि किशन, संजय मिश्रा, उपेंद्र लिमये, अंजलि आनंद, ईशा गुप्ता और विजय पाटकर जैसे कई सितारें अहम भूमिकाओं में नजर आ रहे हैं। 
 
इस बार भी फ्रेंचाइजी की सबसे पसंदीदा जोड़ी आदि और मानव, यानि अरशद वारसी और जावेद जाफरी, एक बार फिर अपने मजेदार अंदाज से दर्शकों का मनोरंजन करती दिखाई दे रही है। फिल्म रिलीज होते ही सोशल मीडिया प्लेटफार्म x पर दर्शकों ने अपने शुरूआती रिएक्शन शेयर करने शुरू कर दिए हैं। जहां कई लोगों ने ओरिजिनल स्टारकास्ट की वापसी और उनकी कॉमिक टाइमिंग की जमकर तारीफ की, वहीं कुछ दर्शकों का मानना है कि फिल्म के कई जोक्स उम्मीद में मुताबिक असर नहीं छोड़ पाए। 

ऐसा मिला धमाल 4 को रिव्यू
एक यूजर ने ट्विटर पर लम्बा सा नोट लिख कर बताया की- 
'धमाल' आपको हँसने पर मजबूर कर देती है। मस्ती से भरपूर इस फिल्म में बैक-स्टोरीज़ के बारे में बहुत कुछ है। हो सकता है कि आप 'धमाल' की पिछली तीन फिल्मों से जुड़े सभी मज़ाकिया संदर्भ न समझ पाएं। लेकिन आप इस ज़बरदस्त एडवेंचर का हिस्सा बनने के अहसास से बच नहीं सकते, जिसमें इस जॉनर की फिल्मों में अब तक के सबसे बेहतरीन स्पेशल इफेक्ट्स का इस्तेमाल किया गया है। शुरुआत खराब होने के बावजूद, फिल्म की लगातार मस्ती आपको अपनी ओर खींच लेती है। ज़्यादातर हंगामा बचकाना लगता है। लेकिन इतने लंबे समय से काम कर रहे डायरेक्टर की तारीफ़ करनी होगी कि उन्होंने अपने अंदर के बच्चे को ज़िंदा रखा है। साथ ही, देवगन की भी तारीफ़ होनी चाहिए कि उन्होंने इतनी अच्छी टीम स्पिरिट दिखाई।

 

 

धमाल 4 की खामियां 
एक ने फिल्म की कुछ कमियों को बताते हुए कहा कि धमाल 4 पूरी तरह से बहुत बोरिंग है। उन्होंने अक्षय कुमार की  तारीफ करते हुआ कहा कि हर कोई उनके जैसा नहीं हो सकता है। फिल्म में कुछ सीन ऐसे थे कि उन्हें देखकर हसी आए लेकिन कुछ परफॉर्मेंस की कमियों के कारण वे बेअसर साबित हुए। 
 टियर 2 और टियर 3 शहरों के बच्चों को शायद यह फिल्म पसंद आए, लेकिन बड़ों के लिए इसमें कुछ खास नहीं है।'

कैसी थी सबकी एक्टिंग 
फिल्म की सबसे बड़ी ताकत इसकी स्टारकास्ट है। अजय देवगन अपने अंदाज में जंचते हैं, जबकि अरशद वारसी और जावेद जाफरी अपनी शानदार कॉमिक टाइमिंग से कई कमजोर दृश्यों को संभाल लेते हैं। रितेश देशमुख, संजय मिश्रा और रवि किशन भी अपने किरदार में प्रभाव छोड़ते हैं। अंजलि आनंद की भी तारीफ करने पड़ेगी, अपनी एक्टिंग से उन्होंने सबका मुँह बंद कर दिया, जो लोग उनकी बॉडी का मजाक उड़ाते थे। संजीदा शेख को सीमित मौका मिला है, जबकि ईशा गुप्ता का रोल बेहद छोटा है। कुल मिलाकर कलाकारों ने पूरा दम लगाया है, लेकिन कमजोर स्क्रिप्ट उनकी मेहनत पर भारी पड़ती है।


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Content Editor

Prachi Sharma

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