Nagbandham Review: इतिहास, आस्था और एक्शन का अनोखा मिश्रण, क्या है फिल्म में खास?
punjabkesari.in Friday, Jul 03, 2026 - 06:27 PM (IST)
फिल्म- नागबंधम (Nagabandham)
स्टारकास्ट- विराट कर्ण (Virat Karrna), नाभा नटेश (Nabha Natesh), ऋषभ साहनी (Rishabh Sawhney)
डायरेक्टर- अभिषेक नामा (Abhishek Nama)
रेटिंग- 3*
Nagabandham: अभिषेक नामा द्वारा निर्देशित फिल्म नागबंधम आखिरकार सिनेमाघरों में रिलीज हो चुकी है। इस फिल्म में विराट कर्ण, नाभा नटेश और ऋषभ साहनी मुख्य भूमिकाओं में नजर आते हैं। फिल्म की कहानी काफी अलग और रोचक है, जो दर्शकों को एक नई दुनिया से जोड़ने की कोशिश करती है। साथ ही इसमें कई नए और अनोखे तत्व भी शामिल किए गए हैं, जो इसे सामान्य फिल्मों से अलग बनाते हैं। चलिए जानते हैं कि फिल्म नागबंधम कैसी है...

कहानी
फिल्म की शुरुआत मानव जाति की अमरत्व पाने की अटूट चाह और असीम शक्ति हासिल करने के लालच को दर्शाते हुए होती है। कहानी में कुख्यात जोड़ी अब्दाली और बैरागी ऐतिहासिक श्रीरंगपुरम मंदिर में भगवान रंगनाथ के समीप स्थापित दिव्य स्वर्ण पुष्प ब्रह्म कमल को पाने के लिए उसके पीछे पड़ जाती है, क्योंकि उनका मानना है कि यह उन्हें अपार शक्ति और अमर गौरव प्रदान करेगा। दूसरी ओर, रुद्र इस पवित्र धरोहर की रक्षा करने और इसकी पवित्रता बनाए रखने के लिए हर संभव प्रयास करता है। वर्ष 1756 के एक फ्लैशबैक में धार्मिक अनुयायियों पर हुए क्रूर अत्याचार की घटना रुद्र के भीतर प्रतिशोध की ज्वाला भड़का देती है, जिसके बाद वह अब्दाली और बैरागी के विरुद्ध निर्णायक संघर्ष छेड़ देता है।

एक्टिंग
फिल्म में विराट कर्ण, नाभा नटेश और ऋषभ साहनी की एक्टिंग कहानी को मजबूती देने में अहम भूमिका निभाती है। विराट कर्ण ने रुद्र के किरदार में तीव्रता और आक्रोश को प्रभावशाली ढंग से पेश किया है, खासकर एक्शन और इमोशनल दृश्यों में उनका प्रदर्शन किरदार की गंभीरता को उभारता है। नभा नटेश अपने किरदार में स्क्रीन प्रेज़ेंस और भावनात्मक संतुलन लेकर आती हैं, जिससे कहानी में एक मानवीय और संवेदनशील परत जुड़ती है। वहीं ऋषभ साहनी ने विलेन की भूमिका में सख्ती और चालाकी को अच्छे से दिखाया है, जिससे उनका किरदार प्रभावशाली और यादगार बनता है। कुल मिलाकर, तीनों कलाकारों का अभिनय फिल्म के टकराव और ड्रामे को और ज्यादा असरदार बनाता है।

डायरेक्शन
फिल्म के निर्देशक Abhishek Nama नेनागबंधम में एक रोचक और पौराणिक तत्वों से भरपूर कहानी को पर्दे पर लाने की कोशिश की है। उनकी निर्देशन शैली में भव्यता और भावनात्मक गहराई दोनों का संतुलन दिखाई देता है, जहां प्राचीन कथा को आधुनिक सिनेमाई ट्रीटमेंट के साथ पेश किया गया है। फिल्म का कॉन्सेप्ट मजबूत और अलग नजर आता है, जो दर्शकों को शुरुआत से लेकर अंत तक कहानी से जोड़े रखने की क्षमता रखता है। एक्शन, विजुअल्स और ड्रामेटिक ट्रीटमेंट के जरिए उन्होंने कहानी को प्रभावी ढंग से आगे बढ़ाने का प्रयास किया है, जिससे फिल्म का ओवरऑल नैरेटिव दिलचस्प और एंगेजिंग बनता है।
